Aligarh News: मलखान सिंह हत्याकांड में फरार सोनू को दिल्ली से किया गिरफ्तार, कोर्ट ने दोषी दिया करार
वर्ष 2006 में हुए पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू सहित सभी 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मगर फरार होने के कारण सोनू गौतम को सजा नहीं सुनाई जा सकी।
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पूर्व विधायक मलखान सिंह व उनके अंगरक्षक की हत्या के मुकदमे में दोषी करार कुख्यात अपराधी सोनू गौतम को गिरफ्तार कर लिया गया। डीजीसी के निर्देश पर चले अभियान में उसे एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने दिल्ली दिलशाद गार्डन इलाके से गिरफ्तार किया और बुलंदशहर जेल भेजा गया है। अब बुलंदशहर सत्र न्यायालय द्वारा उसे तलब कर सजा सुनाए जाने की प्रक्रिया की जाएगी।
एसटीएफ की ओर से जारी प्रेसनोट के अनुसार जिले के गोंडा क्षेत्र के शहरी मदनगढ़ी का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अपराधी व अपने गिरोह डी-30 का लीडर सोनू गौतम पूर्व विधायक व उनके गनर की हत्या में दोषी करार दिए जाने के बाद से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए मिले निर्देश के आधार पर टीम ने काम शुरू किया।
इसी दौरान तड़के ढाई बजे उसे दिल्ली के जीबी पॉकेट दिलशाद गार्डन सीमापुरी शाहदरा इलाके के एक मकान से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक मारुति ब्रीजा कार, 6 मोबाइल, 1 लाख रुपये नकद, एक लाइसेंस व आधार कार्ड की फोटो प्रति बरामद हुई। एसटीएफ द्वारा पूछताछ के बाद उसे बुलंदशहर कोतवाली सदर दाखिल किया गया। जहां से उसे जेल भेजा गया।
ऐसे भगोड़ा घोषित हुआ सोनू गौतम
क्वार्सी के ज्ञान सरोवर-मान सरोवर कालोनी में वर्ष 2006 में हुए पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड की सुनवाई हाईकोर्ट के निर्देश पर बुलंदशहर सत्र न्यायालय में हुई। वह और इस अपराध में शामिल अन्य सभी आरोपी लगातार तारीखों पर हाजिर हो रहे थे। मगर 27 जनवरी को आरोप तय किए जाने के लिए नियत तारीख पर पर सोनू हाजिर नहीं हुआ। बल्कि उसने मलखान सिंह जिला अस्पताल से जारी मेडिकल पर्चे के आधार पर हाजिरी माफी लगा दी।
जिसे अदालत ने खारिज करते हुए भगोड़ा घोषित कर दिया और कुर्की नोटिस जारी किए। इस पर कुर्की नोटिस उसके घर पर चस्पा किया गया। इसके बाद इस मुकदमे में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू सहित सभी 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मगर फरार होने के कारण सोनू को सजा नहीं सुनाई जा सकी। उसी दिन से जिला पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ उसे तलाश रही थी। जिला पुलिस ने उसके घर पर दबिश के दौरान दरवाजा आदि भी तोड़ा था।
बदल रहा था ठिकाने, पूर्व विधायक की हत्या की फिराक में था
एसटीएफ से पूछताछ में उजागर हुआ कि अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के दिन सोनू अलीगढ़ में ही था। इसके अगले दिन वह अलीगढ़ से बाहर गया। फिर वापस अलीगढ़ भी आया। मगर वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। कभी अलीगढ़ व कभी दिल्ली-एनसीआर में रुकता था। गिरफ्तारी से पहले भी वह वहां से कहीं बाहर निकलने की तैयारी में था। इसी मकसद से गाड़ी खड़ी थी। मगर उसके निकलने से पहले पकड़ा गया। वह पूर्व विधायक मलखान सिंह के भाई मुकदमे में पैरवी करने वाले वादी दलवीर सिंह की हत्या की फिराक में था। इसी इरादे से वह अदालत में नियत तारीख से गैर हाजिर हुआ। उसे पता था कि अब सजा तो उसे भी होनी है। जेल जाने से पहले वह इस काम को कर देगा तो आगे की पैरवी रुक जाएगी।
भाई की हत्या का बदला भी इसी फरारी का हिस्सा
एसटीएफ से पूछताछ में सोनू ने स्वीकारा कि पूर्व विधायक की हत्या के बदले उसके भाई हनी गौतम की हत्या हुई थी। उसके मन में यह भी इरादा था कि वह पूर्व विधायक के भाई की हत्या कर अपने भाई की हत्या का बदला लेगा और पैरवी कमजोर करने का काम करेगा। इसी इरादे से वह फरार हुआ था।
10वीं तक शिक्षित सोनू बना गैंग लीडर
एसटीएफ से पूछताछ में सोनू स्वीकारता है कि अपने भाई के कहने पर भाई व अन्य साथियों के साथ मिलकर पूर्व विधयाक की हत्या की। जिसमें उसके अन्य साथी दोषी करार देकर उम्रकैद से दंडित किए गए। उसके बाद वह खुद जरामय दुनिया में प्रवेश कर गया। इस घटना के बाद वह 4 वर्ष दिल्ली तिहाड़ जेल व अन्य जेलों में रहा। फरारी के दौरान उसने अपने कुछ नए दोस्तों हरेंद्र राणा आदि के जरिये अन्य अपराध किए। उस पर अलीगढ़, दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा, ग्वालियर मध्य प्रदेश आदि में 20 के करीब अपराध दर्ज हैं। वह भाड़े पर हत्या करने के आरोपी गैंग का लीडर है।
जिला पुलिस की टीम व अन्य टीमें सोनू को तलाश रही थीं। उसे एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार कर बुलंदशहर जेल दाखिल किया गया है। बाकी जो बुलंदशहर न्यायालय का आदेश होगा, उस पर काम किया जाएगाा।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी