{"_id":"5e5033fb8ebc3ef3f337bfb2","slug":"shajmaal-protestors-are-waiting-for-end-of-shahenbaag-protest-aligarh-news-ali2273237164","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘शाहीन’ उठे तो ‘शाह जमाल’ घर चले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘शाहीन’ उठे तो ‘शाह जमाल’ घर चले
विज्ञापन
शाहजमाल ईदगाह पर एनआरसी व सीएए के विरोध में धरना स्थल पर बैठी महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नागरिकता संशोधन कानून(सीएए), एनआरसी, एनपीआर के विरोध में शाह जमाल ईदगाह के सामने महिलाएं धरना दे रही हैं। धरने का यह 24वां दिन था। धरने को समर्थन देन भटिंडा (पंजाब) से सिख समुदाय के दो व्यक्ति पहुंचे। धरना दे रहीं महिलाओं का समझाने गए ऑल इंडिया बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के सदस्य सलीम मुख्तार से महिलाओं ने ही सवाल दाग दिया। बोलीं, ‘शाहीन बाग में धरने पर बैठीं महिलाएं हट गईं तो मैं भी यहां से हट जाऊंगी। महिलाओं ने कहा कि मैं मानती हूं कि ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हूं। यह भी मानती हूं कि मुस्लिम अपने नफा-नुकसान के लिए सीएए, एनआरसी, एनपीआर का विरोध कर रहे हैं, लेकिन यह हरगिज नहीं मान सकती हूं कि जो हिंदू भाई सीएए, एनआरसी, एनपीआर का विरोध कर रहे हैं, वे गलत हैं।
अगर इतने पढ़े-लिखे लोग इसका विरोध कर रहे हैं, तो मामला गंभीर है। यह लोग आकर कह दें कि विरोध गलत है तो मैं उठ जाऊंगी’। दोपहर करीब डेढ़ बजे भटिंडा (पंजाब) से जावर जंग सिंह व भगवान सिंह धरने को समर्थन देने पहुंचे। जावर जंग सिंह ने कहा कि जो धरना चल रहा है, उसे समर्थन देने आए हैं। भारत सभी धर्मों के लोगों से मिलकर बना है। अच्छा चल रहा है। ऐसे चलने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएए के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन जो धर्म व देश के आधार पर किया गया है, उसके खिलाफ हैं।
तयशुदा तारीख के खिलाफ हैं। कहीं से भी कोई प्रताड़ित आए, उसका स्वागत करना चाहिए, क्योंकि भूखे का कोई धर्म नहीं होता है, बल्कि उसका धर्म रोटी होता है। अगर कहीं से सात भाई आ रहे हैं। इनमें कह दें कि छह लोगों को लेंगे, लेकिन एक को नहीं लेंगे। ऐसा नहीं होना चाहिए। सभी धर्मों का सत्कार होना चाहिए। धरना स्थल पर महिलाएं भगवान सिंह को ले गई थीं, लेकिन पुलिस के कहने पर वह वापस आ गए।
विज्ञापन
बारिश में भीगीं महिलाएं पर धरना स्थल से नहीं हटीं
बृहस्पतिवार देर रात ओले के साथ तेज बारिश हुई, लेकिन शाह जमाल ईदगाह पर धरना दे रहीं महिलाएं भीगती रहीं, लेकिन वह से हटी नहीं। हालांकि, बारिश से बचने के लिए वह तिरपाल बांध रही थीं, तभी पुलिस कर्मियों ने ऐसा करने से मना कर दिया। इससे महिलाओं व पुलिस में नोकझोंक हुई। बहरहाल, लोगों के घर से काफी तादाद में छाते पहुंच गए, जिसने बारिश से महिलाओं की हिफाजत की।
एएमयू : बाब-ए- सैयद पर पढ़ी जुमे की नमाज
ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद व जमालपुर ईदगाह मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ी गई। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। नमाज मुकम्मल होने के एक घंटे तक फोर्स तैनात रहा। वहीं, एएमयू के बाब-ए-सैयद के पास धरना स्थल पर छात्रों ने नमाज पढ़ी।
विज्ञापन
अगर इतने पढ़े-लिखे लोग इसका विरोध कर रहे हैं, तो मामला गंभीर है। यह लोग आकर कह दें कि विरोध गलत है तो मैं उठ जाऊंगी’। दोपहर करीब डेढ़ बजे भटिंडा (पंजाब) से जावर जंग सिंह व भगवान सिंह धरने को समर्थन देने पहुंचे। जावर जंग सिंह ने कहा कि जो धरना चल रहा है, उसे समर्थन देने आए हैं। भारत सभी धर्मों के लोगों से मिलकर बना है। अच्छा चल रहा है। ऐसे चलने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएए के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन जो धर्म व देश के आधार पर किया गया है, उसके खिलाफ हैं।
विज्ञापन
तयशुदा तारीख के खिलाफ हैं। कहीं से भी कोई प्रताड़ित आए, उसका स्वागत करना चाहिए, क्योंकि भूखे का कोई धर्म नहीं होता है, बल्कि उसका धर्म रोटी होता है। अगर कहीं से सात भाई आ रहे हैं। इनमें कह दें कि छह लोगों को लेंगे, लेकिन एक को नहीं लेंगे। ऐसा नहीं होना चाहिए। सभी धर्मों का सत्कार होना चाहिए। धरना स्थल पर महिलाएं भगवान सिंह को ले गई थीं, लेकिन पुलिस के कहने पर वह वापस आ गए।
विज्ञापन
बारिश में भीगीं महिलाएं पर धरना स्थल से नहीं हटीं
बृहस्पतिवार देर रात ओले के साथ तेज बारिश हुई, लेकिन शाह जमाल ईदगाह पर धरना दे रहीं महिलाएं भीगती रहीं, लेकिन वह से हटी नहीं। हालांकि, बारिश से बचने के लिए वह तिरपाल बांध रही थीं, तभी पुलिस कर्मियों ने ऐसा करने से मना कर दिया। इससे महिलाओं व पुलिस में नोकझोंक हुई। बहरहाल, लोगों के घर से काफी तादाद में छाते पहुंच गए, जिसने बारिश से महिलाओं की हिफाजत की।
एएमयू : बाब-ए- सैयद पर पढ़ी जुमे की नमाज
ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद व जमालपुर ईदगाह मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ी गई। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। नमाज मुकम्मल होने के एक घंटे तक फोर्स तैनात रहा। वहीं, एएमयू के बाब-ए-सैयद के पास धरना स्थल पर छात्रों ने नमाज पढ़ी।