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सपा नेता के बेटे को गोली मारने वाला मुख्य आरोपी सचिन उर्फ पाली गिरफ्तार
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सासनीगेट पुलिस द्वारा पकड़ा गया सपा नेता के बेटे की हत्या का मुख्य आरोपी।
- फोटो : CITY OFFICE
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सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के नेता पूरनमल प्रजापति के बेटे सचिन को गोली मारने वाला मुख्य आरोपी सचिन उर्फ पाली बृहस्पतिवार सुबह पकड़ लिया गया। दोपहर में न्यायालय में पेशी के बाद उसको जेल भेज दिया गया। तीन अन्य आरोपी अमित उपाध्याय पुत्र ईश्वर चंद्र उपाध्याय, अमित के साले योगेश और जितेंद्र उर्फ जीतू पल्सर इस मामले में बुधवार को जेल पहुंच गए थे। बता दें कि बीती सोमवार रात को सासनीगेट के पला साहिबाबाद इलाके के अवतार नगर मोहल्ले में कार्ड बांटने के दौरान सपा नेता और आरोपी पक्ष में कहासुनी के बाद मारपीट हुई और इसके बाद गोली चल गई। गोली सचिन के गले में लगी, जिससे उसकी कुछ देर बाद ही मौत हो गई थी। ये झगड़ा बाइक टकराने में हुआ था।
बहरहाल, बृहस्पतिवार को पुलिस को आखिरकार सचिन को दबोचने में सफलता मिल गई। सासनीगेट पुलिस के अनुसार इंस्पेक्टर जावेद ने बताया कि घटना के बाद ही सचिन अपने परिचितों के यहां छिपा था और बचता फिर रहा था। सुबह मथुरा रोड पर हाईवे पुल के पास से कांवड़ियों की भीड़ के बीच से निकलने की तैयारी में था। पुलिस को सटीक सूचना मिली तो उसको धर दबोचा गया। मौके पर उसके पास से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, एक कारतूस, कुछ नगदी, कपड़ों का बैग मिला है। सचिन ने कहा कि उक्त घटना में पूरनमल प्रजापति और उनके बेटे सचिन आदि ने बाइक टकराने के बाद उसके साथ गालीगलौज की और मारपीट कर दी थी। जिससे उसको भी गुस्सा आ गया था। इसके बाद झगड़ा बढ़ गया। जिसमें पूरनमल को उसने थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद विवाद और बढ़ा और गुस्से में उसने गोली चला दी, जो सचिन को जा लगी। सचिन के इस बयान के बाद मामला लगभग स्पष्ट हो चुका है। पुलिस के अनुसार सचिन को अदालत में पेश कर उसको शाम को जेल भेज दिया गया।
गौर हो इस हत्याकांड के बाद सपाइयों ने जबरदस्त विरोध किया। मारे गए सचिन के शव को हाथरस अड्डा के पास आगरा रोड पर रखकर जाम लगा दिया था। इसके बाद विधान परिषद में भी ये मामला गूंजा। जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ा और सचिन को चौथे दिन गिरफ्तार कर लिया गया।
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गुुुपचुप गिरफ्तारी पर सपाइयों ने उठाए सवाल
अलीगढ़। सचिन हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन उर्फ पॉली की गुपचुप गिरफ्तारी पर सपाइयों ने सवाल उठाए हैं। सपाइयों ने कहा है कि पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेताओं के इशारे पर उसका सरेंडर गुपचुप तरीके से करा कर अपना कागजी काम पूरा किया है। वह हत्या करने के बाद शहर में ही आराम से बना रहा। इसकी पुलिस को भनक तक नहीं लगी, इसके बाद जब विधान परिषद में मामला गूंजा तो दबाव बढ़ाने पर भाजपा नेताओं के इशारे पर ही उसको गिरफ्तार कराया गया।
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बहरहाल, बृहस्पतिवार को पुलिस को आखिरकार सचिन को दबोचने में सफलता मिल गई। सासनीगेट पुलिस के अनुसार इंस्पेक्टर जावेद ने बताया कि घटना के बाद ही सचिन अपने परिचितों के यहां छिपा था और बचता फिर रहा था। सुबह मथुरा रोड पर हाईवे पुल के पास से कांवड़ियों की भीड़ के बीच से निकलने की तैयारी में था। पुलिस को सटीक सूचना मिली तो उसको धर दबोचा गया। मौके पर उसके पास से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, एक कारतूस, कुछ नगदी, कपड़ों का बैग मिला है। सचिन ने कहा कि उक्त घटना में पूरनमल प्रजापति और उनके बेटे सचिन आदि ने बाइक टकराने के बाद उसके साथ गालीगलौज की और मारपीट कर दी थी। जिससे उसको भी गुस्सा आ गया था। इसके बाद झगड़ा बढ़ गया। जिसमें पूरनमल को उसने थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद विवाद और बढ़ा और गुस्से में उसने गोली चला दी, जो सचिन को जा लगी। सचिन के इस बयान के बाद मामला लगभग स्पष्ट हो चुका है। पुलिस के अनुसार सचिन को अदालत में पेश कर उसको शाम को जेल भेज दिया गया।
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गौर हो इस हत्याकांड के बाद सपाइयों ने जबरदस्त विरोध किया। मारे गए सचिन के शव को हाथरस अड्डा के पास आगरा रोड पर रखकर जाम लगा दिया था। इसके बाद विधान परिषद में भी ये मामला गूंजा। जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ा और सचिन को चौथे दिन गिरफ्तार कर लिया गया।
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गुुुपचुप गिरफ्तारी पर सपाइयों ने उठाए सवाल
अलीगढ़। सचिन हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन उर्फ पॉली की गुपचुप गिरफ्तारी पर सपाइयों ने सवाल उठाए हैं। सपाइयों ने कहा है कि पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेताओं के इशारे पर उसका सरेंडर गुपचुप तरीके से करा कर अपना कागजी काम पूरा किया है। वह हत्या करने के बाद शहर में ही आराम से बना रहा। इसकी पुलिस को भनक तक नहीं लगी, इसके बाद जब विधान परिषद में मामला गूंजा तो दबाव बढ़ाने पर भाजपा नेताओं के इशारे पर ही उसको गिरफ्तार कराया गया।