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Aligarh News: अलीगढ़ आने की हसरत लिए दुनिया को अलविदा कह गए तारिक फतेह, तारीख हो गई थी मुकर्रर
Tue, 25 Apr 2023 04:28 AM IST
चमन शर्मा
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 25 Apr 2023 04:28 AM IST
सार
जून 2017 में तारिक फतेह भारत के दौरे पर थे। उस समय अपनी बेबाकी से सुर्खियों में थे। लगातार पाकिस्तानी कट्टरपंथियों के खिलाफ तारिक जहर उगल रहे थे। इसी बीच आहुति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने गूगल के जरिये तारिक फतेह का मोबाइल नंबर तलाश लिया। उनसे बातचीत की और इसी दौरान उन्हें अलीगढ़ आने की दावत दे दी।
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तारिक फतेह।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तानी मूल के कनाडाई के लेखक तारिक फतेह अलीगढ़ आने की हसरत लिए दुनिया को अलविदा कह गए। वह अलीगढ़ की सरजमीं पर कदम करने के लिए बेचैन थे। अलीगढ़ आने के लिए वह तैयार भी थे, लेकिन ऐनवक्त पर आतंकी हमले की जानकारी से उनका आने का कार्यक्रम टल गया।
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जून 2017 में तारिक फतेह भारत के दौरे पर थे। उस समय अपनी बेबाकी से सुर्खियों में थे। लगातार पाकिस्तानी कट्टरपंथियों के खिलाफ तारिक जहर उगल रहे थे। इसी बीच आहुति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने गूगल के जरिये तारिक फतेह का मोबाइल नंबर तलाश लिया। उनसे बातचीत की और इसी दौरान उन्हें अलीगढ़ आने की दावत दे दी। तारिक ने दावत कुबूल कर ली और बोले, उन्हें भी अलीगढ़ आने-देखने की हसरत थी। वह जरूर आएंगे।
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तारीख, मुद्दा, जगह और मेहमान सब मुकर्रर हो गए। तारीख 17 जून 2017 थी। विषय इस्लामिक आतंकवाद मानवता के लिए भारी खतरा बन गया है, शिया, कुर्द, यहूदी, ईसाई, हिंदू, सभी अमानवीय हिंसा का शिकार है, वर्तमान परिस्थितियों में विश्व शांति की स्थापना का मार्ग क्या है? था। जगह डीएस कॉलेज सभागार अलीगढ़, मुख्य वक्ता इस्लामिक विद्वान तारिक फतेह, मुख्य अतिथि मेजर गौरव आर्य थे। कार्यक्रम की तैयारियां जोरो-शोर से चल रही थी। अचानक ऐनवक्त पर आतंकी हमले की जानकारी पर उनका कार्यक्रम टल गया।
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तारिक के संपर्क में रहे अशोक
आहुति के अशोक ने तारिक के निधन पर कहा, ऐ मित्र, मेरे भाई, हम तुमको न भूल पाएंगे, हे मां भारती के सेनानी सनातन संस्कृतिको दी गई तुम्हारी सेवाएं सदैव हमें संघर्ष की प्रेरणा देंगी। उनकी तारिक फतेह से फोन पर बातचीत होती रहती थी। हालांकि, कभी वह उनसे नहीं मिल पाए। उन्हें इसका अफसोस है।