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Aligarh: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी पर कसा तंज, बोले-संन्यासी निकला रावण, हमारे पास विलाप बचा

Sun, 14 Jun 2026 11:47 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sun, 14 Jun 2026 11:47 AM IST
सार

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ये बातें शनिवार शाम रामघाट सड़क के एक गेस्ट हाउस में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं। गविष्ट (गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा लेकर जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए शंकराचार्य ने यहां स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू का सबसे पहला धर्म, धर्म व गाय की रक्षा करना है।

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Shankaracharya Avimukteshwarananda took a jibe at CM Yogi
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अभिनंदन, संबोधित करते शंकराचार्य - फोटो : संवाद

विस्तार

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदुओं की हालत माता सीता के जैसी हो गई है। माता सीता ने जिसे संन्यासी समझा और फल-फूल खिलाकर आशीर्वाद लेना चाहा। वही संन्यासी उन्हें कलाई पकड़कर घसीटकर ले जाने लगा, वह रावण निकला। अब संन्यासी, संन्यासी नहीं बचा। अब हमारे पास विलाप करने के अलावा क्या है। मगर हमारे हनुमान जी ने ऐसा नहीं किया। जब उनके सामने कालनेमी आया तो उन्होंने पहले उसका आचरण देखा और जब उसका निशाचर रूप देखा तो उसे पटककर अंत कर दिया। इसलिए हिंदुओं आपका गुरु होने के नाते आपके दरवाजे पर आकर कह रहा हूं कि माता सीता मत बनो, विश्वास के मामले में हनुमान बनने की आवश्यकता है।

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ये बातें शनिवार शाम रामघाट सड़क के एक गेस्ट हाउस में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं। गविष्ट (गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा लेकर जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए शंकराचार्य ने यहां स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू का सबसे पहला धर्म, धर्म व गाय की रक्षा करना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब घर में पहली रोटी बनती है तो उसे गाय के लिए दिया जाता है। इससे खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि गाय हमारे लिए कितनी मान्य है। हमने उसी गाय की रक्षा व उसे राज्य व राष्ट्र माता के दर्जा देने का मुद्दा उठाया है। केंद्र सरकार ने इसे राज्य का विषय बता दिया। सभी राज्यों के मुख्यमंत्री से मिले तो सिर्फ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ सिंदे ने उनकी मांग मानी। 
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यूपी में गोरक्षपीठाधीश्वर जब सत्ता में आए तो हमें लगा कि संत सत्ता में आ गए हैं। अब धर्म व गाय की रक्षा होगी। मगर वे भी गाय को राज्य माता का दर्जा नहीं दे रहे। हमने चेतावनी दी तो इतना जरूर कहा कि गाय हमारी माता है, मगर इसकी घोषणा करने व दर्जा देने से बच रहे हैं। अंत में उन्होंने लोगों से यही कहा कि हमें गाय की रक्षा का संकल्प लेना है। आने वाले चुनाव में गाय रक्षा का संकल्प देने वालों को अपने वोट की ताकत दिखानी है। इस दौरान सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर, बबलू होलकर, कांग्रेस नेता गौरांग देव चौहान, राजेश यादव, कुंवर बहादुर बघेल आदि प्रमुख लोगों की अगुवाई में स्वागत के बीच उनका संबोधन हुआ।

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ये नाम-नारों में भटकाते रहे और गोमांस निर्यात बढ़ता रहा : अविमुक्तेश्वरानंद
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा और यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये नाम और नारों में उलझाते रहे। गाय कटती रही, गंगा बंटती रही, मंदिर व्यवसाय के केंद्र बनते रहे। हमें नाम-नारों में मत उलझाओ। हमें दुपट्टा पहनाकर मत उलझाओ। दुपट्टा पहनने से हमारा प्रधानमंत्री महान नहीं होता। हमारा प्रधानमंत्री महान होता है हमारी आकांक्षाओं की पूर्ति करने से। वरना हम धक्का मारते हैं। शंकराचार्य ने ये बातें शनिवार को अलीगढ़ में मीडिया से बातचीत में कहीं।


उन्होंने कहा कि 2027 में यूपी की जनता गोमाता के लिए वोट करने जा रही है। जिसको वोट करना है, वह योजना बनाकर आए। जिसे सत्ता चाहिये, उसे गोमाता को पशु सूची से हटाकर राज्य व राष्ट्र माता का दर्जा देने की घोषणा करनी होगी। तभी हम वोट देंगे, वरना वोट नहीं देंगे। सरकार ने गाय का नाम खूब प्रयोग किया है। मगर इस कार्यकाल में गो मांस आज तक के इतिहास में सबसे बड़ा निर्यात हो रहा है। भारत दुनिया में गो मांस का सबसे बड़ा निर्यातक देश बन गया है। पिछली सरकारों के ऐसे कृत के चलते ही हमने उन्हें ठोकर मार दी थी। पिछली सरकार की तरह ही जनता इस सरकार को भी सबक सिखाएगी। शंकराचार्य ने एएमयू में हुई नारेबाजी व अलीगढ़ के नाम को लेकर कहा कि ये सरकार नाम व नारों में भटकाती रही है। अली शब्द भी संस्कृत से निकलकर आया है, इसलिए इसमें भटकने की जरूरत नहीं है। सपा मुखिया अखिलेश यादव की बेटी के मामले में बोले कि अखिलेश को पहले दिन ही इस संबंध में बोलना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों द्वारा अंग्रेजों द्वारा की गई गलती को सुधार नहीं गया है। यह बेहद दुख की बात है, हमारा ही वोट लेकर आज गो माता को बोटी-बोटी कर बेचा जा रहा है। गो माता की रक्षा के लिए लोग संकल्प कर रहे हैं। एक-एक वोट से सरकार बनने और बिगड़ने में अंतर आ जाता है। कोई भी धर्म कट्टरता नहीं सिखाता है, वह धर्म नहीं है जो किसी धर्म का सम्मान न करे। धर्म वह है जो अपना आत्मसम्मान रखता है और दूसरों का सम्मान करता है। राष्ट्र निर्माण में संतों की बहुत बड़ी भूमिका रही है, आज भी है और आगे भी रहेगी, लेकिन संत के नाम पर चापलूसी करने वालों की कोई भूमिका नहीं है राष्ट्रनिर्माण में। बहुत से गेरुआधारी हैं, वह संत नहीं पाखंडी हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया और कहा कि आरोप लगते रहते हैं, आरोप सिद्ध होना जरूरी है। उनकी इस यात्रा का 2027 के चुनाव में असर पड़ेगा। जनता अब बिजली पानी सड़क की मांग नहीं कर रही है। इस बार जनता गो माता की रक्षा के लिए संकल्प कर रही है और वोट करेगी। वर्तमान सरकार ने गो माता का जितना निरादर किया है, आज तक कभी नहीं हुआ। इसलिए हम मतदाताओं को तैयार कर रहे हैं।

भाजपा छोड़कर सभी का समर्थन मिल रहा
उन्होंने कुछ भाजपा शासित राज्यों में सीएम द्वारा गोमांस खाने वालों से वोट लेने की बात पर तंज कसा और कहा कि ये हमें बर्दाश्त नहीं है। हम ऐसे लोगों को न वोट देंगे और न सत्ता में रहने देंगे। उन्होंने भाजपा छोड़ सभी दलों के हिंदू नेताओं से मिलना स्वीकारा। कहा कि जो भी हिंदू है हमसे मिल रहा है। हमने किसी को मना नहीं किया है। हम प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में जा रहे हैं। मगर वहां के विधायक हमसे नहीं मिल रहे। हम पार्टी लेकर नहीं निकले, बल्कि हिंदू होकर निकले हैं। ये उन्होंने बना रखा है कि जो भाजपाई है, वही हिंदू है। ऐसा कहने वाले खुद नकली हैं। हमें भाजपा छोड़कर सभी का समर्थन मिल रहा है।


सुबह संवाद के बाद जिला भ्रमण, शाम को नोएडा रवाना
गविष्ठ यात्रा लेकर शंकराचार्य शुक्रवार देर शाम यहां पहुंचे थे। रात को मैरिस रोड के गेस्ट हाउस में विश्राम के बाद शनिवार सुबह यहां लोगों से संवाद हुआ। इस दौरान स्वागत व संबोधन के बाद शंकराचार्य जिले के भ्रमण पर निकले। यहां से निकलकर वे छर्रा, सांकरा, दादों, हरदोई, पाली, अतरौली होते हुए वापस शहर में रामघाट रोड के रास्ते बरौली विधानसभा से होकर खैर के जरिये नोएडा को रवाना हो गए। इस दौरान मैरिस रोड पर सुबह राकेश रामसन, केशव देव गौतम, सचिन राघव आदि ने स्वागत किया। इस दौरान मेरठ के प्रदीप सिंघल ने उनसे मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें लखनऊ के चक गजरिया में गो प्रजनन केंद्र पर सपा शासन काल में हुए कब्जे पर आवाज उठाने की मांग की।

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