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सौ दिनों में होंगी सेमेस्टर परीक्षाएं, मिल सकती है विकल्प की सुविधा
Sun, 27 Dec 2020 12:08 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 27 Dec 2020 12:08 AM IST
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डॉ भीमराव विश्वविद्यालय आगरा का भवन
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में इन दिनों 2020-21 सत्र के दाखिले चल रहे हैं। संभवत: अभी दस दिनों का और समय लगेगा। कोरोना काल के कारण सितंबर से शुरू होने वाला सत्र अब जनवरी से ही शुरू हो पाएगा। ऐसे में सेमेस्टर परीक्षाएं देने वाले स्नातक और परास्नातक के विद्यार्थियों के लिए अप्रैल और मई के बीच परीक्षाएं होंगी।
ऐसे में इन छात्र छात्राओं के पास सेमेस्टर पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए लगभग 100 दिन मिलेंगे। हालांकि, उन्हें 70 फीसदी पाठ्यक्रम की पढ़ाई करनी होगी। इसी 70 फीसदी पाठ्यक्रम की परीक्षा में विकल्प (जैसे- प्रश्नपत्र में कुछ सवालों को हल करने की छूट दी जा सकती है) भी दिए जा सकते हैं, फिलहाल इस पर चर्चा चल रही है। यह जानकारी औटा अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह ने दी है। जबकि वार्षिक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम की छूट दे दी गई है।
आगरा विवि के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) को शैक्षिक कलेंडर बनाने की जिम्मेदारी दे दी है। इस संबंध में औटा अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह से अमर उजाला को बताया कि कुलपति से वार्ता हो गई है। हम चाहते हैं कि अप्रैल और मई में परीक्षाएं हो जाएं। सेमेस्टरवार पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए 100 दिन दे रहे हैं। 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम है। वहीं परीक्षा में विकल्प बढ़ाने के लिए वार्ता करेंगे।
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वार्षिक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम की छूट दे दी गई है। इन बिंदुओं पर अभी छात्र छात्राओं और शिक्षकों से वार्ता करेंगे। सत्र नियमित रूप से खत्म करने के अलावा पुरानी समस्याओं को लेकर कुलपति से वार्ता हुई है। उन्हें आश्वस्त कर दिया है कि इस कार्य में औटा सहयोग करेगा, क्योंकि छात्र छात्राओं की डिग्री, अंकपत्र संबंधी परेशानी दूर होगी। तभी कोई बात बन सकेगी। औटा शिक्षकों से ज्यादा विद्यार्थियों की समस्या पर कार्य करेगी, क्योंकि छात्र छात्राओं की बदौलत ही विश्वविद्यालय है।
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- अप्रैल-मई में परीक्षाएं अगर आयोजित होती हैं तो अच्छी बात है। हम विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा करा देंगे। इतना ही नहीं, पाठ्यक्रम के दौरान आने वाली समस्याओं का निदान कराएंगे। अगर सत्र समय से खत्म होता है तो इससे विद्यार्थियों को ही लाभ मिलेगा। -डॉ. हेमप्रकाश, प्राचार्य डीएस कालेज।
- कोरोना संक्रमण काल में अगर आगरा विवि का सत्र समय से खत्म होता है। इसका सीधा लाभ छात्र छात्राओें को मिलेगा। क्योंकि सत्र देरी से खत्म होगा तो इसका प्रभाव भविष्य पर ही पड़ेगा। तय समय में पाठ्यक्रम पूरा कराया जाएगा। -डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय, प्राचार्य एसवी कालेज।
- छात्र छात्राओं की समस्या के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हम चाहते हैं कि 18 सालों से चली आ रही परेशानियों का खात्मा पहले हो। बच्चों को अंकपत्र और डिग्री पहले जारी हों। वहीं 100 दिनों में परीक्षा कराते हैं तो बच्चों को विकल्प भी दिलवाएंगे। इससे उनका मनोबल भी बना रहेगा और सत्र भी समय से खत्म महोगा। -डॉ. ओमवीर सिंह, अध्यक्ष औटा।
- यह वास्तविकता है कि स्नातक और परास्नातक के दाखिले अगस्त-सितंबर की जगह दिसंबर में हो रहे हैं। इससे देरी ही हो रही है। चूंकि पढ़ाई शिक्षकों को करानी है और पाठ्यक्रम भी उन्हीं को पूरा कराना है। इसीलिए औटा को शैक्षिक कैलेंडर बनाने की जिम्मेदारी दे दी है। वही तय करें कि कब परीक्षा कराई जाएं, जिससे किसी का अनहित न हो। - प्रो. अशोक मित्तल, कुलपति।
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इन पाठ्यक्रमों की होगी सेमेस्टर की परीक्षा
अलीगढ़। बीबीए, बीसीए, वीसीडीवीएम, बीएलआईएस, बीकॉम वोकेशनल आदि पाठ्यक्रम सेमेस्टरवार पूरे होते हैं। इनकी परीक्षाएं भी छह महीने में आयोजित होती हैं। अगर अब दाखिले हुए तो संभवत: 100 दिनों में ही परीक्षा देनी होगी।
इनकी होंगी वार्षिक परीक्षाएं
बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम की वार्षिक परीक्षाएं 2021 में होंगी। ऐसे मेें इन पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए भरपूर समय मिलेगा, क्योंकि 70 फीसदी पाठ्यक्रम पर ही परीक्षा देनी है।
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ऐसे में इन छात्र छात्राओं के पास सेमेस्टर पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए लगभग 100 दिन मिलेंगे। हालांकि, उन्हें 70 फीसदी पाठ्यक्रम की पढ़ाई करनी होगी। इसी 70 फीसदी पाठ्यक्रम की परीक्षा में विकल्प (जैसे- प्रश्नपत्र में कुछ सवालों को हल करने की छूट दी जा सकती है) भी दिए जा सकते हैं, फिलहाल इस पर चर्चा चल रही है। यह जानकारी औटा अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह ने दी है। जबकि वार्षिक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम की छूट दे दी गई है।
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आगरा विवि के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) को शैक्षिक कलेंडर बनाने की जिम्मेदारी दे दी है। इस संबंध में औटा अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह से अमर उजाला को बताया कि कुलपति से वार्ता हो गई है। हम चाहते हैं कि अप्रैल और मई में परीक्षाएं हो जाएं। सेमेस्टरवार पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए 100 दिन दे रहे हैं। 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम है। वहीं परीक्षा में विकल्प बढ़ाने के लिए वार्ता करेंगे।
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वार्षिक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम की छूट दे दी गई है। इन बिंदुओं पर अभी छात्र छात्राओं और शिक्षकों से वार्ता करेंगे। सत्र नियमित रूप से खत्म करने के अलावा पुरानी समस्याओं को लेकर कुलपति से वार्ता हुई है। उन्हें आश्वस्त कर दिया है कि इस कार्य में औटा सहयोग करेगा, क्योंकि छात्र छात्राओं की डिग्री, अंकपत्र संबंधी परेशानी दूर होगी। तभी कोई बात बन सकेगी। औटा शिक्षकों से ज्यादा विद्यार्थियों की समस्या पर कार्य करेगी, क्योंकि छात्र छात्राओं की बदौलत ही विश्वविद्यालय है।
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- अप्रैल-मई में परीक्षाएं अगर आयोजित होती हैं तो अच्छी बात है। हम विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा करा देंगे। इतना ही नहीं, पाठ्यक्रम के दौरान आने वाली समस्याओं का निदान कराएंगे। अगर सत्र समय से खत्म होता है तो इससे विद्यार्थियों को ही लाभ मिलेगा। -डॉ. हेमप्रकाश, प्राचार्य डीएस कालेज।
- कोरोना संक्रमण काल में अगर आगरा विवि का सत्र समय से खत्म होता है। इसका सीधा लाभ छात्र छात्राओें को मिलेगा। क्योंकि सत्र देरी से खत्म होगा तो इसका प्रभाव भविष्य पर ही पड़ेगा। तय समय में पाठ्यक्रम पूरा कराया जाएगा। -डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय, प्राचार्य एसवी कालेज।
- छात्र छात्राओं की समस्या के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हम चाहते हैं कि 18 सालों से चली आ रही परेशानियों का खात्मा पहले हो। बच्चों को अंकपत्र और डिग्री पहले जारी हों। वहीं 100 दिनों में परीक्षा कराते हैं तो बच्चों को विकल्प भी दिलवाएंगे। इससे उनका मनोबल भी बना रहेगा और सत्र भी समय से खत्म महोगा। -डॉ. ओमवीर सिंह, अध्यक्ष औटा।
- यह वास्तविकता है कि स्नातक और परास्नातक के दाखिले अगस्त-सितंबर की जगह दिसंबर में हो रहे हैं। इससे देरी ही हो रही है। चूंकि पढ़ाई शिक्षकों को करानी है और पाठ्यक्रम भी उन्हीं को पूरा कराना है। इसीलिए औटा को शैक्षिक कैलेंडर बनाने की जिम्मेदारी दे दी है। वही तय करें कि कब परीक्षा कराई जाएं, जिससे किसी का अनहित न हो। - प्रो. अशोक मित्तल, कुलपति।
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इन पाठ्यक्रमों की होगी सेमेस्टर की परीक्षा
अलीगढ़। बीबीए, बीसीए, वीसीडीवीएम, बीएलआईएस, बीकॉम वोकेशनल आदि पाठ्यक्रम सेमेस्टरवार पूरे होते हैं। इनकी परीक्षाएं भी छह महीने में आयोजित होती हैं। अगर अब दाखिले हुए तो संभवत: 100 दिनों में ही परीक्षा देनी होगी।
इनकी होंगी वार्षिक परीक्षाएं
बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम की वार्षिक परीक्षाएं 2021 में होंगी। ऐसे मेें इन पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए भरपूर समय मिलेगा, क्योंकि 70 फीसदी पाठ्यक्रम पर ही परीक्षा देनी है।