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टप्पल में खुलेगा प्रदेश का पहला प्रेरणा ग्रामीण बाजार
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्टार्ट अप विलेज इंटर प्राइस कार्यक्रम के तहत टप्पल कस्बे में प्रदेश का पहला प्रेरणा ग्रामीण बाजार खुलेगा। यहां 400 से अधिक दुकानें होंगी। बाजार खोलने का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से जिले के प्रत्येक ब्लॉक में बाजार खोले जाएंगे। टप्पल में बाजार दो माह में शुरू करने की योजना है।
जिले में करीब 15 हजार से अधिक सहायता समूह सक्रिय हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इन समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने व उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। महिलाओं के कुछ समूह हल्दी का उत्पादन कर रहे हैं तो कुछ समूह आलू व केला चिप्स, अचार, मुरब्बा, दलिया, आटा बना रहे हैं। इनके अलावा, कई समूहों द्वारा रेडीमेड कपड़े, दोना पत्तल, मोमबत्ती, खाद्य तेल, हर्बल साबुन, हैंडबैग, झाड़ू, माला, सजावटी सामान, टॉयलेट क्लीनर, हैंडवॉश, फिनायल, सैनिटाइजर आदि बनाए जा रहे हैं। इन घरेलू उत्पादों को प्रेरणा ग्रामीण बाजार में थोक व फुटकर के रूप में बेचने की योजना बनाई गई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिलाने के साथ ही उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद को बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसकी शुरूआत टप्पल ब्लॉक से हो रही है। इसके बाद जिले के सभी ब्लॉकों के कस्बों में बाजार खोले जाएंगे।
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- अंकित खंडेलवाल, सीडीओ।
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जिले में करीब 15 हजार से अधिक सहायता समूह सक्रिय हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इन समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने व उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। महिलाओं के कुछ समूह हल्दी का उत्पादन कर रहे हैं तो कुछ समूह आलू व केला चिप्स, अचार, मुरब्बा, दलिया, आटा बना रहे हैं। इनके अलावा, कई समूहों द्वारा रेडीमेड कपड़े, दोना पत्तल, मोमबत्ती, खाद्य तेल, हर्बल साबुन, हैंडबैग, झाड़ू, माला, सजावटी सामान, टॉयलेट क्लीनर, हैंडवॉश, फिनायल, सैनिटाइजर आदि बनाए जा रहे हैं। इन घरेलू उत्पादों को प्रेरणा ग्रामीण बाजार में थोक व फुटकर के रूप में बेचने की योजना बनाई गई है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिलाने के साथ ही उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद को बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसकी शुरूआत टप्पल ब्लॉक से हो रही है। इसके बाद जिले के सभी ब्लॉकों के कस्बों में बाजार खोले जाएंगे।
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- अंकित खंडेलवाल, सीडीओ।