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गर्मी में बीमार कर रही सड़कों पर पड़ी सिल्ट

Sat, 23 Jun 2018 02:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Sat, 23 Jun 2018 02:18 AM IST
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Sick lying on the roads ill in summer
जनकपुरी में नाले से निकाल कर सड़क पर डाली गई सिल्ट। - फोटो : अमर उजाला
 नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश निर्देशों को हवा में उड़ाते हुए नालों से सिल्ट को निकालने का काम जारी है। भीषण गर्मी में सिल्ट लोगों को बीमार करने का कारण बन रही है। नगर निगम ने इस बार रामघाट रोड पर निरंजन पुरी, जनकपुरी के पास नालों से सिल्ट निकाल कर सड़क पर पलट दी है। इससे शहर के इस सबसे मुख्य मार्ग पर राहगीरों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया।
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इसी तरह आगरा रोड पर भी सिल्ट निकालकर सड़क पर पटक दी गई है। तस्वीर का दूसरा पहलू यह भी है कि जून महीने का अंत होने को आ रहा है लेकिन अभी तक नाला सफाई का 40 फीसदी काम ही हुआ है। इससे बारिश के मौसम में शहर में जलभराव होना तय माना जा रहा है। नगर निगम कार्यकारिणी के उप सभापति पुष्पेंद्र जादौन कहते हैं कि पिछली बोर्ड की बैठक में सबसे मुख्य मुद्दा नाला सफाई और पेयजल का    उठा था।
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संसाधनों का इस्तेमाल क्यों नहीं
अलीगढ़ के सिल्ट के मुद्दे को एनजीटी में ले जाने वाले और प्रभावी आदेश कराने वाले व्यापारी नेता अनुराग गुप्ता कहते हैं कि सड़क पर सिल्ट डालन को लेकर जब एनजीटी ने जवाब तलब किया तो तत्कालीन नगर आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने नाव के आकार वाली ट्रालियों की व्यवस्था की थी। इसमें पोकलैंड मशीन नाले से सिल्ट निकाल कर सीधे ट्राली में डालेगी। यह व्यवस्था बेहद कारगर साबित हुई। लेकिन फिर कुछ लोगों के व्यक्तिगत हितों के चलते इस व्यवस्था को फेल करने का काम किया गया। क्योंकि नाला सफाई के काम में जो जनता के पैसे की सफाई होती है, उसके संबंध में सभी परिचित हैं।
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40 फीसदी भी नाले नहीं हुए हैं साफ
नाला सफाई के काम में अनियमितताओं को लेकर नगर निगम कार्यकारिणी के पूर्व उप सभापति और नगर निगम बोर्ड के लंबे समय तक सदस्य रहे कुलदीप पांडे ने कई बार स्वर मुखर किया है। वह कहते हैं कि नाला सफाई का 40 फीसदी काम भी नहीं हुआ है। कई जगहों पर नालों का ?लो उल्टा है और उनका भुगतान भी कर दिया गया है। इसके अलावा नगर निगम की स्वीपिंग मशीन सिर्फ कागजों पर चलती हैे। एक दिन सड़क पर चलती है। घंटा घर से लाल डिग्गी वाले रोड की ही यह सफाई करती है। नाला सफाई के काम के लिए सुपर सकर मशीन का भी खास इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बारिश के समय जलरभराव की स्थिति होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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