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Ramji Lal Suman: 15 साल पुराने मामले में सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने किया आत्मसमर्पण, यह है मामला

Wed, 27 May 2026 10:13 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Wed, 27 May 2026 10:13 PM IST
सार

जमानत मिलने के बाद सांसद रामजीलाल सुमन ने मीडिया से बातचीत में प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस का दुरुपयोग हो रहा है और निर्दोष लोगों के एनकाउंटर किए जा रहे हैं।

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SP MP Ramji Lal Suman surrenders
दीवानी कचहरी में पेश होने के बाद बाहर आते सांसद रामजीलाल सुमन - फोटो : संवाद

विस्तार

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने 15 साल पुराने मामले में जारी गैर जमानती वारंट के चलते अलीगढ़ की एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। 27 मई को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सांसद गोपनीय तरीके से कोर्ट पहुंचे। यहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।

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सांसद रामजीलाल सुमन ने एसीजेएम प्रथम की अदालत में आत्मसमर्पण अर्जी दाखिल की। मामला जनप्रतिनिधि से जुड़ा होने के कारण अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया। यहां दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि सांसद स्वयं कोर्ट में उपस्थित हुए हैं और कानून का सम्मान कर रहे हैं। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें राहत देते हुए सशर्त जमानत मंजूर कर ली। 
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उन्होंने एसीजेएम फर्स्ट की अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की। मामला मौजूदा सांसद से जुड़ा होने के कारण इसे विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किया गया। विशेष अदालत में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। सांसद के वकीलों ने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित मामला बताया। उन्होंने कहा कि सांसद कानून का सम्मान करते हुए खुद कोर्ट में हाजिर हुए हैं। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद रामजीलाल सुमन को सशर्त जमानत मंजूर कर ली।

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2011 में बिना अनुमति जनसभा करने का आरोप
मामला वर्ष 2011 का है। आरोप है कि कोतवाली नगर क्षेत्र के तुर्कमान गेट स्थित सामियाना प्लाजा में प्रस्तावित जनसभा की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद तत्कालीन सपा नेता रामजीलाल सुमन ने समर्थकों के साथ पहुंचकर प्लाजा का ताला तोड़ दिया और जनसभा की। घटना के बाद पुलिस ने सरकारी आदेश की अवहेलना और तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। बताया गया कि मामले में लगातार गैरहाजिर रहने पर अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसी के तहत बुधवार को उन्होंने अदालत में सरेंडर किया।


जमानत के बाद सरकार पर साधा निशाना
जमानत मिलने के बाद सांसद रामजीलाल सुमन ने मीडिया से बातचीत में प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस का दुरुपयोग हो रहा है और निर्दोष लोगों के एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई जाति और धर्म के आधार पर की जा रही है। साथ ही सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। हालांकि, जब उनसे 2011 के मामले और कोर्ट में आत्मसमर्पण को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।

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