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CAA: उस रात भी अफवाह ने शहर के अमन को लगाया था पलीता, अलीगढ़ में बढ़ाई गई विशेष सतर्कता

Tue, 12 Mar 2024 06:45 PM IST
चमन शर्मा अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 12 Mar 2024 06:45 PM IST
सार

देश में सीएए का विरोध जगह-जगह शुरू हो गया था। अलीगढ़ में सबसे पहले इसकी शुरुआत दिसंबर माह में छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर धरने से की। छात्रों ने कलेक्ट्रेट कूच तक का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने रोक लिया था। इसी बीच 15 दिसंबर की शाम अचानक जामिया दिल्ली में पुलिस लाठीचार्ज की अफवाह कैंपस में आई और यहां छात्र उग्र हो गए।

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Special vigilance increased in Aligarh regarding CAA
सीएए - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

दिसंबर 2019 में जब सीएए-एनआरसी कानून को संसद में पारित हुआ, तब अलीगढ़ में जमकर उपद्रव हुआ था। दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर शाहजमाल में धरना चला था। बाहरियों द्वारा फैलाई अफवाह ने लगभग शहर के अमन को पलीता लगा दिया था और तीन माह तक माहौल गर्माया रहा था। अब सीएए लागू होने के बाद बाद फिर से वे यादें ताजा हो गई है।

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देश में सीएए का विरोध जगह-जगह शुरू हो गया था। अलीगढ़ में सबसे पहले इसकी शुरुआत दिसंबर माह में छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर धरने से की। छात्रों ने कलेक्ट्रेट कूच तक का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने रोक लिया था। इसी बीच 15 दिसंबर की शाम अचानक जामिया दिल्ली में पुलिस लाठीचार्ज की अफवाह कैंपस में आई और यहां छात्र उग्र हो गए। उन्हें रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। दोनों ओर से काफी संख्या में लोग जख्मी हुए। तब यह बात सामने आई कि किसी बाहरी ने कैंपस में आकर अफवाह फैलाई थी। बाहरियों की एक भीड़ ने ही लाइब्रेरी पर हंगामा शुरू किया,जिसमें छात्र भी शामिल हुए और बवाल बढ़ गया।
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अगले दिन पुलिस इंटेलीजेंस की रिपोर्ट आई कि 14 दिसंबर को गोरखपुर के डॉ.कफील छात्रों के धरने को संबोधित करके गए थे। उनके उकसाने पर छात्र उग्र हुए। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद कफील पर रासुका तक की कार्रवाई हुई। मगर हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिली और पुलिस कार्रवाई को गलत करार दिया गया। इसी बीच बिहार निवासी चर्चित जेएनयू छात्र शरजिल इमाम का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह एएमयू में छात्रों के धरने में देश विरोधी बयान देते हुए पाए गए और उन पर 26 दिसंबर को देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया।
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शहर भर में हुआ था उपद्रव, एक की गई थी जान
एएमयू कैंपस के अलावा पान वाली कोठी, जमालपुर, सराय रहमान, रसलगंज, सराय सुल्तानी, जीवनगढ़, शाहजमाल आदि इलाकों में जाम, प्रदर्शन, पुलिस पर पथराव व पुलिस से टकराव की घटनाएं कई दिन तक हुईं। एएमयू, जमालपुर, जीवनगढ़ में माहौल किसी तरह शांत करने में पुलिस प्रशासन कामयाब रहा, लेकिन दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज शाहजमाल में महिलाओं ने धरना शुरू किया जो 56 दिन बाद चला था। ऊपरकोट पर हुए उपद्रव में बाबरी मंडी के तारिक नाम के युवक की गोली लगने से मौत हुई।

पुलिस जवाब पर हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
इस प्रकरण में मो.अमन खान सहित कई लोगों की ओर से हाईकोर्ट में पुलिस के खिलाफ याचिका दायर की गई थी, जिसमें छात्रों पर लाठीचार्ज को गलत करार देकर कार्रवाई का अनुरोध किया था। इस याचिका की सुनवाई के क्रम में मानवाधिकार आयोग की सिफारिश पर मुआवजा, पुलिस पर कार्रवाई का आदेश दिया और 24 फरवरी 2020 को एएमयू से भी कैंपस में बाहरियों के प्रवेश व प्रभाव पर रोक लगाने व छात्रों से समन्वय करने को कहा गया था। पुलिस की ओर से कार्रवाई के संबंध में जवाब दाखिल करने और एएमयू को भेजे गए पत्रों का ब्योरा देने पर याचिका खारिज की गई। हालांकि हाईकोर्ट ने एएमयू में बाहरियों के प्रवेश पर प्रतिबंध के संबंध में टिप्पणी भी की थी।

एएमयू में बाहरियों पर रोक को पुलिस ने दिए थे 19 सुझाव

एएमयू में बाहरियों के प्रवेश पर रोक को लेकर जब शोर मचा तो सामने आया कि अपराधी भी समय समय पर एएमयू में छिपते हैं। इसे लेकर पुलिस स्तर से 19 सुझाव दिए गए थे कि छात्रों को आईकार्ड, बाहरी के आने पर ब्योरा लिखना, सीसीटीवी, आपराधिक लोगों का ब्योरा पुलिस को देना, आपराधिक घटनाओं का ब्योरा पुलिस को देना, छात्रों पर आपराधिक कार्रवाई का ब्योरा पुलिस का देना आदि सुझाव दिए गए थे।

पहले हुए बवाल को देखते हुए अलीगढ़ में विशेष सतर्कता बढ़ाई
पूर्व में हुए बवाल को देखते हुए सीएए लागू होते ही शहर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सेक्टर स्कीम लागू कर शहर को तीन जोन और नौ सेक्टरों में बांट दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बाहरी बस्तियों पर खास तौर पर नजर रखी जा रही है। एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट के अनुसार शहर को तीन जोन व नौ सेक्टरों में बांटकर सेक्टर स्कीम लागू की गई है। मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। ये 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर गतिविधियों पर नजर रखेंगे। किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर सतर्कता के साथ पुलिस बल व अधिकारियों को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित करेंगे।

बाहरी बस्तियों पर खास नजर
पुलिस व खुफिया टीमें शहर की बाहरियों बस्तियों में नजर रख रही हैं। यहां बड़ी संख्या में मीट फैक्टरियों में रोहिंग्या मुस्लिमों के काम करने के मामले पूर्व में सामने आए हैं। पिछले प्रदर्शन में काफी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिमों की भागीदारी शाहजमाल, जीवनगढ़ के धरनों में रही थी। ऐसे में यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

हमारी हर स्तर पर तैयारी है। कुछ लोग चिह्नित हैं, जिन्हें रेडकार्ड या नोटिस दिए जा रहे हैं। फिर भी लोगों से अपील है कि किसी के बहकावे में न आएं। पहले कानून के प्रावधानों को समझ लें। किसी को कोई बात समझ नहीं आती है तो बाकायदा इसके लिए शासन की साइट पर व प्रशासन के स्तर पर जानकारी मुहैया कराई जा रही है। बाकी हम किसी तरह के कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटेंगे।-संजीव सुमन, एसएसपी

ये है सिलसिलेवार

  • 15 दिसंबर की रात एएमयू छात्र और बाहरियों से पुलिस का टकराव
  • 16 दिसंबर से कई दिन तक शहर में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध
  • एएमयू से धरना खत्म होने के बाद जीवनगढ़ बाईपास पर धरना चला
  • 20 जनवरी की शाम शाहजमाल-चरखवालान में पुलिस पर पथराव
  • 29 जनवरी से शाहजमाल ईदगाह के सामने महिलाओं का धरना शुरू
  • 22 फरवरी से शाहजमाल से कुछ महिलाएं ऊपरकोट पर धरने पर बैठीं
  • -23 फरवरी को ऊपरकोट पर बवाल, बाबरी मंडी में तारिक जख्मी हुआ
  • 13 मार्च को गोली से जख्मी युवक कोमेडिकल कॉलेज में मृत घोषित किया
  • 24 मार्च को 56वें दिन शाहजमाल का धरना खत्म कराया जा सका


सुर्खियों में रहे थे ये प्रकरण

  • एएमयू-जामिया में लाठीचार्ज पर सुप्रीम कोर्ट में यहां के पुलिस अधिकारी तलब
  • एएमयू छात्रों की ओर से दायर याचिका पर हाईकार्ट ने मानवाधिकार को जांच दी
  • मानवाधिकार आयोग ने की घायल छात्रों को मुआवजे-पुलिस कार्रवाई की संस्तुति
  • एएमयू के स्तर से इस पूरे बवाल की मजिस्ट्रेटी जांच की संस्तुति भी की गई थी


ये रही पुलिस कार्रवाई

  • 23 मुकदमे सिविल लाइंस थाने में दर्ज, तीन में अंतिम रिपोर्ट
  • तीन मुकदमे क्वार्सी थाने में दर्ज, एक में अंतिम रिपोर्ट दी गई
  • आठ मुकदमे देहली गेट थाने में दर्ज, दो में अंतिम रिपोर्ट दी
  • 13 मुकदमे कोतवाली थाने में दर्ज, चार में अंतिम रिपोर्ट दी


47 मुकदमों में दो मुकदमे मर्ज किए गए थे
एएमयू बवाल में एक मुकदमा सिविल लाइंस में पुलिस ने और दूसरा आरएएफ ने कराया। आरएएफ के मुकदमे में 10 हजार अज्ञात आरोपी बनाए थे। जिसे पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे में मर्ज किया। इसी तरह कोतवाली में ऊपरकोट बवाल में दो मुकदमे एक ही घटना में दर्ज हुए। उन दोनों को मर्ज किया गया।

मानवाधिकार आयोग की संस्तुति पर ये कार्रवाई
दो सिपाही व जो पीएसीकर्मियों पर मिस कंडक्ट की कार्रवाई की गई। तीन छात्रों पुरानी चुंगी के नसीर को 25 हजार, कोशांबी कमालपुर के मो.तंजीम को 10 हजार, सुलेमान हॉल के अयाज अंसारी को 10 हजार रुपये मुआवजा दिया था। एमएम हॉल के तारिक, बीएम हॉल के तबरेज व एसएस साउथ के नदीम ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया।
 

सीएए के संबंध में पुलिस एडवाइजरी

सीएए क्या है?
  • नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 भारत के 3 पड़ोसी (अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश) देशों से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आए शरणार्थियों को जिन्होंने 31 दिसम्बर 2014 से पहले भारत में शरण मांगी थी, उनको भारत की नागरिकता का अधिकार देने का कानून है।
  • यह नागरिकता देने का कानून है, सीएए से किसी भी भारतीय की नागरिकता नहीं जाएगी, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।
  • यह कानून केवल उन लोगों के लिए है, जिन्हें वर्षों से उत्पीड़न सहना पड़ा और जिनके पास दुनिया में भारत के अलावा और कोई जगह नहीं है।
  • नागरिकता संशोधन कानून के संदर्भ में कई गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। पूर्व में जब सीएए/एनआरसी लागू किया जा रहा था। उस समय कट्टपंथियों-अराजक तत्वों द्वारा इस कानून को लेकर जनता में भ्रम फैलाया गया, जिस कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।

सीएए कानून को लेकर क्या करें/क्या न करें?
  • किसी भी अफवाह एवं भ्रम से बचें। उक्त कानून से किसी भी भारतीय को कोई नुकसान नहीं होगा।
  • भ्रम पैदा करने एवं विरोध प्रदर्शन/धरना प्रदर्शन के लिए उकसाने वालों की सूचना पुलिस को तत्काल दें।
  • किसी भी व्यक्ति के सीएए/एनआरसी कानून को लेकर भ्रम, अफवाह फैलाने लोगों को उकसाने आदि में संलिप्त पाए जाने पर उसके विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  • सोशल मीडिया पर सीएए/एनआरसी कानून को लेकर किसी प्रकार की भड़काऊ, भ्रम पैदा करने वाली पोस्ट से बचें। यदि कोई इस तरह की पोस्ट डालता है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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