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ठगी के शिकार युवक ने जान दी
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Sun, 20 Dec 2015 01:11 AM IST
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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर एक पुलिस अधिकारी के यहां कार्यरत सिपाही युवक से सात लाख रुपये ठग लिए थे। इससे आहत होकर गत सात दिसंबर को युवक ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली।
इस मामले में मृतक के परिजनों ने शनिवार को एसएसपी से मुलाकात की। जिसके बाद इस मामले में पुलिस को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
थाना क्वार्सी के गांव पिलखौनी निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र स्व. ओम प्रकाश ने एसएसपी को दिए पत्र में कहा है कि उसका छोटा भाई अरुण कुमार बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था और आढ़त की दुकान भी करता था।
एक पुलिस अधिकारी के यहां पर तैनात पुलिस कर्मी ने अलग-अलग तारीखों पर रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर कुल सात लाख रुपये ले लिए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। साथ ही फर्जी ट्रेनिंग लेटर भी दे दिया।
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जब वह नियुक्ति पत्र लेकर अरुण कुमार जब हावड़ा डिवीजन के सिंगूर स्टेशन में पहुंचा तो पता चला कि यह नियुक्ति पत्र फर्जी है। इसके बाद अरुण वापस आ गया। पुलिस कर्मी से पैसे मांगे तो वह पहले तो रौब दिखाता रहा, लेकिन बाद में पैसे वापस करने की बात कहने लगा।
लेकिन पैसे वापस नहीं किए। इसी तनाव के चलते अरुण ने आत्महत्या कर ली। पत्र में उन खाता संख्या, दिनांक और निकाली गई रकम की भी जानकारी दी है, जिनसे पुलिस कर्मी को पैसा दिया गया था। इस मामले की जांच और कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं।
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इस मामले में मृतक के परिजनों ने शनिवार को एसएसपी से मुलाकात की। जिसके बाद इस मामले में पुलिस को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
थाना क्वार्सी के गांव पिलखौनी निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र स्व. ओम प्रकाश ने एसएसपी को दिए पत्र में कहा है कि उसका छोटा भाई अरुण कुमार बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था और आढ़त की दुकान भी करता था।
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एक पुलिस अधिकारी के यहां पर तैनात पुलिस कर्मी ने अलग-अलग तारीखों पर रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर कुल सात लाख रुपये ले लिए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। साथ ही फर्जी ट्रेनिंग लेटर भी दे दिया।
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जब वह नियुक्ति पत्र लेकर अरुण कुमार जब हावड़ा डिवीजन के सिंगूर स्टेशन में पहुंचा तो पता चला कि यह नियुक्ति पत्र फर्जी है। इसके बाद अरुण वापस आ गया। पुलिस कर्मी से पैसे मांगे तो वह पहले तो रौब दिखाता रहा, लेकिन बाद में पैसे वापस करने की बात कहने लगा।
लेकिन पैसे वापस नहीं किए। इसी तनाव के चलते अरुण ने आत्महत्या कर ली। पत्र में उन खाता संख्या, दिनांक और निकाली गई रकम की भी जानकारी दी है, जिनसे पुलिस कर्मी को पैसा दिया गया था। इस मामले की जांच और कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं।