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रामबाग कॉलोनी में ढाई साल से आ रहा गंदा पानी
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रामबाग कॉलोनी में हैंडपंप से पानी भरते लोग।
- फोटो : CITY OFFICE
क्वार्सी इलाके से सटी हुई रामबाग कॉलोनी में ढाई साल से साफ पानी की समस्या है। इलाके में ढाई साल पहले अमृत योजना के तहत पाइपलाइन तो डाल दी गई, लेकिन आज भी करीब सात हजार लोगों को साफ पानी नसीब नहीं है। इलाके में कहने को तो 35 सरकारी हैंडपंप हैं, लेकिन इनमें कुल सात से ही पानी आता है। सही वाले हैंडपंपों से भी पीला पानी आने की शिकायत है। इसके चलते लोग काफी परेशान हैं। इलाके में काफी समय से ट्यूबवेल की दरकार है, जिससे घरों में पानी पहुंच सके।
लोगों का कहना है कि वार्ड नंबर - 42 रामबाग कॉलोनी में ढाई साल से पाइपलाइन सूखी पड़ी हैं। इससे पहले इलाके में पाइपलाइन भी नहीं थीं। अमृत योजना के तहत इलाके का विकास हुआ। नई पाइपलाइन पड़ीं। लोगों को आस थी कि अब घरों तक पानी की सप्लाई होगी। लेकिन उनके सपनों पर पानी सा फिर गया। नलों के कनेक्शन अभी तक पानी के स्रोत से नहीं जोड़े गए हैं। लोगों का कहना है कि इलाके में एक ट्यूबवेल की दरकार है। अगर ट्यूबवेल लग जाए तो घरों में पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। वार्ड के कुछ हिस्सों में स्वर्ण जयंती नगर स्थित पानी की टंकी से जलापूर्ति होती है। लेकिन रामबाग के लिए अभी तक कोई भी पानी का स्रोत नहीं है। जिससे गर्मी में लोग परेशान हैं। हैंडपंपों में पीला पानी आता है। जिसे लोग पीकर बीमार पड़ रहे हैं। इलाके के लोग या तो सबमर्सिबल वाले घरों से पानी भरकर लाते हैं। या फिर उन्हें खरीद कर पानी पीना पड़ता है। कई बार इसकी शिकायत निगम अधिकारियों से लेकर स्थानीय पार्षद से कर चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है।
वार्ड के इन इलाकों में है जलापूर्ति
वार्ड में कुछ इलाके ऐसे हैं, जिनमें दस साल पहले पाइपलाइन डाली गई थी। इस पाइपलाइन से स्वर्ण जयंती नगर, शताब्दी नगर, राज्य कर्मचारी कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी आदि स्थानों पर जलापूर्ति होती है।
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वार्ड की स्थिति
- वार्ड नंबर 42- रामबाग कॉलोनी
- आबादी- 35 हजार
- वार्ड में 35 सरकारी हैंडपंप। जिनमें केवल सात सही हैं।
- हैंडपंप में पीला पानी आने की शिकायत।
- एक भी सरकारी सबमर्सिबल व ट्यूबवेल नहीं।
- नए ट्यूबवेल की दरकार, जिससे पानी की सप्लाई हो सके।
बोले अधिकारी
रामबाग कॉलोनी में पानी की समस्या संज्ञान में आई है। वहां पाइपलाइन सूखी पड़ी हैं। टीम को भेजकर सर्वे कराया जाएगा। ट्यूबवेल के लिए जगह चिन्हित करा समस्या का जल्द निदान कराया जाएगा।
अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त
बोले पार्षद
रामबाग कॉलोनी में ढाई साल पहले अमृत योजना के तहत पाइपलाइन डाली गई थीं। जिनमें आज तक पानी की सप्लाई नहीं हुई है। अगर इलाके में ट्यूबवेल लग जाए, तो समस्या खत्म हो जाएगी। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ है।
विजय तोमर, पार्षद
कॉलोनी में पानी की काफी परेशानी है। जिन लोगों के घर सबमर्सिबल है, उन्हें साफ पानी की कोई परेशानी नहीं है। गरीब आदमी क्या करें। - आरती सिंह
पानी के लिए लोग इधर से उधर भटकते हैं। भीषण गर्मी में पानी का भयंकर संकट है। ढाई साल पहले पाइपलाइन पड़ी थी, जो अभी तक सूखी हैं। - रामरति सिंह
कॉलोनी में ज्यादातर सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। जो सही है उनमें पीला पानी आता है। यहां ट्यूबवेल लग गया तो परेशानी खत्म हो जाएगी। - रीता चौधरी
पूरी कॉलोनी में पानी के लिए लोग परेशान हैं। यहां आज तक पानी का टैंकर भी नहीं आया। पाइपलाइन पड़ीं, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं मिला। - सीमा यादव
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लोगों का कहना है कि वार्ड नंबर - 42 रामबाग कॉलोनी में ढाई साल से पाइपलाइन सूखी पड़ी हैं। इससे पहले इलाके में पाइपलाइन भी नहीं थीं। अमृत योजना के तहत इलाके का विकास हुआ। नई पाइपलाइन पड़ीं। लोगों को आस थी कि अब घरों तक पानी की सप्लाई होगी। लेकिन उनके सपनों पर पानी सा फिर गया। नलों के कनेक्शन अभी तक पानी के स्रोत से नहीं जोड़े गए हैं। लोगों का कहना है कि इलाके में एक ट्यूबवेल की दरकार है। अगर ट्यूबवेल लग जाए तो घरों में पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। वार्ड के कुछ हिस्सों में स्वर्ण जयंती नगर स्थित पानी की टंकी से जलापूर्ति होती है। लेकिन रामबाग के लिए अभी तक कोई भी पानी का स्रोत नहीं है। जिससे गर्मी में लोग परेशान हैं। हैंडपंपों में पीला पानी आता है। जिसे लोग पीकर बीमार पड़ रहे हैं। इलाके के लोग या तो सबमर्सिबल वाले घरों से पानी भरकर लाते हैं। या फिर उन्हें खरीद कर पानी पीना पड़ता है। कई बार इसकी शिकायत निगम अधिकारियों से लेकर स्थानीय पार्षद से कर चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है।
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वार्ड के इन इलाकों में है जलापूर्ति
वार्ड में कुछ इलाके ऐसे हैं, जिनमें दस साल पहले पाइपलाइन डाली गई थी। इस पाइपलाइन से स्वर्ण जयंती नगर, शताब्दी नगर, राज्य कर्मचारी कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी आदि स्थानों पर जलापूर्ति होती है।
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वार्ड की स्थिति
- वार्ड नंबर 42- रामबाग कॉलोनी
- आबादी- 35 हजार
- वार्ड में 35 सरकारी हैंडपंप। जिनमें केवल सात सही हैं।
- हैंडपंप में पीला पानी आने की शिकायत।
- एक भी सरकारी सबमर्सिबल व ट्यूबवेल नहीं।
- नए ट्यूबवेल की दरकार, जिससे पानी की सप्लाई हो सके।
बोले अधिकारी
रामबाग कॉलोनी में पानी की समस्या संज्ञान में आई है। वहां पाइपलाइन सूखी पड़ी हैं। टीम को भेजकर सर्वे कराया जाएगा। ट्यूबवेल के लिए जगह चिन्हित करा समस्या का जल्द निदान कराया जाएगा।
अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त
बोले पार्षद
रामबाग कॉलोनी में ढाई साल पहले अमृत योजना के तहत पाइपलाइन डाली गई थीं। जिनमें आज तक पानी की सप्लाई नहीं हुई है। अगर इलाके में ट्यूबवेल लग जाए, तो समस्या खत्म हो जाएगी। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ है।
विजय तोमर, पार्षद
कॉलोनी में पानी की काफी परेशानी है। जिन लोगों के घर सबमर्सिबल है, उन्हें साफ पानी की कोई परेशानी नहीं है। गरीब आदमी क्या करें। - आरती सिंह
पानी के लिए लोग इधर से उधर भटकते हैं। भीषण गर्मी में पानी का भयंकर संकट है। ढाई साल पहले पाइपलाइन पड़ी थी, जो अभी तक सूखी हैं। - रामरति सिंह
कॉलोनी में ज्यादातर सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। जो सही है उनमें पीला पानी आता है। यहां ट्यूबवेल लग गया तो परेशानी खत्म हो जाएगी। - रीता चौधरी
पूरी कॉलोनी में पानी के लिए लोग परेशान हैं। यहां आज तक पानी का टैंकर भी नहीं आया। पाइपलाइन पड़ीं, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं मिला। - सीमा यादव