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खेत की रंजिश में बी फार्मा छात्र की अपहरण के बाद हत्या
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चन्द्रमोहन उर्फ राघव का फाइल फोटो।
- फोटो : CITY OFFICE
मडराक कस्बा के बी फार्मा छात्र का अपहरण के बाद कत्ल कर दिया गया। उसकी हत्या के बाद लाश हरदुआगंज इलाके में खेत में दफना दी गई। हत्या उसके तहेरे भाई ने 10 बीघा जमीन की रंजिश को लेकर उसके दोस्तों को ही दो लाख की सुपारी देकर कराई है। रविवार से गायब युवक का शव देर रात बरामद कर आरोपी भाई सहित चार आरोपी हिरासत में ले लिए गए हैं। पुलिस ने अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
मडराक कस्बा निवासी रमाकांत शर्मा निजी चिकित्सक हैं। उनके परिवार में तीन बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा चंद्रमोहन उर्फ राघव (18) सासनी थाना क्षेत्र के आरके कालेज से बी. फार्मा प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वाकया के अनुसार रविवार दोपहर को चंद्रमोहन को उसके गांव का ही दोस्त किरण गौड़ लैपटॉप लेने के बहाने अपने साथ लेकर गया था।
इसके बाद चंद्रमोहन लौटकर घर नहीं पहुंचा। परिवारीजनों ने देर रात तक काफी तलाश की, मगर उसका सुराग नहीं लगा। सोमवार सुबह पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने किरण गौड़ को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। पहले तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा। मगर, कड़ाई से पूछताछ होने पर वह टूट गया। किरण ने पुलिस को बताया कि चंद्रमोहन के तरेहे भाई सूरज उर्फ बौना पुत्र स्व. रामप्रताप ने उसका अपहरण कर हत्या करने के लिए दो लाख की सुपारी दी थी।
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इस पर वह चंद्रमोहन को घर से लैपटॉप लेने के लिए चलने के बहाने से बुलाकर हरदुआगंज के बरा नदी गांव के पास खारिजा नहर पर ले गया। वहां नहर के किनारे प्रकाश नाम के व्यक्ति के आम के बाग में लेकर जाकर अपने दोस्त बॉबी निवासी शाहपुर, मडराक और संतोष निवासी ऊंटगिर, हरदुआगंज के साथ मिलकर उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या करने के बाद शव को बाग में ही गड्ढे में दफना दिया है। पुलिस ने सोमवार देर रात किरण की निशानदेही पर बरा नदी पहुंचकर शव बरामद किया।
साथ ही उसके दोस्त संतोष और बॉबी सहित मृतक के तहेरे भाई बौना को हिरासत में ले लिया। देर को पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पर भेज दिया। इंस्पेक्टर मडराक सुरेश चंद के अनुसार चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। चंद्रमोहन के गले पर चाकुओं से हमला कर उसे आरोपियों ने मौत के घाट उतारा है। एसपी देहात मणीलाल पाटीदार के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी है।
लालच में अंधा हुआ भाई, क्राइम सीरियल देख रची हत्या की कहानी बेटे की हत्या की खबर पाते ही परिवार में मचा कोहराम, उजड़े पिता के सपने
अलीगढ़। मडराक कस्बे के चंद्रमोहन की हत्या कराने वाला उसका तहेरा भाई सूरज उर्फ बौना 10 बीघा जमीन के लालच में अंधा हो गया था। उसने पहले भी परिवार में इस जमीन को लेकर काफी विवाद किया था।
पिता की मौत के बाद पुस्तैनी खेत का दोनों चाचाओं का हिस्सा उसने दबा लिया। खुद ही उस खेत ही जुताई करने लगा था। पिछले दिनों इसी बात को लेकर परिवार में विवाद बढ़ा। रमाकांत का बेटा चंद्रमोहन उसके रास्ते का रोड़ा बनते हुए खुलकर उसके विरोध में उतर आया था। इस पर उसने उसके अपहरण और हत्या की कहानी रच दी।
पुलिस पूछताछ में सूरज ने कुबूला कि उसने एक क्राइम सीरियल देखकर चंद्रमोहन की हत्या की साजिश रची थी। चंद्रमोहन के दोस्तों को ही अपहरण व हत्या के लिए सुपारी देने का मकसद यह था कि वह चंद्रमोहन के करीबी थे, जिससे की उसका अपहरण कराने में आसानी हुई। साथ ही यह भी अंदेशा था कि चंद्रमोहन का अच्छा दोस्त होने के चलते किरण पर किसी का शक भी नहीं जाएगा।
मृतक चंद्रमोहन के पिता के अनुसार वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उससे छोटे ब्रजमोहन (14) धमेंद्र (11) और एक बेटी लक्ष्मी (8) है। रमाकांत के अनुसार उन्हें इस बात का अंदेशा भी न था कि बड़े भाई का बेटा जमीन के लालच में इतना अंधा हो जाएगा कि अपने भाई को ही मौत के घाट उतरवा देगा।
चंद्रमोहन पढ़ाई लिखाई में तेज था। डाक्टर पिता का सपना था कि वह बीफ़ार्मा करके मेडिकल लाइन में अच्छी नौकरी पा ले। मगर, सूरज ने पलभर में पूरे परिवार का सपना उजाड़ कर रख दिया। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक के छोटे भाइयों, पिता, बहन और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में जिसको भी सूरज की करतूत की खबर लगी। वही उस पर थू-थू करने लगा।
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मडराक कस्बा निवासी रमाकांत शर्मा निजी चिकित्सक हैं। उनके परिवार में तीन बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा चंद्रमोहन उर्फ राघव (18) सासनी थाना क्षेत्र के आरके कालेज से बी. फार्मा प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वाकया के अनुसार रविवार दोपहर को चंद्रमोहन को उसके गांव का ही दोस्त किरण गौड़ लैपटॉप लेने के बहाने अपने साथ लेकर गया था।
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इसके बाद चंद्रमोहन लौटकर घर नहीं पहुंचा। परिवारीजनों ने देर रात तक काफी तलाश की, मगर उसका सुराग नहीं लगा। सोमवार सुबह पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने किरण गौड़ को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। पहले तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा। मगर, कड़ाई से पूछताछ होने पर वह टूट गया। किरण ने पुलिस को बताया कि चंद्रमोहन के तरेहे भाई सूरज उर्फ बौना पुत्र स्व. रामप्रताप ने उसका अपहरण कर हत्या करने के लिए दो लाख की सुपारी दी थी।
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इस पर वह चंद्रमोहन को घर से लैपटॉप लेने के लिए चलने के बहाने से बुलाकर हरदुआगंज के बरा नदी गांव के पास खारिजा नहर पर ले गया। वहां नहर के किनारे प्रकाश नाम के व्यक्ति के आम के बाग में लेकर जाकर अपने दोस्त बॉबी निवासी शाहपुर, मडराक और संतोष निवासी ऊंटगिर, हरदुआगंज के साथ मिलकर उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या करने के बाद शव को बाग में ही गड्ढे में दफना दिया है। पुलिस ने सोमवार देर रात किरण की निशानदेही पर बरा नदी पहुंचकर शव बरामद किया।
साथ ही उसके दोस्त संतोष और बॉबी सहित मृतक के तहेरे भाई बौना को हिरासत में ले लिया। देर को पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पर भेज दिया। इंस्पेक्टर मडराक सुरेश चंद के अनुसार चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। चंद्रमोहन के गले पर चाकुओं से हमला कर उसे आरोपियों ने मौत के घाट उतारा है। एसपी देहात मणीलाल पाटीदार के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी है।
लालच में अंधा हुआ भाई, क्राइम सीरियल देख रची हत्या की कहानी बेटे की हत्या की खबर पाते ही परिवार में मचा कोहराम, उजड़े पिता के सपने
अलीगढ़। मडराक कस्बे के चंद्रमोहन की हत्या कराने वाला उसका तहेरा भाई सूरज उर्फ बौना 10 बीघा जमीन के लालच में अंधा हो गया था। उसने पहले भी परिवार में इस जमीन को लेकर काफी विवाद किया था।
पिता की मौत के बाद पुस्तैनी खेत का दोनों चाचाओं का हिस्सा उसने दबा लिया। खुद ही उस खेत ही जुताई करने लगा था। पिछले दिनों इसी बात को लेकर परिवार में विवाद बढ़ा। रमाकांत का बेटा चंद्रमोहन उसके रास्ते का रोड़ा बनते हुए खुलकर उसके विरोध में उतर आया था। इस पर उसने उसके अपहरण और हत्या की कहानी रच दी।
पुलिस पूछताछ में सूरज ने कुबूला कि उसने एक क्राइम सीरियल देखकर चंद्रमोहन की हत्या की साजिश रची थी। चंद्रमोहन के दोस्तों को ही अपहरण व हत्या के लिए सुपारी देने का मकसद यह था कि वह चंद्रमोहन के करीबी थे, जिससे की उसका अपहरण कराने में आसानी हुई। साथ ही यह भी अंदेशा था कि चंद्रमोहन का अच्छा दोस्त होने के चलते किरण पर किसी का शक भी नहीं जाएगा।
मृतक चंद्रमोहन के पिता के अनुसार वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उससे छोटे ब्रजमोहन (14) धमेंद्र (11) और एक बेटी लक्ष्मी (8) है। रमाकांत के अनुसार उन्हें इस बात का अंदेशा भी न था कि बड़े भाई का बेटा जमीन के लालच में इतना अंधा हो जाएगा कि अपने भाई को ही मौत के घाट उतरवा देगा।
चंद्रमोहन पढ़ाई लिखाई में तेज था। डाक्टर पिता का सपना था कि वह बीफ़ार्मा करके मेडिकल लाइन में अच्छी नौकरी पा ले। मगर, सूरज ने पलभर में पूरे परिवार का सपना उजाड़ कर रख दिया। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक के छोटे भाइयों, पिता, बहन और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में जिसको भी सूरज की करतूत की खबर लगी। वही उस पर थू-थू करने लगा।