Aligarh News: प्यार को पाने के लिए बेटे ने की थी बाप की हत्या, कहा हर खुशी का रखा ध्यान, उन्हीं को मार दिया
मैं सोनम के प्यार में अंधा हो गया था। जिन्होंने मुझे पाल-पोसकर इतना बड़ा किया। मेरी हर खुशी का ध्यान रखा। उन्हीं की मैंने हत्या कर दी, जिसका मुझे अफसोस रहेगा। अब जीना नहीं है, बस मरना है। यह कहना था पिता की हत्या करने के आरोपी बेटे अनुराग का।
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अलीगढ़ रेलवे स्टेशन की निर्माणाधीन भवन के शौचालय में बृहस्पतिवार की देर रात चाकू से गोदकर बुजुर्ग की हुई हत्या उसके बेटे ने ही प्रेमिका को पाने की खातिर की थी। पिता को मारने के बाद वह प्रेमिका के पति और उसके परिजनों को इस हत्या का जिम्मेदार ठहराते हुए झूठे मुकदमे में फंसाना चाहता था। हत्या करने से पहले उसने खुद शराब पी और पिता को पिलाई थी। नशे में धुत हो जाने पर उसने चाकू घोंप कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
एसपी जीआरपी आगरा मो. मुश्ताक ने बताया कि गांव पुराहार (अलीगंज) एटा निवासी 60 वर्षीय महेंद्र प्रताप यादव गांव में ही मेहनत मजदूरी करते थे। महेंद्र का बड़ा बेटा अनुराग उर्फ जॉनी पानीपत (हरियाणा) में मजदूरी करता था। इसी दौरान उसका मकान मालिक की विवाहित पत्नी एवं तीन बच्चों की मां सोनम के साथ प्रेम संबंध हो गए। सोनम बिहार की रहने वाली थी। तीन साल पहले एक दिन वह उसे लेकर गांव में भाग आया। करीब डेढ़ माह तक अनुराग पति की तरह साथ रहा। फिर अचानक सोनम बच्चों से बिहार में मिलने जाने की कहकर चली गई। वह उसे लेने बिहार पहुंचा तो उसने आने से मना कर दिया। कुछ दिन बाद उसे पता चला कि सोनम फिर से पहले पति के पास पानीपत चली गई है। सोनम के बिना उसका मन नहीं लगता था।
इस पर वह सोनम के पड़ोस में जाकर रहने लगा। इसी बीच झगड़ा हुआ और पंचायत हुई तो उसने पिता महेंद्र प्रताप यादव को बुला लिया। काफी समझाने पर भी सोनम ने पति का साथ छोड़ने से मना कर दिया। बात न बनने पर पिता ने उसे समझाया और अपने साथ वापस गांव लेकर जा रहे थे। अनुराग ने पूछताछ में बताया कि वह सोनम के पति और उसके मायके पक्ष से बेहद नाराज था, क्योंकि उनकी वजह से सोनम उससे दूर चली गई थी। इस पर उसने उन्हें सबक सिखाने की योजना बना ली। पानीपत से आते वक्त उसने खौफनाक कदम उठाते हुए पिता की हत्या कर सोनम के पति और परिजनों को फंसाने की योजना तैयार कर ली।
इसके लिए उसने पानीपत से एक चाकू, चूहे मारने की दवा और शराब की बोतल खरीद ली। अलीगढ़ स्टेशन पर आने पर उसने बहाने से पिता को चूहे मारने की दवा को शराब में मिलाने के बाद पिला दी। नशे में धुत में हो जाने पर साथ लाए चाकू से वार कर उन्हें बहाने से शौचालय में ले जाकर मौत के घाट उतार दिया। फिर मनगढंत कहानी बताते हुए पहले 112 नंबर पर फिर फोन पर मां को सूचना दी और जीआरपी थाने पहुंचकर पिता की हत्या की खबर दी थी। उसे भरोसा था कि उसके इस कथन पर पुलिस भरोसा कर लेगी और सोनम के पति और परिजनों को पकड़कर जेल भेज देगी।
जूते-पैंट पर लगे खून के धब्बे ने खोला राज
आरोपी अनुराग पिता की हत्या को लेकर बयान बदलता रहा। संदिग्ध लगने पर उससे कई दौर में बातचीत की गई। जूते एवं पैंट पर खून के कुछ धब्बे नजर आए तो उस पर शक गहरा गया। पहले बताया कि कुछ अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट करने की बात सुनाई। इसके बाद प्रेमिका सोनम के पति, माता, पिता, बहन एवं अन्य परिजनों पर हत्या करने का आरोप लगा दिया। पुलिस आरोपी को लेकर पानीपत पहुंची। छानबीन हुई तो सोनम और उसके परिजन मौके पर मिले। मोबाइल फोन की लोकेशन भी वहीं की मिली।
पुलिस ने कड़ाई की तो अनुराग ने पिता की हत्या करने का जुर्म स्वीकार कर लिया। निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू का टूटा हैंडल भी घटनास्थल से बरामद हुआ। सर्विलांस, फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए। सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले। सारे सबूतों को लेकर जब कड़ी पूछताछ हुई तो अनुराग ने सच्चाई उगल दी। पुलिस ने विवेचना में आरोपी का नाम बढ़ाते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
प्यार में अंधा हो गया था, अब नहीं जीना
मैं सोनम के प्यार में अंधा हो गया था। जिन्होंने मुझे पाल-पोसकर इतना बड़ा किया। मेरी हर खुशी का ध्यान रखा। उन्हीं की मैंने हत्या कर दी, जिसका मुझे अफसोस रहेगा। अब जीना नहीं है, बस मरना है। यह कहना था पिता की हत्या करने के आरोपी बेटे अनुराग का। उसने बताया कि माता-पिता ने उसे सोनम को भूलकर नई जिंदगी जीने के लिए काफी समझाया था, लेकिन वह प्यार में इस कदर पागल हो चुका था कि उसके बिना जिंदगी अधूरी सी लग रही थी। अब उसे खुद से नफरत होने लगी है और वह मरना चाहता है। इधर, बेटे की इस करतूत पर मां मिथलेश उर्फ गुड्डी समेत अन्य परिजन हतप्रभ हैं। पहले उन्हें अहसास नहीं हो रहा था कि ऐसा भी हो सकता है। जब पुलिस ने सबूत दिखाए तब उन्हें यकीन हुआ।