शक, गुस्सा और प्रदर्शन: अलीगढ़ में तनावपूर्ण स्थिति, युवक का शव हुआ सुपुर्द-ए-खाक, पुलिस ने छह को भेजा जेल
मृतक के परिवार के समर्थन में आए लोगों ने रात को ही ये एलान कर दिया था कि नामजदों की गिरफ्तारी होने तक शव दफन नहीं किया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने रात भर दबिश देकर गिरफ्तारियां की। पोस्टमार्टम के बाद सुबह शव घर पहुंचा तो गम और गुस्से के बीच सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए ले जाया गया।
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अलीगढ़ महानगर के मिश्रित आबादी वाले मामू-भांजा इलाके में 18 जून रात चोरी के शक में युवक औरगंजेब की पिटाई से मौत के बाद 19 जून को भी पुराने शहर में तनाव की स्थिति बनी रही। व्यापारी व भाजपाई सुबह से ही व्यापारी पक्ष पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने और छह लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में लामबंद हो गए। बाजार बंद कराकर प्रदर्शन किया और कई जगह जाम भी लगाया।
मृतक युवक के परिवार के समर्थन में भी गम-गुस्सा दिखा और बाजार भी बंद रखे। दोपहर में अतिसंवेदनशील सब्जी मंडी चौराहे पर दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से टकराव के हालात बन गए। पुलिस ने बमुश्किल यहां स्थिति को संभाला। एक धार्मिक स्थल पर भी कुछ शरारती तत्वों ने पत्थर फेंककर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिससे वहां भगदड़ मच गई।
इस घटना में मृतक के भाई मो.जकी की तहरीर पर कपड़ा व्यापारी के पुत्र सहित दस नामजद व दस-बारह अज्ञात के खिलाफ थाना गांधीपार्क में हत्या और सहित कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें जकी ने भीड़ हिंसा का आरोप भी लगाया है। छह नामजद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मृतक के परिवार के समर्थन में आए लोगों ने रात को ही ये एलान कर दिया था कि नामजदों की गिरफ्तारी होने तक शव दफन नहीं किया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने रात भर दबिश देकर गिरफ्तारियां कीं। पोस्टमार्टम के बाद सुबह शव घर पहुंचा तो गम और गुस्से के बीच सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए ले जाया गया। इस दौरान घास की मंडी, ऊपरकोट इलाके के बाजार बंद रखे गए। घास की मंडी में मौत के विरोध में महिलाओं ने प्रदर्शन किया।
19 जून सुबह जैसे ही व्यापारियों व भाजपाइयों घटना की खबर मिली तो वे मामू भांजा में एकत्रित हो गए। हत्या का मुकदमा लिखने व गिरफ्तारी करने का विरोध शुरू कर दिया। शहर विधायक व मेयर सहित तमाम नेता भी पहुंच गए। बाजार नहीं खुलने दिए और मामू भांजा में धरना शुरू कर दिया। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर भी नहीं माने और उनसे नोकझोंक होती रही, नारेबाजी भी हुई।दोपहर में युवाओं की एक टोली बाजार बंद कराते हुए महावीरगंज पहुंची और अब्दुल करीम चौराहे पर धरना देकर बैठ गई।
उन्हें देख ऊपरकोट से दूसरे समुदाय के युवा भी एकत्रित होकर सब्जी मंडी चौराहे तक आ गए। अतिसंवेदनशील बॉर्डर पर दोनों ओर से टकराव के हालात के बीच जबरदस्त नारेबाजी से माहौल तनावपूर्ण बन गया। इस दौरान ऊपरकोट की ओर से दो पत्थर भी उछाले गए। मगर एडीएम सिटी व एसपी सिटी ने फोर्स की मदद से जैसे तैसे स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों ओर से भीड़ को वापस किया। इसके बाद व्यापारी के परिवार की महिलाओं के साथ रेलवे रोड पर धरना शुरू कर दिया।
इसी बीच मामू भांजा पहुंचे एसएसपी मौका मुआयना करने के बाद अपने साथ भाजपाइयों व जनप्रतिनिधियों को अपने आवास पर ले गए। जहां काफी देर तक हुई बातचीत में नेताओं को समझाया। तब वहां से लौटीं विधायक व अन्य नेताओं ने परिवार को समझाकर शाम पांच बजे जाम खुलवाकर धरना हटवाया। मगर बाजार शाम तक बंद रहे। चारों ओर पुलिस बल तैनात था।

गैर समुदाय का युवक चोरी के इरादे से घर में घुसा। इसी दौरान उसे पीटा गया। अस्पताल में उसे मृत घोषित किया गया। रात से ही पुलिस अलर्ट रही। मामले में मुकदमे के आधार पर छह गिरफ्तारी हुई हैं। शव दफन कराया गया है। व्यापारी पक्ष के समर्थन में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है। उन्हें समझाया गया है। शहर में तनाव के हालात बने थे। मगर कहीं पथराव नहीं हुआ है। बाकी माहौल पर नजर रखी जा रही है। दोनों पक्षों से संवाद कायम है।-संजीव सुमन, एसएसपी
यह था मामला
मामू भांजा रंगरेजान में 18 जून रात करीब साढ़े दस बजे एक युवक फरीद उर्फ औरंगजेब कपड़ा व्यापारी मुकेश चंद्र मित्तल के घर घुस रहा था। इसी दौरान उसे टोका तो वह भागने की कोशिश के दौरान जीने से गिर गया और बाद में कपड़ा व्यापारी पुत्र और अन्य लोगों ने उसे लाठी-डंडों से पीटा। पुलिस उसे अस्पताल में लेकर गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
ये हैं नामजद आरोपी
राहुल मित्तल, अंकित वार्ष्णेय, चिराग वार्ष्णेय, रिशव पाठक, अनुज अग्रवाल, मोनू पाठक, पंडित विजयगढ़ वाला, कमल बंसल उर्फ चौधरी, डिंपी अग्रवाल सभी निवासी रंगरेजान मामू भांजा व 10 से 12 अज्ञात आरोपी।