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अलीगढ़ः बिना डॉक्टर व स्टाफ के कोरोना से जारी है जंग

Fri, 21 Jan 2022 11:36 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 11:36 PM IST
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The battle with Corona continues without doctors and staff
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के कमरों की टूटी खिड़कियां । - फोटो : CITY OFFICE
कौशल कुमार ओझा
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विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं प्रशिक्षित स्टाफ के बिना कोरोना की तीसरी लहर से जंग जारी है। 300 बेड के पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय (एल-2) में तीन शिफ्ट में पूरे महीने अस्पताल संचालन के लिए 566 डॉक्टर एवं स्टाफ चाहिए। लेकिन 164 डॉक्टर एवं स्टाफ के भरोसे ही अस्पताल चल रहा है।
दूसरी लहर की तबाही के बाद अस्पताल में संसाधनों को बढ़ाने का पूरा प्रयास किया गया है। पीडियाट्रिक आईसीयू, वेंटिलेटर, आईसीयू, ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन कन्संट्रेटर के साथ ही अन्य तमाम संसाधनों में वृद्धि हुई है। लेकिन डॉक्टर एवं स्टाफ की समस्या आज भी बरकरार है। जबकि इसकी वजह से दूसरी लहर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। सामान्य वार्ड की कौन कहें, आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टर, प्रशिक्षित स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी है।
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बार-बार मांग के बावजूद दिक्कत बरकरार
ओमिक्रॉन की संभावना को देखते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में मानव संसाधन की मांग शुरू से ही हो रही है। यह कोविड समर्पित अस्पताल (एल-2) है। महीने में 15-15 दिन की ड्यूटी के लिए प्रत्येक शिफ्ट में 12 मेडिकल ऑफिसर, 3 निश्चेतक, 2 फिजिशियन, 1 बाल रोग विशेषज्ञ, स्टाफ नर्स 24, वार्ड ब्वाय/आया 18, सफाईकर्मी 10, ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेटर 3, पैथोलोजिस्ट 1, एलटी 8, कंप्यूटर ऑपरेटर 2, एक्सरे टेक्नीशियन 2, एक्सरे असिस्टेंट 2, ईसीजी टेक्नीशिन 1, डिप्लोमा एनेस्थीसिया असिस्टेंट 3 और आरटीपीसीआर के लिए एलटी 5, कंप्यूटर ऑपरेटर 1 एवं एलए 1 की जरूरत है, जिनकी कुल संख्या 99 है। तीन शिफ्ट में 15 दिन काम करने के लिए कुल 286 का स्टाफ चाहिए। इसी तरह एक महीने के लिए 566 डॉक्टर, स्टाफ नर्स सहित अन्य कर्मचारियों की जरूरत होगी। वर्तमान में अस्पताल में 164 डॉक्टर व कर्मचारी उपलब्ध हैं। यानी 402 की कमी है। आईसीयू जैसे महत्वपूर्ण जगह पर भी डॉक्टर, नर्स एवं स्टाफ की भारी कमी है। यह लापरवाही मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ की तरह है।
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दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में कोविड एवं नॉन कोविड मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। इसकी वजह से डॉक्टर एवं स्टाफ बंट गया है। कोविड एवं नॉन कोविड आईसीयू संचालित हो रहे हैं। संदिग्ध गंभीर मरीजों को लेकर अलग समस्या है। स्टाफ की कमी पहले से हैं। हमारे कई डॉक्टर एवं स्टाफ कोविड से संक्रमित हुए हैं। अधिकारियों को समस्या से अवगत करा दिया गया है।

- डॉ. अनुपम भास्कर, सीएमएस
मुख्यमंत्री जी, मूल समस्या पर दें ध्यान
ओमिक्रॉन एवं तीसरी लहर के खतरे के बीच पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के डॉक्टर एवं स्टाफ स्वयं भयभीत है। उनका भय डॉक्टर एवं स्टाफ की कमी के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति की वजह से है। बार-बार समस्या से अवगत कराया जाता है लेकिन स्वास्थ्य से संबंधित प्रोटोकॉल पर अधिकारी ध्यान नहीं देते। नाम न छापने की शर्त पर स्वास्थ्यकर्मियों ने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री जी, मूल समस्या पर ध्यान दें।
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