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सर सैयद की तरह फैलाएं तालीम की रोशनी
Aligarh
Updated Sun, 18 Oct 2015 02:01 AM IST
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सर सैयद की तरह फैलाएं तालीम की रोशनी
अलीगढ़ (ब्यूरो)। केरल के शिक्षा एवं सांस्कृतिक मंत्री पीके अब्दु रब ने कहा कि सर सैयद के जमाने की तरह आज भी अलीगढ़ आंदोलन की जरूरत है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट इसका उदाहरण है। रब शनिवार को कैनेडी हाल में आयोजित एएमयू संस्थापक सर सैयद अहमद खां की 198 वीं जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। केरल के शिक्षा मंत्री ने कहा कि सर सैयद 1872 में कलकत्ता यूनिवर्सिटी से उत्तीर्ण 1882 स्नातकों में से मात्र 57 मुसलमानों की संख्या को देखकर व्यथित हो गए। उन्होंने शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए सर सैयद तहजीबुल अखलाक और साइंटिफिक सोसाइटी की स्थापना की।
सर सैयद ने इंग्लैंड का दौरा कर वहां के शिक्षक संस्थाओं कैम्ब्रिज एवं आक्सफोर्ड की तर्ज पर एएमयू की स्थापना की। उन्होंने कहा कि एएमयू की संस्कृति केवल गंगा जमुना तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसकी खुशबू पूरे देश में महसूस की जा सकती है। आज फिर से एएमयू जैसी संस्थाएं स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही एकजुट होकर अलीगढ़ आंदोलन को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। एएमयू कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि वर्ष 2017 में सर सैयद अहमद खां की 200 वीं जयंती है। हमलोग 2017 तक एएमयू को देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी बनाएंगे। इसके लिए सभी को क्षेत्रवाद, संप्रदाय एवं आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करना होगा। इस समारोह में एएमयू इंटर डिसिप्लीनरी बायोटेक्नोलॉजी यूनिट के कोआर्डिनेटर प्रो. रिजवान हसन खान को वर्ष 2015 का आउट स्टैडिंग रिसर्चर ऑफ दी ईयर अवार्ड प्रदान किया गया। यह अवार्ड उनके द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य पर प्रदान किया गया। बतौर पुरस्कार उन्हें एक लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा अखिल भारतीय निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाली एएमयू की अलवीरा सिद्दीकी तथा तृतीय स्थान हासिल करने वाले कालीकट के नूरउद्दीन मुस्तफा को क्रमश: 25 एवं 10 हजार रुपये का चेक एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। कुलपति ने एएमयू की उपलब्धियों और कैंपस में छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए चल रहे कार्यों से भी अतिथियों को अवगत कराया। समारोह को प्रो. रोमना सिद्दीकी, डॉ. एम मोहिबुल हक, वरदा आरिफ, अब्दुर रकीब आदि ने संबोधित किया। डीएसडब्लू प्रो. अनीस इस्माईल ने धन्यवाद ज्ञापन एवं संचालन डॉ. एफएस शीरानी एवं फायजा अब्बासी ने संयुक्त रूप से किया। इससे पूर्व पाकिस्तान से आए एलुमनाई ब्रिगेडियर इकबाल एम शफी ने सर सैयद की जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
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अलीगढ़ (ब्यूरो)। केरल के शिक्षा एवं सांस्कृतिक मंत्री पीके अब्दु रब ने कहा कि सर सैयद के जमाने की तरह आज भी अलीगढ़ आंदोलन की जरूरत है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट इसका उदाहरण है। रब शनिवार को कैनेडी हाल में आयोजित एएमयू संस्थापक सर सैयद अहमद खां की 198 वीं जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। केरल के शिक्षा मंत्री ने कहा कि सर सैयद 1872 में कलकत्ता यूनिवर्सिटी से उत्तीर्ण 1882 स्नातकों में से मात्र 57 मुसलमानों की संख्या को देखकर व्यथित हो गए। उन्होंने शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए सर सैयद तहजीबुल अखलाक और साइंटिफिक सोसाइटी की स्थापना की।
सर सैयद ने इंग्लैंड का दौरा कर वहां के शिक्षक संस्थाओं कैम्ब्रिज एवं आक्सफोर्ड की तर्ज पर एएमयू की स्थापना की। उन्होंने कहा कि एएमयू की संस्कृति केवल गंगा जमुना तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसकी खुशबू पूरे देश में महसूस की जा सकती है। आज फिर से एएमयू जैसी संस्थाएं स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही एकजुट होकर अलीगढ़ आंदोलन को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। एएमयू कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि वर्ष 2017 में सर सैयद अहमद खां की 200 वीं जयंती है। हमलोग 2017 तक एएमयू को देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी बनाएंगे। इसके लिए सभी को क्षेत्रवाद, संप्रदाय एवं आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करना होगा। इस समारोह में एएमयू इंटर डिसिप्लीनरी बायोटेक्नोलॉजी यूनिट के कोआर्डिनेटर प्रो. रिजवान हसन खान को वर्ष 2015 का आउट स्टैडिंग रिसर्चर ऑफ दी ईयर अवार्ड प्रदान किया गया। यह अवार्ड उनके द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य पर प्रदान किया गया। बतौर पुरस्कार उन्हें एक लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा अखिल भारतीय निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाली एएमयू की अलवीरा सिद्दीकी तथा तृतीय स्थान हासिल करने वाले कालीकट के नूरउद्दीन मुस्तफा को क्रमश: 25 एवं 10 हजार रुपये का चेक एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। कुलपति ने एएमयू की उपलब्धियों और कैंपस में छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए चल रहे कार्यों से भी अतिथियों को अवगत कराया। समारोह को प्रो. रोमना सिद्दीकी, डॉ. एम मोहिबुल हक, वरदा आरिफ, अब्दुर रकीब आदि ने संबोधित किया। डीएसडब्लू प्रो. अनीस इस्माईल ने धन्यवाद ज्ञापन एवं संचालन डॉ. एफएस शीरानी एवं फायजा अब्बासी ने संयुक्त रूप से किया। इससे पूर्व पाकिस्तान से आए एलुमनाई ब्रिगेडियर इकबाल एम शफी ने सर सैयद की जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
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