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अलीगढ़ः समाधान तो दूर, अफसरों से मिलने तक नहीं दिया
Sun, 17 Apr 2022 01:06 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 17 Apr 2022 01:06 AM IST
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सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्या सुनते विधायक रवेन्द्र पाल सिंह, एडीएम सिटी राकेश पटेल, एसडीएम संजीव ओझा व अन्य ।
- फोटो : neeraj
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विधानसभा एवं एमएलसी चुनाव के बाद पहली बार शनिवार को कोल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तमाम उम्मीदों के साथ अफसरों के दरबार में पहुंचे फरियादियों की निराशा हाथ लगी। कई फरियादियों का आरोप था कि उनको अफसरों के पास जाने तक नहीं दिया गया, उनकी फरियाद तक नहीं सुनी गई।
जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में 55 शिकायतें आईं। लेकिन इनमें से किसी भी फरियादी को मौके पर राहत नहीं मिल सकी। अधिकांश शिकायतें राजस्व व पुलिस विभाग से जुड़ी हुई थीं। सभी शिकायतों को संबंधित विभागों के पास भेज दिया गया।
कोल तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह एवं एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने फरियादियों की पीड़ा सुनी। छर्रा विधायक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाकर राहत दी जाए, जिससे उन्हें सरकारी आयोजन एवं सरकार पर विश्वास कायम हो सके। शिकायत लेकर पहुंचे तकीपुर गांव के सोनपाल सिंह ने आरोप लगाया कि वे अपनी समस्या को लेकर तहसील दिवस में पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अफसरों के पास जाने तक नहीं दिया और भगा दिया गया।
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शाहपुर की विमलेश शर्मा ने भी आरोप लगाया कि भीड़ अधिक होने पर उनकी शिकायत को न तो दर्ज किया गया और न ही किसी अफसर ने उनकी पीड़ा को सुना। इसी तरह साथा से पहुंचे मनु शर्मा का कहना था कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी उनकी समस्या को किसी ने नहीं सुना। समाधान में कुल 55 शिकायतें आईं लेकिन किसी भी शिकायत का निस्तारण मौके पर नहीं हो सका।
एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल का कहना है कि कार्यक्रम में अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे फरियादियों को निर्धारित समय तक सुना गया और समस्या निदान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। फिर भी किसी को शिकायत है तो वह उनके कार्यालय में आकर अपनी पीड़ा सुना सकता है, उसकी हरसंभव मदद की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में 55 शिकायतें आईं। लेकिन इनमें से किसी भी फरियादी को मौके पर राहत नहीं मिल सकी। अधिकांश शिकायतें राजस्व व पुलिस विभाग से जुड़ी हुई थीं। सभी शिकायतों को संबंधित विभागों के पास भेज दिया गया।
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कोल तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह एवं एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने फरियादियों की पीड़ा सुनी। छर्रा विधायक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाकर राहत दी जाए, जिससे उन्हें सरकारी आयोजन एवं सरकार पर विश्वास कायम हो सके। शिकायत लेकर पहुंचे तकीपुर गांव के सोनपाल सिंह ने आरोप लगाया कि वे अपनी समस्या को लेकर तहसील दिवस में पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अफसरों के पास जाने तक नहीं दिया और भगा दिया गया।
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शाहपुर की विमलेश शर्मा ने भी आरोप लगाया कि भीड़ अधिक होने पर उनकी शिकायत को न तो दर्ज किया गया और न ही किसी अफसर ने उनकी पीड़ा को सुना। इसी तरह साथा से पहुंचे मनु शर्मा का कहना था कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी उनकी समस्या को किसी ने नहीं सुना। समाधान में कुल 55 शिकायतें आईं लेकिन किसी भी शिकायत का निस्तारण मौके पर नहीं हो सका।
एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल का कहना है कि कार्यक्रम में अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे फरियादियों को निर्धारित समय तक सुना गया और समस्या निदान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। फिर भी किसी को शिकायत है तो वह उनके कार्यालय में आकर अपनी पीड़ा सुना सकता है, उसकी हरसंभव मदद की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।