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Aligarh News: दुकान-दुकान बदला चीनी का भाव
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नौरंगाबाद में एक दुकान से चीनी खरीदते ग्राहक।
- फोटो : samvad
चीनी महंगी होने के कारण रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। एक ही बाजार में अलग-अलग दुकानों में अलग-अलग भाव है, जिससे ग्राहक परेशान हैं।
अमर उजाला में लगातार इसकी खबरें प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और शनिवार को बड़े कारोबारियों के यहां भाव और स्टॉक की जांच की गई जिससे थोक बाजार के भाव कुछ हद तक काबू में आए हैं, लेकिन फुटकर बाजार में अब भी मनमानी कीमतें वसूली जा रही हैं।
नौरंगाबाद बाजार पहुंची नगला माली निवासी सावित्री ने बताया कि उन्हें तीन अलग-अलग दुकानों में अलग-अलग भाव मिला। कहीं 64, कहीं 66 तो कहीं 68 रुपये किलो के भाव में चीनी मिल रही है।
दुबे का पड़ाव निवासी पुष्पा ने बताया कि दुबे का पड़ाव बाजार में उन्हें चीनी के दो भाव बताए गए। पहला 68 और दूसरा 70 रुपये किलो। उन्होंने 68 रुपये के भाव से खरीदारी की।
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प्रतिभा कॉलोनी निवासी गिरजेश ने बताया कि उनकी कॉलोनी में अलग-अलग दुकानों पर भाव अलग-अलग है। चीनी कहीं 65 तो कहीं 66 रुपये किलो के भाव में है।
मैरिस रोड निवासी अनीता शर्मा कहती हैं कि चीनी के बढ़े भाव से सभी परेशान हैं। मैरिस रोड में इसका भाव कहीं 66 रुपये तो कहीं 70 रुपये किलो तक है।
फुटकर बाजारों में जिन दुकानों पर चीनी का मनमाना भाव वसूला जा रहा है, उनकी भी जांच कराई जाएगी। थोक बाजार के अनुसार ही फुटकर का भाव होना चाहिए। सोमवार से ऐसी दुकानों की जांच कराई जाएगी ताकि मनमानी रोकी जा सके।
-सुनील भारती, डिप्टी आरएमओ।
थोक बाजार में भाव कम
अलीगढ़। जिले में किराना की थोक मंडी महावीरगंज में फुटकर में चीनी 62 रुपये किलो के भाव में मिल रही है। एटा चुंगी डोरी नगर से महावीरगंज खरीदारी करने आईं पुष्पा ने कहा कि चीनी का कोई विकल्प नहीं है। दो दिन पहले उन्हें डोरीनगर में 67 रुपये किलो में चीनी मिली थी, लेकिन महावीरगंज में 62 रुपये में मिली है। इसी तरह से छिपैटी कटरा निवासी वर्षा गुप्ता का कहना है कि यह महंगाई परेशान करने वाली है। उन्होंने 70 रुपये किलो का भाव सुना था, लेकिन महावीरगंज में 62 रुपये किलो में चीनी मिली।
एथेनॉल और नीतियों को बताया जा रहा कारण
महावीरगंज के थोक कारोबारी ध्रुवेश चंद्र के मुताबिक जून में जो चीनी थोक में 44 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब 61 रुपये प्रति किलो हो गई है। उन्होंने इसके पीछे एथेनॉल की खपत में बढ़ोतरी के साथ-साथ सरकारी नीतियों और मिल मालिकों के रुख को जिम्मेदार ठहराया है।
कारोबारी मनोज कुमार अरोड़ा कहते हैं कि जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और इसके बाद नवरात्र जैसे बड़े त्योहार हैं, लेकिन महंगाई के कारण बाजार से रौनक पूरी तरह गायब है। महावीरगंज के कारोबारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि जिन दिनों बाजार में भारी भीड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल होता था, आज वहां ग्राहकों की कमी के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है।
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अमर उजाला में लगातार इसकी खबरें प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और शनिवार को बड़े कारोबारियों के यहां भाव और स्टॉक की जांच की गई जिससे थोक बाजार के भाव कुछ हद तक काबू में आए हैं, लेकिन फुटकर बाजार में अब भी मनमानी कीमतें वसूली जा रही हैं।
नौरंगाबाद बाजार पहुंची नगला माली निवासी सावित्री ने बताया कि उन्हें तीन अलग-अलग दुकानों में अलग-अलग भाव मिला। कहीं 64, कहीं 66 तो कहीं 68 रुपये किलो के भाव में चीनी मिल रही है।
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दुबे का पड़ाव निवासी पुष्पा ने बताया कि दुबे का पड़ाव बाजार में उन्हें चीनी के दो भाव बताए गए। पहला 68 और दूसरा 70 रुपये किलो। उन्होंने 68 रुपये के भाव से खरीदारी की।
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प्रतिभा कॉलोनी निवासी गिरजेश ने बताया कि उनकी कॉलोनी में अलग-अलग दुकानों पर भाव अलग-अलग है। चीनी कहीं 65 तो कहीं 66 रुपये किलो के भाव में है।
मैरिस रोड निवासी अनीता शर्मा कहती हैं कि चीनी के बढ़े भाव से सभी परेशान हैं। मैरिस रोड में इसका भाव कहीं 66 रुपये तो कहीं 70 रुपये किलो तक है।
फुटकर बाजारों में जिन दुकानों पर चीनी का मनमाना भाव वसूला जा रहा है, उनकी भी जांच कराई जाएगी। थोक बाजार के अनुसार ही फुटकर का भाव होना चाहिए। सोमवार से ऐसी दुकानों की जांच कराई जाएगी ताकि मनमानी रोकी जा सके।
-सुनील भारती, डिप्टी आरएमओ।
थोक बाजार में भाव कम
अलीगढ़। जिले में किराना की थोक मंडी महावीरगंज में फुटकर में चीनी 62 रुपये किलो के भाव में मिल रही है। एटा चुंगी डोरी नगर से महावीरगंज खरीदारी करने आईं पुष्पा ने कहा कि चीनी का कोई विकल्प नहीं है। दो दिन पहले उन्हें डोरीनगर में 67 रुपये किलो में चीनी मिली थी, लेकिन महावीरगंज में 62 रुपये में मिली है। इसी तरह से छिपैटी कटरा निवासी वर्षा गुप्ता का कहना है कि यह महंगाई परेशान करने वाली है। उन्होंने 70 रुपये किलो का भाव सुना था, लेकिन महावीरगंज में 62 रुपये किलो में चीनी मिली।
एथेनॉल और नीतियों को बताया जा रहा कारण
महावीरगंज के थोक कारोबारी ध्रुवेश चंद्र के मुताबिक जून में जो चीनी थोक में 44 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब 61 रुपये प्रति किलो हो गई है। उन्होंने इसके पीछे एथेनॉल की खपत में बढ़ोतरी के साथ-साथ सरकारी नीतियों और मिल मालिकों के रुख को जिम्मेदार ठहराया है।
कारोबारी मनोज कुमार अरोड़ा कहते हैं कि जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और इसके बाद नवरात्र जैसे बड़े त्योहार हैं, लेकिन महंगाई के कारण बाजार से रौनक पूरी तरह गायब है। महावीरगंज के कारोबारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि जिन दिनों बाजार में भारी भीड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल होता था, आज वहां ग्राहकों की कमी के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है।