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हाथरस हादसा: एसआईटी ने शासन को भेजी 855 पेज की रिपोर्ट, 132 के दर्ज हुए बयान

Tue, 09 Jul 2024 07:19 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 09 Jul 2024 07:19 AM IST
सार

घटनास्थल पर तैनात एक एक पुलिस व अन्य सभी विभागों के कर्मचारी-अधिकारी, प्रारंभिक सूचना वाले कर्मी, एंबुलेंस कर्मी, डॉक्टर, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, किसान, चश्मदीद, घायल, तहसील व जिला स्तर के अधिकारी, डीएम-एसपी आदि के बयान लिए गए।

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SIT sent 855 page report to the government
हाथरस हादसे से पहले सत्संग का दृश्य - फोटो : संवाद

विस्तार

हाथरस हादसे के मूल कारणों और लापरवाही उजागर करने के लिए गठित की गई एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। 8 जुलाई शाम को यह रिपोर्ट एडीजी आगरा-कमिश्नर अलीगढ़ की संयुक्त एसआईटी ने भेजी है। अब शासन स्तर से इस रिपोर्ट पर अध्ययन के बाद कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा सकेगा। रिपोर्ट को बेहद गोपनीय तरीके से तैयार कर शासन को विशेष संदेशवाहक के जरिये भेजा गया है।

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2 जून की दोपहर हुए इस हादसे के बाद ही मुख्यमंत्री स्तर से एसआईटी जांच का आदेश जारी किया गया था। एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ व मंडलायुक्त चैत्रा वी को एसआईटी का जिम्मा देते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की थी। जिसमें सबसे बड़ा सवाल हादसे के मूल कारण और लापरवाही व अनदेखियों को उजागर करना था। हालांकि यह रिपोर्ट 3 जुलाई को ही देनी थी। मगर राहत व बचाव कार्य जारी रहने और बुधवार को मुख्यमंत्री के आने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी।
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3 जुन को मुख्यमंत्री के हाथरस आने पर अधिकारियों ने तीन दिन का समय मांग लिया था। मुख्यमंत्री के जाने के बाद एसआईटी ने अपनी जांच तेज की और बयान दर्ज कराने के लिए लोगों को सूचीबद्ध व समयबद्ध क्रम में सूचित कर उन्हें बुलाया गया। कुल 132 लोगों की सूची तैयार की गई। 5 जुलाई तक बयान आदि की प्रक्रिया पूरी करने के साथ-साथ दो बार घटनास्थल का दौरा, क्राइम सीन पर घटना को फिर से दोहराया जाना, फॉरेंसिक, सर्विलांस आदि साक्ष्य एकत्रित करना आदि किया गया। इस दौरान घटनास्थल पर तैनात एक एक पुलिस व अन्य सभी विभागों के कर्मचारी-अधिकारी, प्रारंभिक सूचना वाले कर्मी, एंबुलेंस कर्मी, डॉक्टर, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, किसान, चश्मदीद, घायल, तहसील व जिला स्तर के अधिकारी, डीएम-एसपी आदि के बयान लिए गए।
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बाबा की ओर से उनके अधिवक्ता के बयान लिए गए। 5 जुलाई को सबसे आखिर में डीएम एसपी के बयान लिए गए। हालांकि उसी दिन रिपोर्ट जाने की उम्मीद थी। मगर 6 जुलाई को अधिकारियों के मेरठ जाने के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। 7 जुलाई को रिपोर्ट निष्कर्ष के साथ बनना शुरू हुई। जिसमें 8 जुलाई सुबह कुछ संशोधन किए गए और कुल 855 पेज की रिपोर्ट दोपहर तक तैयार हुई। इसके बाद उसे शासन को भेजा गया है।


हाथरस हादसे में शासन के निर्देश पर हमको व अलीगढ़ आयुक्त जो एसआईटी जांच का जिम्मा दिया गया था। उसकी रिपोर्ट बनाकर 8 जुलाई शाम को शासन को भेज दी गई है। अब इसमें क्या है, इस विषय में शासन स्तर से ही जानकारी मिल सकती है। रिपोर्ट पर आगे शासन स्तर से ही फैसला लिया जाएगा।-अनुपम कुलश्रेष्ठ, एडीजी, जोन आगरा

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