फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   story of Badal Babu of India and Sana Rani of Pakistan

इस्लाम कबूलता तो बदलता नाम: बादल नहीं करना चाहता था माता-पिता से बात, फिर बोला-सना के बिना जीवन की कल्पना नहीं

Sun, 26 Jan 2025 03:48 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 26 Jan 2025 03:48 PM IST
सार

बादल के पिता कृपाल सिंह ने कहा कि इस्लाम कबूलने की बात क्यों कही यह समझ से परे है। इस्लाम कबूलने वाले व्यक्ति को काजी के सामने कलमा पढ़ना होता है। काजी इस्लाम कबूलने वाले व्यक्ति को नया नाम देते हैं और उसे रजिस्टर में दर्ज करते हैं। लेकिन बादल के साथ जेल के अंदर ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं हुई।

विज्ञापन
story of Badal Babu of India and Sana Rani of Pakistan
पाकिस्तान से वीडियो कॉलिंग पर बादल बाबू - फोटो : परिजन

विस्तार

फेसबुक पर हुए प्यार के चक्कर में बिना वीजा-पासपोर्ट पाकिस्तान पहुंचे बरला के बादल बाबू की रिहाई कब होगी यह अभी तय नहीं। बादल के खिलाफ जांच कर रही पुलिस टीम अभी 18 बिंदुओं पर उससे सवाल-जवाब करेगी, उन जवाबों का सत्यापन करेगी। तब चार्जशीट दायर करेगी। अभी चार्जशीट न पहुंचने के कारण अदालत ने अगली सुनवाई के लिए सात फरवरी की तारीख तय की है।

विज्ञापन


पाकिस्तान से बादल के परिवार को जानकारी देते हुए अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इसीलिए चार्जशीट न्यायालय में नहीं पहुंच सकी है। उसके लिए पुलिस ने 18 बिंदुओं पर सवाल तय किए हैं। जिसमें बॉर्डर से पाकिस्तान में सना के घर तक कैसे और किस रूट से पहुंचा? किस जगह से वह पाकिस्तान में दाखिल हुआ? इन सब पर जवाब लेकर सत्यापन करेगी। अब तक पुलिस बादल की बातों से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है। सना व उसके परिवार वालों के अलावा पुलिस हाजी खां असगर व अन्य लोगों के बयानों की कार्रवाई भी पूरी नहीं कर सकी है। बादल के पिता कृपाल सिंह के अनुसार अधिवक्ता ने बताया है कि बादल को पुलिस के 18 सवालों के जवाब देने होंगे।
विज्ञापन


बरला के गांव खिटकारी के कृपाल सिंह का बेटा बादल बाबू 15 अक्तूबर को फेसबुक पर बनी प्रेमिका सना रानी से मिलने पाकिस्तान उसके घर पहुंच गया था। 27 दिसंबर को पाकिस्तानी पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। तब से वह जेल में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस्लाम कबूलना स्वीकारा, पर नाम नहीं बदला

पाकिस्तान की जेल में बंद बादल बाबू ने माता-पिता से बात करते वक्त इस्लाम कबूलने की बात तो स्वीकारी। मगर अभी नाम नहीं बदला है। न ही उसने किसी कारी या मौलवी के समक्ष कलमा पढ़कर विधिवत तरीके से इस्लाम धर्म अपनाना बताया है। कृपाल सिंह बताते हैं कि हो सकता है कि उसने इस्लाम स्वीकारना किसी दबाव में कहा हो। इसीलिए अपना नाम न बदला हो।

नहीं करना चाहता था माता-पिता से बात
पिता के अनुसार अधिवक्ता ने अदालत से अनुमति लेकर बात कराना तय किया था। जिसके लिए तीस मिनट का समय मिला था। मगर निचली अदालत से यह अर्जी खारिज हुई थी। बाद में उच्च अदालत से अनुमति मिली थी। जिसमें पुलिस की मौजूदगी में माता पिता से बात कराने के लिए 30 मिनट का समय दिया था। पहले तो बादल बात करने को तैयार न था। मगर समझाने पर वह बात करने को राजी हुआ। इस दौरान 20 मिनट का समय तो नेटवर्क व व्यस्तता में ही निकल गया। किसी तरह दस मिनट वीडियो कॉल पर बात हो सकी है।

सना के बिना जीवन की कल्पना नहीं

बेशक सना ने बादल से शादी से इंकार कर दिया। मगर आज भी वह उसके प्यार में पागल है। पिता से बातचीत में कहा कि जिस लड़की के लिए वह अपना सब कुछ छोड़कर आया हो उसके बिना जीवन की कल्पना मुमकिन नहीं। अपने पिता से कहा कि हो सकता है वह कभी उनके पास न लौटे और जीवनभर पाकिस्तान में ही रहे। वह सना को नहीं छोड़ सकता। उसने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो वह उसके लिए जान तक दे सकता है। बादल को अभी भी उम्मीद है कि जेल से छूटने के बाद वह अपने प्यार को पा लेगा। पिता ने कहा कि वह बस इतना ही कह सकते हैं कि उनका बेटा उनके पास लौटकर आ जाए।

बोले पिता-इस्लाम कबूलता तो बदलता नाम
कृपाल सिंह बताते हैं कि इस्लाम कबूलने की बात क्यों कही यह समझ से परे है। इस्लाम कबूलने वाले व्यक्ति को कारी के सामने कलमा पढ़ना होता है। कारी इस्लाम कबूलने वाले व्यक्ति को नया नाम देते हैं और उसे रजिस्टर में दर्ज करते हैं। लेकिन बादल के साथ जेल के अंदर ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed