{"_id":"5f807c368ebc3ec5ee58c018","slug":"social-activist-medha-patkar-demands-judicial-inquiry-into-hathras-gang-rape","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस केस पर मेधा पाटकर बोलीं- सीबीआई सरकारी नियंत्रण में, मामले की न्यायिक जांच हो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस केस पर मेधा पाटकर बोलीं- सीबीआई सरकारी नियंत्रण में, मामले की न्यायिक जांच हो
Fri, 09 Oct 2020 08:35 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 09 Oct 2020 08:35 PM IST
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर
- फोटो : amar ujala
जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने शुक्रवार को चंदपा की बिटिया के परिजनों से मुलाकात करने के बाद कहा कि सीबीआई अब सरकारी नियंत्रण वाली संस्था हो चुकी है। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। जांच कमेटी के जजों का निर्धारण बिटिया के परिजनों की सहमति से होना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि परिजनों की बातों में कोई विरोधाभास नहीं है। अगर कॉल डिटेल सामने आईं हैं, तो परिजनों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अभी तक परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। हाथरस के अस्पताल में उपचार नहीं दिया गया। पीड़िता को अलीगढ़ भेज दिया गया है। चिकित्सकों को चोटें देखकर पूरी जांच करनी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है तो चिकित्सक पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। एम्स ले जाने के लिए परिजनों ने कभी मना नहीं किया लेकिन एम्स की जगह सफदरजंग अस्पताल भेजा गया। परिजनों की सहमति से अगर पोस्टमार्टम किया गया है, तो परिवारों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी जाए। इस परिवार को डीएम ने बुलाकर क्या क्या कहा, वह ये परिवार बयां कर चुका है।
विज्ञापन
परिजनों की सहमति से ही जजों का निर्धारण किया जाना चाहिए, ताकि उनका विश्वास बना रहे। यूपी में बलात्कार की घटनाओं का अनुपात ज्यादा है। पुलिस की सुरक्षा इनको कब तक रहेगी, ये भी विचारणीय प्रश्न है। उन्होंने कहा कि परिजनों ने कभी आर्थिक मदद की मांग नहीं की है। सीएम योगी को अपने अधिकारियों के बयानों पर कंट्रोल रखना चाहिए। सीएम को इस तरह की घटनाओं पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन