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Aligarh News: रोडवेज बस में चली गोली, सिक्योरिटी गार्ड की मौत, यात्री और सिपाही गंभीर घायल

Thu, 09 Jul 2026 03:01 PM IST
Chaman Kumar Sharma नितिन गुप्ता, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
नितिन गुप्ता, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Thu, 09 Jul 2026 03:01 PM IST
सार

बस में विनोद यादव और उनके पड़ोसी राकेश कुमार सवार थे। दोनों अपनी-अपनी लाइसेंसी सिंगल बैरल रिपीटर बंदूक लेकर गाजियाबाद जा रहे थे। दोनों बंदूकें बस के फर्श के सहारे टिकी हुई थीं। बस में अचानक तेज धक्का (झटका) लगने से बंदूक से फायर हो गया। गोली सीधे विनोद यादव के सीने में जा धंसी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

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Shot fired in UP Roadways bus
मृतक विनोद यादव, मौत के बाद जिला अस्पताल पहुंचे परिवार के लोग - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली-कानपुर हाईवे पर 9 जुलाई दोपहर चलती रोडवेज बस में झटका लगने से एक सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से अचानक गोली चल गई। गोली सिक्योरिटी गार्ड विनोद यादव (35) के सीने में जा धंसी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। हादसे की जानकारी पर पहुंचे पुलिसकर्मी उसके शव को उठाने लगे इसी दौरान गार्ड की बंदूक से दोबारा गोली चल गई। इसकी चपेट में आने से एक मुख्य आरक्षी और बस में सवार एक अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

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मैनपुरी डिपो की रोडवेज बस करीब 30 यात्रियों को लेकर एटा से दिल्ली की तरफ जा रही थी। बस में कासगंज जिले के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के दामरी निवासी विनोद यादव और उनके पड़ोसी राकेश कुमार सवार थे। दोनों अपनी-अपनी लाइसेंसी सिंगल बैरल रिपीटर बंदूक लेकर गाजियाबाद जा रहे थे। दोनों बंदूकें बस के फर्श के सहारे टिकी हुई थीं। 
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गभाना क्षेत्र में पैराई पुलिस चौकी से करीब दो किलोमीटर आगे पहुंची बस में अचानक तेज धक्का (झटका) लगने से बंदूक से फायर हो गया। गोली सीधे विनोद यादव के सीने में जा धंसी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनका शव बंदूक के ऊपर गिर पड़ा। गोली चलते ही पूरी बस में चीख-पुकार मच गई। चालक ओमकार सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तत्काल पैराई पुलिस चौकी पर ले जाकर रोका और पुलिस को सूचना दी।
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हादसे में घायल सिपाही व यात्री
शव उठाते समय दोबारा चली गोली, सिपाही के पैर में लगी 
चौकी पर बस रुकते ही सहमे यात्री नीचे उतर गए। बस में चालक और पीछे बैठा एक यात्री ब्रजेश ही थे। बस से उतारने के लिए मुख्य आरक्षी रवेंद्र सिंह जैसे ही शव उठाने लगे तभी नीचे दबी बंदूक से दूसरा फायर हो गया। इस बार गोली मुख्य आरक्षी रवेंद्र के पैर में जा लगी, जबकि छर्रे लगने से पीछे बैठे ब्रजेश निवासी नूरपुर, मलावन, एटा भी घायल हो गए। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने हादसे का सबब बनी बंदूक को कब्जे में ले लिया है।

प्रथम दृष्टया दोनों हथियार लाइसेंसी प्रतीत हो रहे हैं। चलती बस में अचानक गोली चलने और फिर पुलिसकर्मी की ओर से शव उठाते समय दोबारा फायर होने के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कराई जा रही है। दोनों घायलों का इलाज चल रहा है और फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं।- आदित्य बंसल, एसपी सिटी, अलीगढ़

नौकरी की तलाश में जा रहे थे दोनों पड़ोसी
मृतक विनोद यादव के भतीजे आकाश ने बताया कि विनोद और राकेश दोनों गाजियाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी तलाशने जा रहे थे। वहां एक परिचित ने उन्हें एक कंपनी में इंटरव्यू के लिए बुलाया था। खुद को अनुभवी दिखाने के लिए दोनों अपनी-अपनी लाइसेंसी बंदूकें भी साथ लेकर जा रहे थे। विनोद अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं।

गोली की आवाज की आवाज सुन यात्रियों को लगा, फट गया टायर
अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर पहले तो यात्रियों को लगा कि बस का टायर फट गया है, लेकिन जब पास बैठे सहयात्रियों के कपड़ों और चेहरे पर खून के छींटे पड़े, तो हकीकत देखकर सबके होश उड़ गए। जान बचाने के लिए बच्चे सहम गए और लोग सीटों के नीचे छिपने लगे। कुछ ही मिनटों में सामान्य सफर खौफनाक मंजर में बदल गया।

तेज बारिश के चलते नहीं मिल सकी स्थानीय मदद
पैराई चौकी से दो किमी पहले जब यह हादसा हुआ, तब इलाके में तेज बारिश हो रही थी। हाईवे किनारे चाय की दुकान चलाने वाले एक युवक ने बताया कि दोपहर में तेज बारिश के कारण गोली चलने की आवाज तो आई, लेकिन लगा कि शायद बिजली कड़की है या टायर फटा है। बस भी सीधे चौकी की तरफ निकल गई, जिसके कारण मौके पर स्थानीय लोग मदद के लिए नहीं पहुंच पाए।

लाइसेंसी हथियारों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने सार्वजनिक वाहनों में लाइसेंसी हथियार लेकर यात्रा करने के नियमों और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, बंदूक में चार कारतूस भरे हुए थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फर्श पर रखी बंदूक में झटका लगने से ट्रिगर दब गया या मैकेनिज्म फेल हो गया। पुलिस अब हथियार की तकनीकी जांच (फोरेंसिक जांच) करा रही है कि क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी।

कई कारण हो सकते हैं स्वत: गोली चलने के, होगी फॉरेंसिंक जांच
सिंगल बैरल रिपीटर बंदूक का बिना ट्रिगर दबाए अपने आप चल जाना एक बेहद गंभीर और खतरनाक स्थिति है। एसपी सिटी आदित्य बंसल कहते हैं कि अचानक बंदूक से गोली कैसे चली इसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।

हथियार की मैकेनिक्स के जानकार गन हाउस संचालक अमर सिंह कहते हैं कि यह सबसे आम कारण यह है कि जब आप रिपीटर बंदूक के मैकेनिज्म को पीछे खींचकर आगे छोड़ते हैं ताकि अगली गोली चैंबर में लोड हो सके, तो कभी-कभी बोल्ट बहुत तेजी से आगे बढ़ता है। यदि फायरिंग पिन में कचरा, सूखा तेल या कार्बन जमा हो गया है और वह अपनी जगह पर आगे की ओर ही फंस गई है, तो जैसे ही बोल्ट गोली को चैंबर में धकेलेगा, फायरिंग पिन बिना ट्रिगर दबाए ही गोली के प्राइमर से टकरा जाएगी और बंदूक चल जाएगी। 

फायरिंग पिन को पीछे रखने वाला स्प्रिंग अगर टूट या कमजोर हो गया है, तो भी बोल्ट के झटके से पिन अपने आप आगे निकलकर गोली पर चोट कर देती है। इसके अलावा लंबे समय तक इस्तेमाल या गलत तरीके से की गई मॉडिफिकेशन के कारण अगर सीयर या हैमर के कोने घिस चुके हैं, तो वे आपस में सही से लॉक नहीं हो पाते। साथ ही बंदूक की नियमित सफाई न करना इस तरह के हादसों की सबसे बड़ी वजह है। पुराना ग्रीस, बारूद का कचरा और धूल मिलकर एक कड़ा पेस्ट बना लेते हैं, जो इंटरनल सेफ्टी मैकेनिज्म और फायरिंग पिन को उसकी सही जगह पर वापस लौटने से रोक देते हैं।

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