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जेके, मंगलम और अल्ट्राटेक को शासन से कारण बताओ नोटिस
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कासिमपुर-साथा क्षेत्र में लगी सीमेंट फैक्टिरयों की बंदी पर फैसला हो सकता है। अमर उजाला द्वारा पिछले दिनों प्रदूषण का मुद्दा उठाए जाने के बाद हुई जांच में यहां मानक से अधिक वायु प्रदूषण मिला। जिसके संबंध में क्षेत्रीय कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। वहां से तीनों फैक्टिरयों जेके, मंगलम व अल्ट्राटेक को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जिनमें 15 दिन में जवाब मांगा गया है। अन्यथा बंदी संबंधी आदेश भी जारी हो सकता है।
इन तीनों फैक्टिरयों के द्वारा वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा है। इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों के स्तर से आवाज उठाई गई। जिस पर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी । ग्रामीणों के स्तर से भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की गई। शिकायत के आधार पर मुख्यालय के निर्देश पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय की टीम ने मौके पर जांच की।
जिसमें वायु प्रदूषण मानक एक्ूयूआई 100 माइक्रो घन मीटर से तीन गुना 250 से 300 माइक्रो घनमीटर तक मिला। साथ में वहां प्रदूषण रोकने संबंधी इंतजाम भी बेहद कमजोर थे। इस संबंध में रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भेजी गई। इसके आधार पर तीनों को मुख्यालय स्तर से ही नोटिस जारी किए गए हैं।
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जिसमें 15 दिन में जवाब दाखिल करने, अन्यथा की स्थिति में बंदी पर निर्णय की चेतावनी दी गई है। इनको लेकर जुलाई माह में भी एक शिकायत हुई थी, जिस पर सिर्फ अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की जांच हुई थी। पुन: शिकायत पर तीनों की एक साथ जांच हुई है।
ग्रामीणों के स्तर से हुई शिकायत के बाद शासन के निर्देश पर जांच की गई थी, जिसमें तीनों में मानक से अधिक 250 से 300 माइक्रो घन मीटर तक एक्यूआई पाया गया। प्रदेश मुख्यालय को इसकी रिपोर्ट भेजी गई। अब वहीं से कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं, जिसमें 15 दिन में जवाब दाखिल न करने पर बंदी आदेश भी जारी हो सकता है। - डॉ.जेपी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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इन तीनों फैक्टिरयों के द्वारा वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा है। इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों के स्तर से आवाज उठाई गई। जिस पर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी । ग्रामीणों के स्तर से भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की गई। शिकायत के आधार पर मुख्यालय के निर्देश पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय की टीम ने मौके पर जांच की।
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जिसमें वायु प्रदूषण मानक एक्ूयूआई 100 माइक्रो घन मीटर से तीन गुना 250 से 300 माइक्रो घनमीटर तक मिला। साथ में वहां प्रदूषण रोकने संबंधी इंतजाम भी बेहद कमजोर थे। इस संबंध में रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भेजी गई। इसके आधार पर तीनों को मुख्यालय स्तर से ही नोटिस जारी किए गए हैं।
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जिसमें 15 दिन में जवाब दाखिल करने, अन्यथा की स्थिति में बंदी पर निर्णय की चेतावनी दी गई है। इनको लेकर जुलाई माह में भी एक शिकायत हुई थी, जिस पर सिर्फ अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की जांच हुई थी। पुन: शिकायत पर तीनों की एक साथ जांच हुई है।
ग्रामीणों के स्तर से हुई शिकायत के बाद शासन के निर्देश पर जांच की गई थी, जिसमें तीनों में मानक से अधिक 250 से 300 माइक्रो घन मीटर तक एक्यूआई पाया गया। प्रदेश मुख्यालय को इसकी रिपोर्ट भेजी गई। अब वहीं से कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं, जिसमें 15 दिन में जवाब दाखिल न करने पर बंदी आदेश भी जारी हो सकता है। - डॉ.जेपी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड