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अलीगढ़ के शादाब को मिलेगा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
Sun, 24 Jan 2021 02:16 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 24 Jan 2021 02:16 AM IST
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मोहम्मद शादाब
- फोटो : Rupesh
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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए जमालपुर निवासी अरशद नूर के बेटे मोहम्मद शादाब (17) का चयन हुआ है। उत्तर प्रदेश से पांच बच्चोें का बाल पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। इनमें शादाब भी शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जनवरी को व्योम आहूजा (10) लखनऊ, कुंवर दिव्यांशु सिंह (15) बाराबंकी, चिराग बंसाली (16) गौतमबुद्धनगर, मोहम्मद शादाब (17) अलीगढ़, मोहम्मद राफे (17) इलाहाबाद से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुखातिब होंगे। बाल पुरस्कार के लिए चयन होने पर शादाब ने कहा कि माफ करिएगा, बाल पुरस्कार को लेकर अभी कुछ नहीं बोल सकता। सिर्फ इतना कहा कि पुरस्कार के लिए चयन खुशी की बात है।
भारत सरकार के सूचना पत्र में इलाहाबाद
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय शास्त्री भवन, नई दिल्ली से जारी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के चयनितों के नाम के सूचना पत्र में इलाहाबाद अंकित है, जबकि अक्तूबर 2018 में यूपी कैबिनेट की बैठक में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।
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अमेरिकी सरकार ने शादाब को दी थी 20 लाख रुपये की छात्रवृत्ति
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र मोहम्मद शादाब ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल, अमेरिका में पढ़ाई की थी। 97.6 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टॉप किया था। यूनिवर्सिटी के मिंटो सर्किल से कक्षा नौ की पढ़ाई करके शादाब ने स्कॉलरशिप के जरिये बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला लिया था। उसे स्कॉलरशिप में 28 हजार अमेरिकी डालर मिले थे।
स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक करीब 500 बच्चे पढ़ते थे। शादाब ने बताया कि फरवरी 2020 में उसे स्कूल में स्टूडेंट ऑफ द मंथ भी चुना गया था। शादाब ने कहा कि उनकी अम्मी जरीना बेगम व अब्बू अरशद नूर पढ़े-लिखे नहीं हैं, जबकि बड़े भाई समद नूर बीसीए की पढ़ाई कर चुके है। छोटी बहन अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज में पढ़ रही है।
एक साल की मेहनत के बाद मिली थी सफलता
शादाब को अमेरिकी सरकार की स्कॉलरशिप एक साल की मेहनत के बाद मिली थी, जब वह कक्षा नौ में पढ़ रहा था, तब उसका चयन ऑल इंडिया एक्सेस प्री इंग्लिश कैंप मुंबई के लिए हुआ था। कैंप में अमेरिकन ट्रेनर टॉम ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी दी थी।
आईएएस बनकर यूएन में सेवा देने की ख्वाहिश
शादाब फरवरी-2020 में 800 बच्चों के बीच ‘स्टूडेंट ऑफ मंथ’ चुना गया था। वह आईएएस बनकर संयुक्त राष्ट्र संघ में बतौर मानवाधिकार अधिकारी के रूप में कार्य करना चाहता है। उसने अमेरिका में भारतीय संस्कृति व महत्व का प्रचार-प्रसार किया था।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जनवरी को व्योम आहूजा (10) लखनऊ, कुंवर दिव्यांशु सिंह (15) बाराबंकी, चिराग बंसाली (16) गौतमबुद्धनगर, मोहम्मद शादाब (17) अलीगढ़, मोहम्मद राफे (17) इलाहाबाद से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुखातिब होंगे। बाल पुरस्कार के लिए चयन होने पर शादाब ने कहा कि माफ करिएगा, बाल पुरस्कार को लेकर अभी कुछ नहीं बोल सकता। सिर्फ इतना कहा कि पुरस्कार के लिए चयन खुशी की बात है।
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भारत सरकार के सूचना पत्र में इलाहाबाद
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय शास्त्री भवन, नई दिल्ली से जारी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के चयनितों के नाम के सूचना पत्र में इलाहाबाद अंकित है, जबकि अक्तूबर 2018 में यूपी कैबिनेट की बैठक में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।
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अमेरिकी सरकार ने शादाब को दी थी 20 लाख रुपये की छात्रवृत्ति
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र मोहम्मद शादाब ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल, अमेरिका में पढ़ाई की थी। 97.6 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टॉप किया था। यूनिवर्सिटी के मिंटो सर्किल से कक्षा नौ की पढ़ाई करके शादाब ने स्कॉलरशिप के जरिये बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला लिया था। उसे स्कॉलरशिप में 28 हजार अमेरिकी डालर मिले थे।
स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक करीब 500 बच्चे पढ़ते थे। शादाब ने बताया कि फरवरी 2020 में उसे स्कूल में स्टूडेंट ऑफ द मंथ भी चुना गया था। शादाब ने कहा कि उनकी अम्मी जरीना बेगम व अब्बू अरशद नूर पढ़े-लिखे नहीं हैं, जबकि बड़े भाई समद नूर बीसीए की पढ़ाई कर चुके है। छोटी बहन अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज में पढ़ रही है।
एक साल की मेहनत के बाद मिली थी सफलता
शादाब को अमेरिकी सरकार की स्कॉलरशिप एक साल की मेहनत के बाद मिली थी, जब वह कक्षा नौ में पढ़ रहा था, तब उसका चयन ऑल इंडिया एक्सेस प्री इंग्लिश कैंप मुंबई के लिए हुआ था। कैंप में अमेरिकन ट्रेनर टॉम ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी दी थी।
आईएएस बनकर यूएन में सेवा देने की ख्वाहिश
शादाब फरवरी-2020 में 800 बच्चों के बीच ‘स्टूडेंट ऑफ मंथ’ चुना गया था। वह आईएएस बनकर संयुक्त राष्ट्र संघ में बतौर मानवाधिकार अधिकारी के रूप में कार्य करना चाहता है। उसने अमेरिका में भारतीय संस्कृति व महत्व का प्रचार-प्रसार किया था।