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टीबी को तीसरी दुनिया की समस्या माना जाता है : कुलपति
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राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में सम्बोधित करते एएमयू वीसी प्रोफेसर तारिक मंसूर
- फोटो : CITY OFFICE
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के क्षय रोग तथा सांस रोग विभाग ने विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर एक सीएमई तथा राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि टीबी को आमतौर पर तीसरी दुनिया की समस्या माना जाता है। इसलिए विकसित देशों ने इसे जड़ से खत्म करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
प्रो. मंसूर ने कहा कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन जैसे संगठनों ने हाल के वर्षों में इस पर बारीकी से ध्यान दिया है और वैश्विक टीबी दर को कम करने के लिए कदम उठाए हैं। तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम को महामारी के कारण बदल दिया गया था, लेकिन अब इसे फिर से गति मिली है। मेडिसिन संकाय के डीन राकेश भार्गव ने कहा कि टीबी के स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के बारे में जन जागरूकता और इसे रोकने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर इलाज से इसे पूरी तरह सही किया जा सकता है
आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर जुबैर अहमद ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2020 के अनुसार दुनिया के 26 प्रतिशत टीबी के मामले भारत में पाए गए। जबकि दुनिया भर में एक कोरड़ नए मामले और 12 लाख मौतें हुईं। सीएमओ डा. बीपी कल्याणी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान’ 2025 तक देश से टीबी उन्मूलन की दिशा में अपनाई गई एक राष्ट्रीय परियोजना है। कार्यक्रम में टीबी एंड रेस्पायरेट्री विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद शमीम और जिला टीबी अधिकारी डा. अनुपम भास्कर भी मौजूद रहे।
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प्रो. मंसूर ने कहा कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन जैसे संगठनों ने हाल के वर्षों में इस पर बारीकी से ध्यान दिया है और वैश्विक टीबी दर को कम करने के लिए कदम उठाए हैं। तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम को महामारी के कारण बदल दिया गया था, लेकिन अब इसे फिर से गति मिली है। मेडिसिन संकाय के डीन राकेश भार्गव ने कहा कि टीबी के स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के बारे में जन जागरूकता और इसे रोकने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर इलाज से इसे पूरी तरह सही किया जा सकता है
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आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर जुबैर अहमद ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2020 के अनुसार दुनिया के 26 प्रतिशत टीबी के मामले भारत में पाए गए। जबकि दुनिया भर में एक कोरड़ नए मामले और 12 लाख मौतें हुईं। सीएमओ डा. बीपी कल्याणी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान’ 2025 तक देश से टीबी उन्मूलन की दिशा में अपनाई गई एक राष्ट्रीय परियोजना है। कार्यक्रम में टीबी एंड रेस्पायरेट्री विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद शमीम और जिला टीबी अधिकारी डा. अनुपम भास्कर भी मौजूद रहे।
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