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Speed Breaker: वाहन चालकों को कमर-रीढ़ दर्द दे रहे स्पीड ब्रेकर, रोजाना पहुंच रहे मरीज

Fri, 28 Mar 2025 01:51 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 28 Mar 2025 01:51 PM IST
सार

सड़क पर जगह-जगह लगे स्पीड ब्रेकर से वाहनों की रफ्तार तो कम हो रही है, पर वाहन चलाने वालों के पीठ और रीढ़ की हड्डी में दर्द बढ़ रहा है। दर्द को लेकर मरीज हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास उपचार के लिए संपर्क कर रहे हैं।

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Speed breakers are causing back and spinal pain to drivers
अब्दुल्लाह कॉलेज रोड पर बना स्पीड ब्रेकर - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ शहर में वाहनों की रफ्तार से होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। लेकिन यही स्पीड ब्रेकर अब कमर और रीढ़ दर्द देने लगे हैं। हड्डी के डॉक्टरों के पास कमर और रीढ़ दर्द के रोजाना पांच मरीज पहुंच रहे हैं।

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शहर में हर सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। यह ब्रेकर प्लास्टिक के हैं, जो एक नहीं, बल्कि तीन लगे होते हैं। ब्रेकर से गुजरने पर चालकों के शरीर में तेजी से झटका लगता है। 80 मीटर दूरी पर दूसरा ब्रेकर लगाने का नियम है, लेकिन नियमों की अनदेखी की जा रही है। कहीं प्लास्टिक के ब्रेकर हैं, तो कहीं तारकोल की सड़क पर असामान्य तरीके से ब्रेकर बने हुए हैं।

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बेतरतीब ढंग से बनाए गए स्पीड ब्रेकर से लोगों को कमर दर्द, सर्वाइकल जैसी बीमारियां का मरीज बनाया जा रहा है। स्पीड ब्रेकर से अचानक झटका लगने पर रीढ़ की हड्डी, गर्दन और कमर में दर्द, चोट और गंभीर मामलों में स्लिप डिस्क, वर्टेब्रल कंप्रेशन फ्रैक्चर या डिस्क प्रोलैप्स आदि समस्याएं हो सकती हैं। - डाॅ. आयुष कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ

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मानक के विपरीत स्पीड ब्रेकर काफी दुख देने वाला है। इस पर वाहन गुजरते वक्त पूरे शरीर को तेजी से झटका लगता है। वाहन चालकों को ब्रेकर पर अपने वाहन की गति को नियंत्रित करना चाहिए जिससे कि शरीर को भी कोई चोट न पहुंचे। - डॉ. भरत कुमार वार्ष्णेय, प्रेसिडेंट इलेक्ट, आईएमए
शहर में स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। मगर नियमों की अनदेखी की गई है। ब्रेकर में प्लास्टिक के तीन स्लोप होने से अक्सर दो पहिया अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं। वह रफ्तार से नहीं, बल्कि ब्रेकर के चलते चोटिल हो जाते हैं। - प्रदीप के गुप्त, अध्यक्ष, पुरातन छात्र समिति

अचानक झटके लगने से कमर की मांसपेशियों और लिगामेंट्स में खिंचाव हो सकता है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है। सायटिका या स्पॉन्डिलोसिस की समस्या बढ़ सकती है। ब्रेक लगाने से सिर में अचानक झटका लग सकता है। बुजुर्गों में हड्डियों के फ्रैक्चर या जोड़ खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।-डॉ. केशव गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ

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