Aligarh: अब सराय मियां में मिला शिव मंदिर, खंडित हैं मूर्तियां, मिट्टी में दबी मिलीं मूर्तियां, हुई नारेबाजी
मोहल्ला सराय मियां की गली में प्राचीन शिव मंदिर है, जिसे कूड़ाघर बनाया हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मंदिर परिसर के गेट पर ताला लगा था, लेकिन बराबर में खाली जगह से मंदिर तक पहुंचने का रास्ता था। मंदिर में देखा तो देवी-देवताओं की मूर्तियां मिट्टी में दबी थीं, जिनमें कई टूटी हुई मिली हैं। मंदिर परिसर में चारों ओर कूड़ा था।
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अलीगढ़ में थाना देहलीगेट क्षेत्र के अतिसंवेदनशील मोहल्ला सराय मियां की संकरी गली में एक प्राचीन शिव मंदिर मिला है। मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियां टूटी हुईं हैं। मंदिर परिसर को कूड़ाघर बनाया हुआ था। गेट पर ताला लगा था, जिसे हिंदू नेताओं ने पुलिस की मौजूदगी में तोड़ा और मंदिर की धुलाई की। इस दौरान जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाए गए।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अभय पांडेय ने बताया कि 19 दिसंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे सूचना मिली थी कि मोहल्ला सराय मियां की गली में प्राचीन शिव मंदिर है, जिसे कूड़ाघर बनाया हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मंदिर परिसर के गेट पर ताला लगा था, लेकिन बराबर में खाली जगह से मंदिर तक पहुंचने का रास्ता था। मंदिर में देखा तो देवी-देवताओं की मूर्तियां मिट्टी में दबी थीं, जिनमें कई टूटी हुई मिली हैं। मंदिर परिसर में चारों ओर कूड़ा था। इस दौरान वहां पहुंचे हिंदू संगठनों के नेताओं ने मंदिर परिसर की धुलाई की और जयकारे लगाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां माहौर समाज की घनी आबादी थी, लेकिन धीरे-धीरे लोग यहां से मकान बेचकर चले गए। अब यहां घनी मुस्लिम आबादी है। एक भी हिंदू परिवार नहीं रहता।
भाजयुमो के महानगर मंत्री हर्षद हिंदू ने बताया कि सराय मियां में मंदिर को नष्ट करने की कोशिश चल रही थी। मूर्तियों को तोड़ा गया है। विपरीत माहौल होने के कारण शहर के कई इलाकों से हिंदू पलायन कर चुके हैं, जिस कारण वहां मंदिरों पर कब्जे करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे मंदिरों की सूची तैयार की जा रही है, जिससे वहां के मंदिरों को सुरक्षित किया जा सके। इधर, सराय रहमान की टायर वाली गली में 18 दिसंबर को मिले शिव मंदिर में हिंदू संगठनों ने दरवाजा लगवा दिया है। वहां पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी है। मंदिर पर भगवा झंडा भी लगा दिया है।
मंदिर में देर रात रात तक हुई पूजा-अर्चना
बजरंगदल के महानगर संयोजक अंकुर शिवाजी ने बताया कि मंदिर में देर रात तक साफ-सफाई और पूजा-अर्चना की गई। मौके पर विहिप के महानगर मंत्री मयंक कुमार, विशाल देशभक्त, भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय, अतुल राजाजी, जुबिन वार्ष्णेय, मन्नू वार्ष्णेय, ब्रजेश कंटक, गोविंद वार्ष्णेय, संजय भीलवाड़ा, संजय शर्मा रहे।
मुस्लिमों ने दीवार लगा मंदिर को किया सुरक्षित
मोहल्ला सराय मियां में शिव मंदिर के पास रहने वाले मोहम्मद अकील कुरैशी ने बताया कि देखरेख के अभाव में मंदिर की हालत खराब हुई है। मोहल्ले के लोगों ने ही मंदिर की सुरक्षा को देखते हुए दीवार लगवाई है। मंदिर की देखरेख को लेकर कोरी समाज के लोगों से बात होती रहती है। इसलिए विवाद की कोई स्थिति नहीं है। मोहल्ला सराय मियां में रहने वाले भजनलाल माहौल ने बताया कि पिछले 50 साल से मंदिर में पूजा अर्चना नहीं हुई है। धीरे-धीरे कोरी समाज के लोग मकान बेचकर यहां से चले गए। इसलिए अब यहां मंदिर की देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
सदन में उठाएंगे अशांत क्षेत्र कानून बनाने की मांग : मानवेंद्र
शिक्षक विधायक मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अशांत क्षेत्र कानून बनाने की जरूरत है, जिससे कोई भी गैर समुदाय का व्यक्ति बिना प्रशासन की अनुमति मिले हिंदू समाज के व्यक्ति का मकान नहीं खरीद सकेगा। सांप्रदायिक दंगों तथा अन्य कारणों से हिंदू समाज अपने पुराने मकानों को बेचने को मजबूर है। इससे कई पुराने इलाके हिंदूविहीन हो गए हैं। ऐसे में उनके धर्मस्थल की देखभाल करने वाला भी नहीं बचा है। ऐसे में इस तरह के कानून की जरूरत है। इसे लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी तथा यह मामला सदन में भी उठाया जाएगा।
सराय मियां में रहा है दंगों का लंबा इतिहास
शहर के थाना देहलीगेट, कोतवाली और सासनीगेट क्षेत्र अतिसंवेदनशील श्रेणी में माने जाते हैं। शहर में जब भी सांप्रदायिक दंगे हुए हैं। इन तीनों थाना क्षेत्रों में सबसे पहले कफ्र्यू लगाया जाता था। सराय मियां इलाका थाना देहलीगेट के अंतर्गत आता है। यहां दंगों के दौरान तोड़फोड़, आगजनी, हत्या, हमले आदि की घटनाएं हुई हैं। 1990, 1991, 1992 समेत बाद के कई दंगों में यह क्षेत्र प्रभावित रहा। बताया जाता है कि इसी दौरान कोरी समाज के लोगों ने यहां से पलायन किया।
मंदिरों में कराएंगे विधिवत प्राण प्रतिष्ठा : शकुंतला
पूर्व महापौर शकुंतला भारती ने कहा कि माहौर समाज के नेता हरिशंकर माहौर ने सूचना दी थी कि सराय मियां में मंदिर को नष्ट किया जा रहा है। इसकी जानकारी प्रशासन को दी तथा शाम को मौके पर गए थे। मंदिर को कूड़ाघर बनाया हुआ था। अब किसी मंदिर की बदहाली नहीं होने दी जाएगी।सभी मंदिरों पर त्योहारों पर भजन-कीर्तन कराया जाएगा तथा जहां मूर्तियों को खंडित किया गया है वहां विधिवत प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी।
सराय मियां में थी कोरी समाज की घनी आबादी
सराय मियां की जिस गली में बृहस्पतिवार को प्राचीन शिव मंदिर मिला है, वहां इन दिनों एक भी हिंदू परिवार नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी यहां कोरी समाज की घनी आबादी थी, जो ढलाई का कार्य करते थे। धीरे-धीरे लोग यहां से खैर रोड की ओर पलायन कर गए। कुछ बुजुर्गों का कहना है कि करीब 50 साल से मंदिर में पूजा-अर्जना नहीं हुई है। हालांकि कुछ लोग यह भी बताते हैं कि करीब 20 साल पहले तक कुछ लोग मंदिर में कभी-कभी दीपक जलाने आते थे और कुछ साल पहले तक तिराहे पर होली भी जलती थी।