फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Ten years later, was freed from prison Muzzma

दस साल बाद कैद से आजाद हुई मौज्जमा

Thu, 09 Jun 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 09 Jun 2016 01:41 AM IST
विज्ञापन
Ten years later, was freed from prison Muzzma
दस साल बाद कैद हुई आजाद
महानगर के रियाज कॉलोनी में एक रेलवे अफसर ने एक अनाथ किशोरी को घर में गुलाम बनाकर रखा था। किशोरी का बड़ा भाई उस चंगुल से किसी तरह निकल आया था और उसने लोगों की मदद से बुधवार को अपनी बहन को बंधनमुक्त करा लिया। हालांकि रेलवे अफसर परिवार ने इसका विरोध भी किया और गाड़ी घेरकर आग लगाने तक की धमकी दी। मगर पुलिस के आगे एक न चली।
विज्ञापन

अब किशोरी को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है। चाइल्ड लाइन उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करेगी। इसके बाद आगे का निर्णय होगा।
कहानी कुछ इस तरह है कि 12 साल पहले फतेहपुर निवासी मेहताब व उसकी बहन मोज्जमा जब क्रमश: 6 व 4 साल के थे, तभी उनकी मां का इंतकाल हो गया। दोनों बच्चों के अनुसार यहां रेलवे में तैनात पिता अन्नू खां दोनों को अलीगढ़ ले आए।
विज्ञापन

कुछ दिन बाद ही ऑन ड्यूटी अन्नू खां की बीमारी के चलते मौत हो गई। तभी रेलवे में ही अफसर के पद पर तैनात अन्नू के करीबी मित्र व दूर के रिश्तेदार ने इन दोनों बच्चों को देखरेख के नाम पर जीआरपी से सुपुदर्गी ले लिया। साथ ही जो भी रकम विभाग से मिली, वह भी रख ली। रियाज कॉलोनी में रहने वाले अपने घर में रेलवे अफसर ने दोनों बच्चों को रखा। मगर कुछ ही दिन में बच्चों का वहां उत्पीड़न शुरू हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों की मानें तो उन्हें गुलाम की तरह रखा जा रहा था। जरा-जरा सी बात पर पीटा जाता। बच्चे बड़े होने लगे। मेहताब बाहर निकलने लगा और उसने बेलदारी शुरू कर दी। जिस ठेकेदार के यहां काम करता था। वहां अपनी बहन को छुड़ाने का जिक्र किया करता था। कई बार भाई-बहन ने वहां से भागने की कोशिश की तो घर से निकलते ही उन्हें दबोच लिया गया।
किसी तरह मेहताब सामाजिक संगठन से जुड़े शादाब जैदी, सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव सुबुही खान आदि के संपर्क में आया। उनकी मदद से बात क्वार्सी पुलिस तक पहुंची। पुलिस के साथ सभी लोग बुधवार को बच्ची को लेने पहुंचे तो वहां मोज्जमा को बमुश्किल निकलने दिया गया। किसी तरह लेकर बच्ची को नगला पटवारी चौकी आया गया तो वहां विरोध किया और गाड़ी तक घेर ली। मगर पुलिस सभी को थाने ले आई।

एसओ क्वार्सी रविंद्र बहादुर के अनुसार बच्ची चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दी गई है। चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार बच्ची ने फतेहपुर निवासी अपने कुछ रिश्तेदारों को बुलवाया है। बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed