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शाहजमालः दिन में भीड़ कम, रात में दिखा दम, आज सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Fri, 07 Feb 2020 02:26 AM IST
राजेश सिंह अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: राजेश सिंह Updated Fri, 07 Feb 2020 02:26 AM IST
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Shahzamal: Low crowd in day, night at night
सीएए के विरोध में धरने पर बैठी महिलाएं - फोटो : Rupesh

शाहजमाल में शाहीन बाग की तर्ज पर नौ दिन से जारी धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को शांतिपूर्ण रहा। जुमे रात के चलते रात आठ बजे से धरना स्थल पर भीड़ की आमद बढ़ी। रुक रुककर नारेबाजी भी हुई। इधर, धरना स्थल से लगातार कम हो रही भीड़ को फिर से जुटाने में एएमयू की छात्राएं लगीं रहीं।

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वह महिलाओं को माइक से आवाज लगा लगाकर बुलाती रहीं। मगर, महिलाओं ने उनकी बातों को अब तवज्जो देना बंद कर दिया है। इधर, बुधवार को धरना स्थल पर सांड़ के घुसने की घटना के बाद पुलिस प्रशासन चौकन्ना हो गया है। वहां सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं। बृहस्पतिवार के  शांतिपूर्ण बीतने के बाद अधिकारियों ने जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण माहौल में कराने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम कर लिए हैं। शाहजमाल पर दो अतिरिक्त मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई है। 
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सीएए-एनआरसी के विरोध में शाहजमाल में बीते नौ दिन से ईदगाह के सामने हो रहे धरना प्रदर्शन में नौवें दिन यानी बृहस्पतिवार को हर रोज की तरह धरना तो जारी रहा। मगर, धरने में करीब 500 लोगों की ही संख्या रही।
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कम संख्या को देख एएमयू की छात्राओं ने कुछ महिलाओं को अपने-अपने इलाके से अन्य महिलाओं को वहां लाने की जिम्मेदारी सौंपी। मगर, उन महिलाओं ने जाने से इंकार कर दिया। हालात यह हो गए कि वहां धरना दे रही महिलाओं की भीड़ कम और तमाशबीनों की भीड़ अधिक रही।

मगर, देर शाम को जैसे-जैसे सूरज ढला लोगों की भीड़ वहां बढ़ने लगी। बच्चे भी ठीक ठाक संख्या में पहले की तरह जाकर बैठ गए। देर शाम तक करीब दो हजार की भीड़ मौके पर जुट गई। जोरशोर से नारेबाजी भी हुई। पुलिस ने पुरुषों को धरना स्थल की ओर आने से रोक दिया तो वह बल्लियों केे पीछे खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। हालात को संभालने के लिए शाहजमाल में पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ के जवान डटे रहे।

सांड़ घुसने की घटना के बाद बढ़ाई सुरक्षा 

धरना स्थल पर बुधवार शाम को सांड़ के घुसने की घटना के बाद वहां आलाधिकारियों ने सुरक्षा में तैनात जवानों को चौकन्ना कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इधर, उक्त घटना में घायल हुई  20 साल की युवती रहमान पुत्री यासिर निवासी घास की मंडी, देहली गेट की हालत और ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती हुई सिपाही रिंकू कुमारी की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
  
  
नोटिसों का डर, दिन नहीं, अंधेरा होने पर बढ़ रही भीड़
शाहजमाल में धरना प्रदर्शन पर बैठीं महिलाओं और बच्चों में अब पुलिस प्रशासन की ओर से जारी किए जा रहे नोटिसों को लेकर डर बैठ गया है। अब इलाके के लोगों ने दिन के बजाय शाम को अंधेरा होने पर धरने में शामिल होने का प्लान बना लिया है। पिछले तीन दिन से भीड़ दिन में कम ही नजर आ रही है। जबकि शाम होने पर अचानक से संख्या बढ़ जाती है। इलाके के लोगों का मानना है कि दिन में उनकी पहचान करना आसान होता है। पुलिस द्वारा की जा रही वीडियोग्राफी और फोटो में भी चेहरा आसानी से आ जाता है। इसीलिए अब शाम को धरना स्थल पर जमावड़ा लगाने की कोशिश हो रही है।

जुमा आज, पुलिस प्रशासन के कड़े इंतजाम
आज होने की वाली जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरत ली है। जमालपुर में एसीएम, सीओ और थाना पुलिस सहित अतिरिक्त पुलिस बल की निगरानी में जुमे की नमाज होगी। वहीं, शाहजमाल के धरना प्रदर्शन को देखते हुए ऊपरकोट मस्जिद में होने वाली नमाज को लेकर भी पर्याप्त पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी तय कर कड़े इंतजाम किए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट के साथ ही दो अतिरिक्त मजिस्ट्रेट  शाहजमाल में तैनात रहेंगे। 

दरअसल, प्रशासन धरना स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा के इंतजामों को पुख्ता करने में लगा है। वहीं, प्रदर्शनकारी भीड़ को जुटाकर एक बार फिर से अपनी ताकत दिखाने की कोशिश में जुट गए हैं। दो दिन से जिस तरह से धरना प्रदर्शन के अधिकांश आयोजनकर्ता गायब दिखे। इससे पुलिस के कान खड़े हो गए। खुफिया तंत्र को सूचना मिली है कि वह शिक्षित वर्ग लोगों में ठंडे पड़े जोश को एक बार फिर से गर्म करने में जुटे हुए हैं। इलाके के लोगों से आह्वान किया जा रहा है कि वह अपने परिवार की महिलाओं को धरना स्थल पर भेजें, पुरुषों को काम पर जाने दिया जाए। पुरुषों को जुमे की नमाज के बाद धरना स्थल पर आना है, जिससे की वहां भीड़ जुटे और पुलिस-प्रशासन, सरकार को एक बार फिर से ताकत का अहसास हो।

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