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अलीगढ़ : वे-बिल पर नहीं मिले किसी भी टीआई के हस्ताक्षर
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मैजिक पेन की सहायता से बुद्धविहार डिपो के एक स्थायी व छह संविदा परिचालक मैजिक पेन की अनोखी स्याही का इस्तेमाल कर परिवहन निगम को चूना लगा रहे थे, लेकिन इन लोगों ने कितने राजस्व का घपला किया। इसका पता अभी तक नहीं लग सकता है। इसके अलावा सीमित जांच से कई सवाल उठने लगे हैं। फर्जी वे-बिल पर किसी टीआई (यातायात निरीक्षक) के हस्ताक्षर थे या नहीं। अभी तक इस संबंध में जांच नहीं की गई है, जबकि जानकारों का कहना है कि एक भी वे-बिल पर किसी टीआई के हस्ताक्षर नहीं मिले हैं। इसका मतलब इन बसों की यात्रा के दौरान कभी जांच ही नहीं हुई। यह सवाल सभी स्तर की मिलीभगत की ओर इशारा कर रहे हैं।
प्रकरण के अनुसार बुद्ध विहार डिपो के सात परिचालक मैजिक पेन का इस्तेमाल कर बस को यात्रा कराते थे। मैजिक पेन की स्याही धूप, गर्मी, हीटर आदि की रोशनी या तपिश में गायब हो जाती है। इसके बाद इस लिखावट को देखना चाहते हैं तो यूवी (अल्ट्रा वायलेट) लाइट में ही देखा जा सकता है। वापस डिपो में कमाई का हिसाब किताब करने से पहले मनमाफिक यात्रियों की संख्या और किराया लिखकर रकम जमा कराते। घालमेल की रकम जेब में रख लेते। अब इस प्रकरण में यह भी सवाल खड़े होने लगे हैं कि जिन वे-बिल पर परिचालक मैजिक पेन का इस्तेमाल करते थे। क्या उस पर टीआई के हस्ताक्षर थे। अधिकारियों से पड़ताल की गई तो बताया गया कि इस बिंदु पर कोई जांच नहीं की गई है, लेकिन जांच जरूर कराएंगे। चूंकि प्रतिदिन मैजिक पेन प्रकरण ने नए-नए खुलासे हो रहे हैं। ऐसे में इस कमाल का धमाल आगे भी जारी रहेगा।
-फर्जी वे-बिल पर किसी टीआई के हस्ताक्षर है या नहीं। इसकी जानकारी नहीं की गई है, लेकिन इस संबंध में जांच करवाएंगे।
- योगेंद्र पाल सिंह, एआरएम, बुद्धविहार डिपो
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प्रकरण के अनुसार बुद्ध विहार डिपो के सात परिचालक मैजिक पेन का इस्तेमाल कर बस को यात्रा कराते थे। मैजिक पेन की स्याही धूप, गर्मी, हीटर आदि की रोशनी या तपिश में गायब हो जाती है। इसके बाद इस लिखावट को देखना चाहते हैं तो यूवी (अल्ट्रा वायलेट) लाइट में ही देखा जा सकता है। वापस डिपो में कमाई का हिसाब किताब करने से पहले मनमाफिक यात्रियों की संख्या और किराया लिखकर रकम जमा कराते। घालमेल की रकम जेब में रख लेते। अब इस प्रकरण में यह भी सवाल खड़े होने लगे हैं कि जिन वे-बिल पर परिचालक मैजिक पेन का इस्तेमाल करते थे। क्या उस पर टीआई के हस्ताक्षर थे। अधिकारियों से पड़ताल की गई तो बताया गया कि इस बिंदु पर कोई जांच नहीं की गई है, लेकिन जांच जरूर कराएंगे। चूंकि प्रतिदिन मैजिक पेन प्रकरण ने नए-नए खुलासे हो रहे हैं। ऐसे में इस कमाल का धमाल आगे भी जारी रहेगा।
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-फर्जी वे-बिल पर किसी टीआई के हस्ताक्षर है या नहीं। इसकी जानकारी नहीं की गई है, लेकिन इस संबंध में जांच करवाएंगे।
- योगेंद्र पाल सिंह, एआरएम, बुद्धविहार डिपो