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Aligarh News: दिन में छात्र नेताओं पर छेडख़ानी के आरोप, शाम को मुकरी छात्राएं
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धर्म समाज (डीएस) महाविद्यालय की कुछ छात्राओं ने सोमवार दोपहर एसएसपी कार्यालय पहुंचकर एक छात्र संगठन के नेताओं-पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाकर खलबली मचा दी। छात्राओं ने सीधे-सीधे कॉलेज परिसर में छेडख़ानी करने, तेजाब के हमले की धमकी देने का आरोप लगाया और कार्रवाई न होने पर आत्महत्या तक की धमकी दे दी।
हालांकि जब आरोपों की पुलिस जांच शुरू हुई तो शाम होते होते छात्राएं पलट गईं और परिवार की मौजूदगी में कहा कि यह शिकायत पिछले दिनों कॉलेज में छात्रों से जुड़ी मारपीट के विवाद में दी गई। यह शिकायत झूठी है और उन्होंने शिकायात वापस लेना लिखित में दे दिया। इसके बाद प्रकरण में पुलिस ने पटाक्षेप किया।
हुआ यूं कि दोपहर करीब एक बजे चार-पांच छात्राएं एसएसपी दफ्तर पहुंचीं। जहां उन्होंने एसपी देहात से मुलाकात करते हुए संगठन का बिना नाम लिखे एक प्रतिष्ठित छात्र संगठन से जुड़े तनिक प्रताप, बल्देव चौधरी, विवेक चौधरी, जय यादव, अंकुर शर्मा, करन आर्य, सौरभ यादव व शैलेंद्र आदि अज्ञात साथियों के खिलाफ तहरीर दी। इनमें कुछ छात्रसंगठन के पदाधिकारी हैं और कुछ पूर्व हैं। इस तहरीर में आरोप लगाया कि ये लोग अक्सर उनके साथ छेडख़ानी करते हैं और विरोध पर तेजाब के हमले की धमकी देते हैं।
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कहा कि परिवार को यह बात जानबूझकर नहीं बताई। अगर परिवार को बताया तो स्कूल छूट जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर मदद नहीं मिली तो वे आत्महत्या को मजबूर होंगी। एसपी देहात ने प्रकरण का संज्ञान लिया और सीओ द्वितीय को जांच सौंपी। मामले की गंभीरता को समझते हुए सीओ व इंस्पेक्टर शाम को डीएस कॉलेज पहुंचे। जहां कॉलेज प्रशासन की मदद से आरोप लगाने वाली छात्राओं को परिवार के साथ कॉलेज बुलाया गया। जहां पूरा मामला समझा गया। पुलिस बातचीत व जांच में छात्राएं टूट गईं।
इंस्पेक्टर ने बताया कि पिछले दिनों डीएस व वाषर्णेय के कुछ छात्रों से मारपीट हुई थी। इसमें तीन मुकदमे दर्ज हुए हैं और कुछ आरोपी जेल भेजे गए हैं। उसी रंजिश में यह मनगढ़ंत आरोप साजिश के तहत लगाए गए हैं। इंस्पेक्टर के अनुसार खुद यह बात छात्राओं ने स्वीकारी है और कॉलेज प्रशासन व परिवार के सामने यह बात लिखकर दी है। उन्होंने अपनी शिकायत भी वापस ली है।
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने बताया कि जांच व पूछताछ में उजागर हुआ है कि छात्राओं ने इस प्रकार की कोई शिकायत पूर्व में कॉलेज या थाने पर नहीं दी। उनके आरोप निराधार पाए गए हैं। उन्होंने लिखित में अपनी शिकायत वापस लेने और पिछले दिनों कॉलेज में हुए झगड़े के तहत शिकायत करने की बात स्वीकारी है। इधर, डीएस के प्राचार्य मुकेश भारद्वाज ने भी स्वीकारा कि छात्राओं ने यह बात लिखित में दी है कि उन्होंने किसी के बहकावे में आकर यह शिकायत की थी।
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-जो छात्र संगठन सिर्फ राष्ट्र निर्माण के लिए काम करता है और ऐसे ही छात्र नेता पैदा करता है। उस संगठन के एक-एक कार्यकर्ता को बहुत ही मुश्किल से तैयार किया जाता है। ऐसे संगठन के कार्यकर्ता पर सोची समझी साजिश के तहत आरोप लगाना बेहद दुर्भाग्य है। पहले प्रशासन को चाहिए कि सच जान ले और उसी आधार पर कार्रवाई तय करे। यह संगठन हमेशा छात्र-छात्राओं के हित की लड़ाई लड़ा है। ऐसा मेरा पूरा विश्वास है।-मुक्ता संजीव राजा, विधायक शहर क्षेत्र।
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हालांकि जब आरोपों की पुलिस जांच शुरू हुई तो शाम होते होते छात्राएं पलट गईं और परिवार की मौजूदगी में कहा कि यह शिकायत पिछले दिनों कॉलेज में छात्रों से जुड़ी मारपीट के विवाद में दी गई। यह शिकायत झूठी है और उन्होंने शिकायात वापस लेना लिखित में दे दिया। इसके बाद प्रकरण में पुलिस ने पटाक्षेप किया।
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हुआ यूं कि दोपहर करीब एक बजे चार-पांच छात्राएं एसएसपी दफ्तर पहुंचीं। जहां उन्होंने एसपी देहात से मुलाकात करते हुए संगठन का बिना नाम लिखे एक प्रतिष्ठित छात्र संगठन से जुड़े तनिक प्रताप, बल्देव चौधरी, विवेक चौधरी, जय यादव, अंकुर शर्मा, करन आर्य, सौरभ यादव व शैलेंद्र आदि अज्ञात साथियों के खिलाफ तहरीर दी। इनमें कुछ छात्रसंगठन के पदाधिकारी हैं और कुछ पूर्व हैं। इस तहरीर में आरोप लगाया कि ये लोग अक्सर उनके साथ छेडख़ानी करते हैं और विरोध पर तेजाब के हमले की धमकी देते हैं।
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कहा कि परिवार को यह बात जानबूझकर नहीं बताई। अगर परिवार को बताया तो स्कूल छूट जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर मदद नहीं मिली तो वे आत्महत्या को मजबूर होंगी। एसपी देहात ने प्रकरण का संज्ञान लिया और सीओ द्वितीय को जांच सौंपी। मामले की गंभीरता को समझते हुए सीओ व इंस्पेक्टर शाम को डीएस कॉलेज पहुंचे। जहां कॉलेज प्रशासन की मदद से आरोप लगाने वाली छात्राओं को परिवार के साथ कॉलेज बुलाया गया। जहां पूरा मामला समझा गया। पुलिस बातचीत व जांच में छात्राएं टूट गईं।
इंस्पेक्टर ने बताया कि पिछले दिनों डीएस व वाषर्णेय के कुछ छात्रों से मारपीट हुई थी। इसमें तीन मुकदमे दर्ज हुए हैं और कुछ आरोपी जेल भेजे गए हैं। उसी रंजिश में यह मनगढ़ंत आरोप साजिश के तहत लगाए गए हैं। इंस्पेक्टर के अनुसार खुद यह बात छात्राओं ने स्वीकारी है और कॉलेज प्रशासन व परिवार के सामने यह बात लिखकर दी है। उन्होंने अपनी शिकायत भी वापस ली है।
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने बताया कि जांच व पूछताछ में उजागर हुआ है कि छात्राओं ने इस प्रकार की कोई शिकायत पूर्व में कॉलेज या थाने पर नहीं दी। उनके आरोप निराधार पाए गए हैं। उन्होंने लिखित में अपनी शिकायत वापस लेने और पिछले दिनों कॉलेज में हुए झगड़े के तहत शिकायत करने की बात स्वीकारी है। इधर, डीएस के प्राचार्य मुकेश भारद्वाज ने भी स्वीकारा कि छात्राओं ने यह बात लिखित में दी है कि उन्होंने किसी के बहकावे में आकर यह शिकायत की थी।
-जो छात्र संगठन सिर्फ राष्ट्र निर्माण के लिए काम करता है और ऐसे ही छात्र नेता पैदा करता है। उस संगठन के एक-एक कार्यकर्ता को बहुत ही मुश्किल से तैयार किया जाता है। ऐसे संगठन के कार्यकर्ता पर सोची समझी साजिश के तहत आरोप लगाना बेहद दुर्भाग्य है। पहले प्रशासन को चाहिए कि सच जान ले और उसी आधार पर कार्रवाई तय करे। यह संगठन हमेशा छात्र-छात्राओं के हित की लड़ाई लड़ा है। ऐसा मेरा पूरा विश्वास है।-मुक्ता संजीव राजा, विधायक शहर क्षेत्र।