{"_id":"608474de8ebc3e592071eeed","slug":"second-wave-more-dangerous-27-killed-in-12-days-city-office-news-ali2618266149","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक, 12 दिन में गई 27 की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक, 12 दिन में गई 27 की जान
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कितनी खतरनाक है? इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते 15 दिन में 57 लोग काल के गाल में समा चुके हैं। बीती दस अप्रैल से अभी तक 1754 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
खास बात ये है कि मरने वाले कई लोगों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट बाद में निगेटिव आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रिपोर्ट में निगेटिव आने के बाद इन लोगों की मौत किस कारण से हो रही है? इसकी असल वजह क्या है? इन सवालों का जवाब प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी नहीं है।
प्रशासनिक अधिकारी और सीएमओ कार्यालय से लेकर कोविड कंट्रोल कमांड सेंटर तक इसका सटीक जवाब नहीं दे पा रहा है। आधिकारिक भाषा में ये केवल संदिग्ध मौतें हैं। जिनकी जांच पड़ताल जारी है।
विज्ञापन
गौर हो कि कोरोना की पहली लहर में एक साल (नौ अप्रैल 2020 से नौ अप्रैल 2021 तक) में 57 लोगों की मौतें हुई हैं, दूसरी लहर में महज पंद्रह दिन (10 से 24 अप्रैल तक) में ही मौतों का आंकड़ा 57 पर पहुंच गया है। शुक्र है कि संक्रमण के इस सबसे खतरनाक दौर में अलीगढ़ में अभी तक हायतौब्बा नहीं मची है।
दूसरे कई जिलों में मरने वालों की संख्या कहीं ज्यादा है। कोविड कंट्रोल कमांड सेंटर की प्रभारी स्मृति गौतम कहती हैं कि शासन स्तर से कोविड 19 प्रोटोकाल के तहत रिपोर्ट के आधार पर संक्रमित लोगों की सूची जारी होती है।
जांच रिपोर्ट में पाजिटिव मरीज मिलने और उसके निधन की सूचना भी कंट्रोल रूम से दी जा रही है। इसके अलावा कुछ केसों में कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, इसके बाद भी लोगों का निधन हो रहा है। इन केसों को अभी तक संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है। जिनकी जांच पड़ताल जारी है। रिपोर्ट स्पष्ट होने पर इन मौतों को रिकार्ड में दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन
खास बात ये है कि मरने वाले कई लोगों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट बाद में निगेटिव आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रिपोर्ट में निगेटिव आने के बाद इन लोगों की मौत किस कारण से हो रही है? इसकी असल वजह क्या है? इन सवालों का जवाब प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी नहीं है।
विज्ञापन
प्रशासनिक अधिकारी और सीएमओ कार्यालय से लेकर कोविड कंट्रोल कमांड सेंटर तक इसका सटीक जवाब नहीं दे पा रहा है। आधिकारिक भाषा में ये केवल संदिग्ध मौतें हैं। जिनकी जांच पड़ताल जारी है।
विज्ञापन
गौर हो कि कोरोना की पहली लहर में एक साल (नौ अप्रैल 2020 से नौ अप्रैल 2021 तक) में 57 लोगों की मौतें हुई हैं, दूसरी लहर में महज पंद्रह दिन (10 से 24 अप्रैल तक) में ही मौतों का आंकड़ा 57 पर पहुंच गया है। शुक्र है कि संक्रमण के इस सबसे खतरनाक दौर में अलीगढ़ में अभी तक हायतौब्बा नहीं मची है।
दूसरे कई जिलों में मरने वालों की संख्या कहीं ज्यादा है। कोविड कंट्रोल कमांड सेंटर की प्रभारी स्मृति गौतम कहती हैं कि शासन स्तर से कोविड 19 प्रोटोकाल के तहत रिपोर्ट के आधार पर संक्रमित लोगों की सूची जारी होती है।
जांच रिपोर्ट में पाजिटिव मरीज मिलने और उसके निधन की सूचना भी कंट्रोल रूम से दी जा रही है। इसके अलावा कुछ केसों में कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, इसके बाद भी लोगों का निधन हो रहा है। इन केसों को अभी तक संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है। जिनकी जांच पड़ताल जारी है। रिपोर्ट स्पष्ट होने पर इन मौतों को रिकार्ड में दर्ज कराया जाएगा।