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Aligarh News: 30 करोड़ का फर्जी टर्नओवर दिखाकर पांच करोड़ की आईटीसी डकारी
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कार्रवाई के लिए पहुंची एसआईबी की टीम। स्रोत : स्वयं
एचआर ट्रेडर्स नाम की फर्जी फर्म ने कागजों पर 30 करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाकर पांच करोड़ की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़प ली है। इसका खुलासा शनिवार को राज्यकर विभाग की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) की छापे में हुई। सिस्टम में दिखाया गया था कि यह फर्म बड़े पैमाने पर आयरन-स्टील, स्क्रैप और सीमेंट की खरीद-बिक्री कर रही है।
असिस्टेंट कमिश्नर (एसएसी) शिव कुमार सिंह ने बताया कि जब एसआईबी की टीम भारी पुलिस बल के साथ मोती विहार, नगला मसानी स्थित एचआर ट्रेडर्स के पते पर पहुंची, तो वहां के हालात देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके पर न तो कोई दफ्तर था और न ही कोई गोदाम। स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने साफ इन्कार कर दिया कि यहां कभी कोई व्यावसायिक इकाई चली भी है। वहां, सिर्फ लोगों के रहने के मकान थे। यानी पूरी फर्म सिर्फ फाइलों और कंप्यूटर स्क्रीन पर चल रही थी।
जांच के दौरान अधिकारियों ने देखा कि फर्म के ऑनलाइन लेजर में 2.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आईटीसी क्लेम करने की प्रक्रिया चल रही थी। एसआईबी ने बिना वक्त गंवाए इसे तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया, जिससे ढाई करोड़ रुपये का सरकारी राजस्व सुरक्षित बच गया।
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असिस्टेंट कमिश्नर (एसएसी) शिव कुमार सिंह ने बताया कि जब एसआईबी की टीम भारी पुलिस बल के साथ मोती विहार, नगला मसानी स्थित एचआर ट्रेडर्स के पते पर पहुंची, तो वहां के हालात देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके पर न तो कोई दफ्तर था और न ही कोई गोदाम। स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने साफ इन्कार कर दिया कि यहां कभी कोई व्यावसायिक इकाई चली भी है। वहां, सिर्फ लोगों के रहने के मकान थे। यानी पूरी फर्म सिर्फ फाइलों और कंप्यूटर स्क्रीन पर चल रही थी।
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जांच के दौरान अधिकारियों ने देखा कि फर्म के ऑनलाइन लेजर में 2.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आईटीसी क्लेम करने की प्रक्रिया चल रही थी। एसआईबी ने बिना वक्त गंवाए इसे तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया, जिससे ढाई करोड़ रुपये का सरकारी राजस्व सुरक्षित बच गया।
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