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अलीगढ़ : दुर्गाबाड़ी में एक घंटे तक बंदरों का आतंक, घरों में कैद रहे लोग
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दुर्गाबाड़ी गली 4 में स्थित रोशन लाल के छत पर बैठा बंदर।
- फोटो : CITY OFFICE
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मोहल्ला दुर्गाबाड़ी में करीब एक घंटे तक बंदरों का आतंक रहा। डर के कारण लोग घरों में कैद रहे। नगर निगम के अधिकारियों ने फोन तक रिसीव नहीं किया। कंट्रोल रूम के कर्मचारी द्वारा वन विभाग से संपर्क करने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया गया। वन विभाग की टीम अंधेरा होने एवं बंदरों के जाने के बाद पहुंची।
मोहल्ला दुर्गाबाड़ी के गली नंबर 4 में सेवानिवृत्त प्रभारी उप निरीक्षक रोशन सिंह के निवास के पास कुत्तों ने एक बंदर को मार दिया। चंद मिनट में दर्जनों की संख्या में बंदर वहां पहुंच गए और मकान को घेर लिया। इस दृश्य को देखकर भयभीत लोग घरों में कैद हो गए। सपा के जिला सचिव एवं पूर्व पार्षद अफजाल हमीद सूचना पर मौके पर पहुंचे। बंदरों को देखकर वह भी एक घर में घुस गए। नगर निगम के अधिकारियों को फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। नगर निगम कंट्रोल रूम में फोन किया तो कर्मचारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वन विभाग को सूचित करें। वही लोग बंदर पकड़ सकते हैं। सफाई इंस्पेक्टर रामजी लाल ने भी वन विभाग को सूचित करने की बात कहकर टरका दिया।
वन विभाग को फोन किया गया और टीम अंधेरा होने के बाद पहुंची। तब तक अधिकतर बंदर इधर-उधर हो गए थे। वन विभाग के बीट इंचार्ज प्रेम शंकर एवं पुत्तूलाल मृत बंदर को लेकर गए। पूर्व पार्षद अफजाल हमीद ने कहा कि संकट के समय नगर निगम के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। किसी के साथ कुछ अनहोनी हो जाती तो कौन जिम्मेदार होता। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए फिर से अभियान शुरू किया जाएगा।
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मोहल्ला दुर्गाबाड़ी के गली नंबर 4 में सेवानिवृत्त प्रभारी उप निरीक्षक रोशन सिंह के निवास के पास कुत्तों ने एक बंदर को मार दिया। चंद मिनट में दर्जनों की संख्या में बंदर वहां पहुंच गए और मकान को घेर लिया। इस दृश्य को देखकर भयभीत लोग घरों में कैद हो गए। सपा के जिला सचिव एवं पूर्व पार्षद अफजाल हमीद सूचना पर मौके पर पहुंचे। बंदरों को देखकर वह भी एक घर में घुस गए। नगर निगम के अधिकारियों को फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। नगर निगम कंट्रोल रूम में फोन किया तो कर्मचारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वन विभाग को सूचित करें। वही लोग बंदर पकड़ सकते हैं। सफाई इंस्पेक्टर रामजी लाल ने भी वन विभाग को सूचित करने की बात कहकर टरका दिया।
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वन विभाग को फोन किया गया और टीम अंधेरा होने के बाद पहुंची। तब तक अधिकतर बंदर इधर-उधर हो गए थे। वन विभाग के बीट इंचार्ज प्रेम शंकर एवं पुत्तूलाल मृत बंदर को लेकर गए। पूर्व पार्षद अफजाल हमीद ने कहा कि संकट के समय नगर निगम के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। किसी के साथ कुछ अनहोनी हो जाती तो कौन जिम्मेदार होता। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए फिर से अभियान शुरू किया जाएगा।
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