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अमर उजाला शिक्षा अभियान : परिश्रम व अनुशासन से पिछड़े कोर्स को पूरा कर रहे छात्र
Sat, 26 Mar 2022 08:51 PM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 26 Mar 2022 08:51 PM IST
सार
कोरोना काल में अस्त-व्यस्त हुई दिनचर्या ने बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव डाला है। अप्रैल में शुरू हो रहे नए सत्र में बच्चों की दिनचर्या को सुचारु करने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल को मेहनत करनी होगी।
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शालिनी महलवार।
- फोटो : neeraj
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विस्तार
कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही स्कूल खुल गए। पढ़ाई भी शुरू हो गई, लेकिन दो साल में बेपटरी हो चुकी पढ़ाई को पटरी पर लाने की कवायद जारी है। विद्यार्थी हो या शिक्षक, वह अपने परिश्रम और अनुशासन से दो साल की पढ़ाई की भरपाई कर रहे हैं। अब परीक्षाओं का भी दौर शुरू हो गया है, जिसको लेकर विद्यार्थियों में उत्साह है।
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कोरोना महामारी फैलने पर शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए थे। ऑफलाइन पढ़ाई ऑनलाइन होने लगी थी, जिनके पास सुविधाएं थीं, वह ऑनलाइन पढ़ाई करते रहे। कुछ ऑनलाइन पढ़ाई में सक्षम नहीं थे, इससे वह पढ़ाई से दूर होते गए। बहरहाल, अब स्कूल खुल गए हैं और पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है।
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प्रधानाचार्यों के बोल
कोरोना काल में अस्त-व्यस्त हुई दिनचर्या ने बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव डाला है। अप्रैल में शुरू हो रहे नए सत्र में बच्चों की दिनचर्या को सुचारु करने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल को मेहनत करनी होगी। स्वभाव से किसी भी चीज को जल्दी से आत्मसात करने की क्षमता बच्चे रखते हैं। शीघ्र ही उनकी आदतों में सुधार होगा। कोरोना काल के बाद जो पढ़ाई का नुकसान हो गया था, उसकी भरपाई ऑफलाइन पढ़ाई से धीरे-धीरे की जा रही है। - सुनीता सिंह, प्रधानाचार्या, विश्व भारती पब्लिक स्कूल
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ऑफलाइन पढ़ाई से माहौल बेहतर हो गया। शिक्षक-शिक्षिकाएं और बच्चे खुश हैं। विशेषकर छोटे बच्चों को काफी खुशी मिल रही है, क्योंकि वह अपने दोस्तों से मिले रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर जो चुनौतियां थीं, उससे निजात पाने का वक्त आ गया है। घर पर बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई अच्छी तरह से नहीं हो पा रही थी। अब ऑफलाइन पढ़ाई से दो साल के नुकसान को दूर किया जा रहा है। जल्द ही इस पर भी सफलता मिल जाएगी। सभी का इसमें सहयोग अपेक्षित है। -शालिनी महलवार, प्रधानाचार्या, शांति निकेतन वर्ल्ड स्कूल
अभिभावकों के बोल
ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने से मेरा बेटा वैभव और मैं बहुत खुश हूं। ऑनलाइन में बच्चा सही तरीके से पढ़ नहीं पा रहा था। - अलका अरोरा, अभिभावक
ऑनलाइन पढ़ाई बच्चों ने की, लेकिन उनमें वह तेजी नहीं थी। उन्हें प्रमोट कर दिया गया, जो कहीं न कहीं उनकी क्षमता पर असर पड़ेगा। - गुंजन वार्ष्णेय, अभिभावक
विद्यार्थियों के बोल
जब से स्कूल खुला है, तब से वह आ रहे हैं। ऑफलाइन पढ़ाई बेहतर है। स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे। अब परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। - केशव राय, कक्षा 10, संत फिदेलिस स्कूल
ऑनलाइन से बेहतर ऑफलाइन पढ़ाई अच्छी है। इसके सुखद नतीजे आएंगे। स्कूल खुलने से वह बेहतर तरीके से परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। -वंशिका, कक्षा 10, संत फिदेलिस स्कूल