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मंदिर के पुजारी को पीट पीटकर मार डाला
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कीलपुर में बाबा बालकदास की हत्या के बाद जांच करते पुलिस अधिकारी व डॉग स्कायड
- फोटो : KHAR
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थाना क्षेत्र के गांव कीलपुर के बाहर शिव मंदिर के पुजारी की शनिवार रात पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। रविवार सुबह मंदिर दर्शन करने पहुंचे ग्रामीणों ने जब पुजारी का चारपाई पर खून से लथपथ शव पड़ा देखा तो इलाके में सनसनी फैल गई। खबर पर पुलिस प्रशासनिक अमला पहुंच गया और फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड को बुला लिया गया। कई घंटे की जांच के बाद पुलिस को हत्या के संबंध में कोई मजबूत साक्ष्य तो हाथ नहीं लगा। मगर नशेड़ियों को लेकर इनपुट जरूर मिला है। इसके चलते इलाके के नशेड़ी पुलिस के रडार पर आ गए हैं।
गांव कीलपुर के बाहर जंगल में भगवान शिव का छोटा सा मंदिर है। मंदिर के समीप ही झोपड़ी बनाकर 65 वर्षीय पुजारी चंदन उर्फ बालकदास बाबा पुत्र सुखवीर सिंह निवासी महमूदनगर गुलावटी जनपद बुलंदशहर दो माह से रह रहे थे। रविवार की सुबह पूजा करने मंदिर पहुंचे एक ग्रामीण ने पुजारी का चारपाई पर लहूलुहान शव पड़ा देखा तो चीख पड़ा। पुजारी की हत्या की खबर आग की तरह फैली और ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा तत्काल मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को सूचना दी। खबर पाकर एसपी देहात मणीलाल पाटीदार, सीओ अतरौली पंकज श्रीवास्तव भी पहुंच गए। चारपाई के समीप ही एक टूटा पड़ा डंडा मिला जो खून से सना था। इससे पुलिस ने अनुमान लगाया है कि पुजारी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या की गई है। इस घटना के संबंध में मृत बाबा के बहनोई चरनपाल पुत्र विक्रम सिंह निवासी रंजीतगढ़ी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि बाबा की हत्या क्यों और किसने की? इस बिंदु पर गहराई से जांच की जा रही है।
दो माह पहले गांव से नशेड़ियों ने भगाया था पुजारी को
एसपी देहात मणीलाल पाटीदार के अनुसार पुजारी की बहन रंजीतगढ़ी गांव में है, इसी के चलते वह बुलंदशहर से यहां आकर बस गया था। दो महीने पहले तक पुजारी गांव के अंदर के मंदिर पर रहा था। उस मंदिर पर नशेड़ियों का जमावाड़ा होने लगा था। चूंकि पुजारी बेहद सात्विक प्रवृत्ति का बताया गया है और वह नशेड़ियों का विरोध करता था। इसलिए वहां नशेड़ियों के आतंक के चलते वह गांव के बाहर वाले मंदिर पर आ गया। बीच-बीच में अपनी बहन के गांव भी चला जाता था। अब लोगों ने बताया कि इस मंदिर पर भी नशेड़ियों की आवाजाही थी और बाबा यहां भी उनका विरोध करता था। इसके अलावा बाबा का अन्य कोई विवाद सामने नहीं आया है। अभी जांच की जा रही है। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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लड़की लेकर भी मंदिर पर जाते थे कुछ लोग
पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ लोग मंदिर पर लड़की लेकर भी जाया करते थे। इस बात का भी बाबा विरोध करता था। रविवार को दिन में भी वहां किसी लड़की को इलाके के एक युवक संग देखा गया था। हालांकि बाबा को लेकर लोग एक ही बात कह रहे हैं कि बाबा हमेशा इन बातों के विरोधी थे। अंदेशा है कि कहीं इसी तरह के किसी विवाद में हत्या तो नहीं कर दी गई।
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गांव कीलपुर के बाहर जंगल में भगवान शिव का छोटा सा मंदिर है। मंदिर के समीप ही झोपड़ी बनाकर 65 वर्षीय पुजारी चंदन उर्फ बालकदास बाबा पुत्र सुखवीर सिंह निवासी महमूदनगर गुलावटी जनपद बुलंदशहर दो माह से रह रहे थे। रविवार की सुबह पूजा करने मंदिर पहुंचे एक ग्रामीण ने पुजारी का चारपाई पर लहूलुहान शव पड़ा देखा तो चीख पड़ा। पुजारी की हत्या की खबर आग की तरह फैली और ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा तत्काल मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को सूचना दी। खबर पाकर एसपी देहात मणीलाल पाटीदार, सीओ अतरौली पंकज श्रीवास्तव भी पहुंच गए। चारपाई के समीप ही एक टूटा पड़ा डंडा मिला जो खून से सना था। इससे पुलिस ने अनुमान लगाया है कि पुजारी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या की गई है। इस घटना के संबंध में मृत बाबा के बहनोई चरनपाल पुत्र विक्रम सिंह निवासी रंजीतगढ़ी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि बाबा की हत्या क्यों और किसने की? इस बिंदु पर गहराई से जांच की जा रही है।
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दो माह पहले गांव से नशेड़ियों ने भगाया था पुजारी को
एसपी देहात मणीलाल पाटीदार के अनुसार पुजारी की बहन रंजीतगढ़ी गांव में है, इसी के चलते वह बुलंदशहर से यहां आकर बस गया था। दो महीने पहले तक पुजारी गांव के अंदर के मंदिर पर रहा था। उस मंदिर पर नशेड़ियों का जमावाड़ा होने लगा था। चूंकि पुजारी बेहद सात्विक प्रवृत्ति का बताया गया है और वह नशेड़ियों का विरोध करता था। इसलिए वहां नशेड़ियों के आतंक के चलते वह गांव के बाहर वाले मंदिर पर आ गया। बीच-बीच में अपनी बहन के गांव भी चला जाता था। अब लोगों ने बताया कि इस मंदिर पर भी नशेड़ियों की आवाजाही थी और बाबा यहां भी उनका विरोध करता था। इसके अलावा बाबा का अन्य कोई विवाद सामने नहीं आया है। अभी जांच की जा रही है। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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लड़की लेकर भी मंदिर पर जाते थे कुछ लोग
पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ लोग मंदिर पर लड़की लेकर भी जाया करते थे। इस बात का भी बाबा विरोध करता था। रविवार को दिन में भी वहां किसी लड़की को इलाके के एक युवक संग देखा गया था। हालांकि बाबा को लेकर लोग एक ही बात कह रहे हैं कि बाबा हमेशा इन बातों के विरोधी थे। अंदेशा है कि कहीं इसी तरह के किसी विवाद में हत्या तो नहीं कर दी गई।