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कोरोना पर नियंत्रण के लिए टीम-9 का गठन
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कोरोना काल की दूसरी लहर से बिगड़ी व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से शासन के निर्देश पर टीम-9 का गठन किया गया है। टीम-9 के तहत नौ टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी है।
साथ ही प्रत्येक टीम में एक अध्यक्ष और अन्य सदस्य रखे गए हैं। प्रभारी जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि सभी टीमों को उनका काम समझा दिया है। प्रतिदिन उनके काम की समीक्षा होगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भी प्रतिदिन भेजी जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं होगी।
टीम-1 के काम
- सरकारी व निजी चिकित्सालय में आईसीयू में ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था करना, सभी चिकित्सालयों में मैनपावर की व्यवस्था करना, टीकाकरण अभियान को सुचारू रूप से संपन्न कराना तथा आवश्यक संख्या में टीकों की आपूर्ति की व्यवस्था करना, भारत सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से समन्वय स्थापित करना, जिले में कोरोना वायरस के संभावित एवं संक्रमित व्यक्तियों का प्रभावी इलाज व देखभाल, कोविड-19 से संबंधित चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सालयों में आइसोलेशन वार्ड, दवाओं की उपलब्धता मास्क आदि की व्यवस्थाएं करना, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को संचालित कराना।
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टीम में ये शामिल
मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीएमओ, प्रिंसिपल जेएनएमसी, प्रिंसिपल राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज सदस्य।
टीम-2 के काम
- एंबुलेंस की सेवाएं सुचारू रूप से संचालित करना, जिले के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम की व्यवस्था की नियमित रूप से समीक्षा करना, प्रत्येक व्यक्ति की जिज्ञासा वा अनुरोध सही अधिकारी व विभाग तक अवश्य पहुंचना, आवश्यक दवाओं के अतिरिक्त रेमडेसिविर की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीएमओ, कंट्रोल रूम प्रभारी।
टीम-3 के काम
- भारत सरकार एवं अन्य राज्य सरकारों से महत्वपूर्ण मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना, भारत सरकार को प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से अवगत कराना, भारत सरकार के सभी पत्रों का उत्तर भेजना, विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम वित्त एवं राजस्व, आपदा लिपिक।
टीम-4 के काम
- जिले की औद्योगिक व व्यावसायिक इकाईयों को बंदी के दिनों छोड़कर संचालित कराना, सभी इकाइयों में कोविड-19 हेल्प डेस्क की स्थापना, इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की समस्याओं का शासन, जिला प्रशासन व इकाई स्तर पर निराकरण करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम सिटी, उप श्रम आयुक्त, उपायुक्त उद्योग।
टीम-5 के काम
- गेहूं क्रय की सुचारु व्यवस्था करना, किसानों को गेहूं के मूल्य का समय से भुगतान कराना, किसानों को समय से खाद-बीज आदि की व्यवस्था कराना, गो आश्रय स्थलों में भूसे, चारे आदि की व्यवस्था कराना, सभी आवश्यक वस्तुएं जो कि दैनिक उपयोग होती हैं, जनमानस को उचित मूल्य पर ही दिलाना, कालाबाजारी और जमाखोरी रोकना।
टीम में ये शामिल
एडीएम वित्त एवं राजस्व, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी।
टीम-6 के काम
- जिले में ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था करना व इसके लिए भारत सरकार व अन्य प्रदेशों तथा आपूर्तिकर्ताओं से समन्वय स्थापित करना
टीम में ये शामिल
एडीएम न्यायिक, सिटी मजिस्ट्रेट, उपायुक्त उद्योग।
टीम-7 के काम
- प्रवासी कामगारों के प्रदेश में आने पर रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर तथा जिले में उनकी कोविड जांच कराना, प्रवासियों के लिए क्वारंटीन सेंटर की स्थापना करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम प्रशासन, उपायुक्त उद्योग, सिटी मजिस्ट्रेट, सभी एसडीएम, एसीएम प्रथम व द्वितीय।
टीम-8 के काम
- कंटेनमेंट जोन में प्रभावी व्यवस्था करना, मास्क की पूर्ति कराना, साप्ताहिक बंदी के आदेशों का कड़ाई से पालन कराना, सभी जेलों में साफ-सफाई कराना व उन्हें सैनेटाइज कराना, ट्रेनिंग सेंटर पीएसी बटालियन को सैनेटाइज कराना, पीएसी में तैनात फोर्स को रिजर्व के रूप में तैयार करना, पुलिस लाइन में कोविड-19 के लिए कोविड केयर सेंटर स्थापित कराना व नियमित रूप से संचालित कराना।
टीम में ये शामिल
एडीएम सिटी, सहायक नगर आयुक्त, एसपी सिटी, कमांडेंट पीएसी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम प्रथम व द्वितीय, डीपीआरओ।
टीम-9 के काम
- जिले के सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं सैनेटाइजेशन अभियान चलाना, स्वच्छता व सैनिटाइजेशन की नियमित समीक्षा करना, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति को सक्त्रिस्य करना, उनकी नियमित समीक्षा करना ,पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम की व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित करना, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम प्रशासन, सहायक नगर आयुक्त, सीएमओ, डीडीओ, डीपीआरओ।
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साथ ही प्रत्येक टीम में एक अध्यक्ष और अन्य सदस्य रखे गए हैं। प्रभारी जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि सभी टीमों को उनका काम समझा दिया है। प्रतिदिन उनके काम की समीक्षा होगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भी प्रतिदिन भेजी जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं होगी।
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टीम-1 के काम
- सरकारी व निजी चिकित्सालय में आईसीयू में ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था करना, सभी चिकित्सालयों में मैनपावर की व्यवस्था करना, टीकाकरण अभियान को सुचारू रूप से संपन्न कराना तथा आवश्यक संख्या में टीकों की आपूर्ति की व्यवस्था करना, भारत सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से समन्वय स्थापित करना, जिले में कोरोना वायरस के संभावित एवं संक्रमित व्यक्तियों का प्रभावी इलाज व देखभाल, कोविड-19 से संबंधित चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सालयों में आइसोलेशन वार्ड, दवाओं की उपलब्धता मास्क आदि की व्यवस्थाएं करना, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को संचालित कराना।
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टीम में ये शामिल
मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीएमओ, प्रिंसिपल जेएनएमसी, प्रिंसिपल राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज सदस्य।
टीम-2 के काम
- एंबुलेंस की सेवाएं सुचारू रूप से संचालित करना, जिले के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम की व्यवस्था की नियमित रूप से समीक्षा करना, प्रत्येक व्यक्ति की जिज्ञासा वा अनुरोध सही अधिकारी व विभाग तक अवश्य पहुंचना, आवश्यक दवाओं के अतिरिक्त रेमडेसिविर की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीएमओ, कंट्रोल रूम प्रभारी।
टीम-3 के काम
- भारत सरकार एवं अन्य राज्य सरकारों से महत्वपूर्ण मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना, भारत सरकार को प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से अवगत कराना, भारत सरकार के सभी पत्रों का उत्तर भेजना, विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम वित्त एवं राजस्व, आपदा लिपिक।
टीम-4 के काम
- जिले की औद्योगिक व व्यावसायिक इकाईयों को बंदी के दिनों छोड़कर संचालित कराना, सभी इकाइयों में कोविड-19 हेल्प डेस्क की स्थापना, इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की समस्याओं का शासन, जिला प्रशासन व इकाई स्तर पर निराकरण करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम सिटी, उप श्रम आयुक्त, उपायुक्त उद्योग।
टीम-5 के काम
- गेहूं क्रय की सुचारु व्यवस्था करना, किसानों को गेहूं के मूल्य का समय से भुगतान कराना, किसानों को समय से खाद-बीज आदि की व्यवस्था कराना, गो आश्रय स्थलों में भूसे, चारे आदि की व्यवस्था कराना, सभी आवश्यक वस्तुएं जो कि दैनिक उपयोग होती हैं, जनमानस को उचित मूल्य पर ही दिलाना, कालाबाजारी और जमाखोरी रोकना।
टीम में ये शामिल
एडीएम वित्त एवं राजस्व, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी।
टीम-6 के काम
- जिले में ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था करना व इसके लिए भारत सरकार व अन्य प्रदेशों तथा आपूर्तिकर्ताओं से समन्वय स्थापित करना
टीम में ये शामिल
एडीएम न्यायिक, सिटी मजिस्ट्रेट, उपायुक्त उद्योग।
टीम-7 के काम
- प्रवासी कामगारों के प्रदेश में आने पर रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर तथा जिले में उनकी कोविड जांच कराना, प्रवासियों के लिए क्वारंटीन सेंटर की स्थापना करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम प्रशासन, उपायुक्त उद्योग, सिटी मजिस्ट्रेट, सभी एसडीएम, एसीएम प्रथम व द्वितीय।
टीम-8 के काम
- कंटेनमेंट जोन में प्रभावी व्यवस्था करना, मास्क की पूर्ति कराना, साप्ताहिक बंदी के आदेशों का कड़ाई से पालन कराना, सभी जेलों में साफ-सफाई कराना व उन्हें सैनेटाइज कराना, ट्रेनिंग सेंटर पीएसी बटालियन को सैनेटाइज कराना, पीएसी में तैनात फोर्स को रिजर्व के रूप में तैयार करना, पुलिस लाइन में कोविड-19 के लिए कोविड केयर सेंटर स्थापित कराना व नियमित रूप से संचालित कराना।
टीम में ये शामिल
एडीएम सिटी, सहायक नगर आयुक्त, एसपी सिटी, कमांडेंट पीएसी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम प्रथम व द्वितीय, डीपीआरओ।
टीम-9 के काम
- जिले के सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं सैनेटाइजेशन अभियान चलाना, स्वच्छता व सैनिटाइजेशन की नियमित समीक्षा करना, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति को सक्त्रिस्य करना, उनकी नियमित समीक्षा करना ,पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम की व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित करना, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
टीम में ये शामिल
एडीएम प्रशासन, सहायक नगर आयुक्त, सीएमओ, डीडीओ, डीपीआरओ।