अलीगढ़: 22 महीने से आसमान में उड़ान नहीं, अब पानी में विमान, सी प्लेन संचालन को तलाशी जा रही जगह
यह प्रस्ताव साल 2023 से विचाराधीन है जिस पर अब काम किया जा रहा है। खैर तहसील से गुजरने वाली यमुना और अतरौली तहसील से गुजरने वाली गंगा पर सही जगह की तलाश कर रहे हैं।
विस्तार
बीते 22 महीने से अलीगढ़ एयरपोर्ट से एक भी यात्री विमान ने उड़ान नहीं भरी है। अब प्रशासन पानी में विमान उतारने की तैयारी में जुट गया है। खैर और अतरौली क्षेत्र में सी-प्लेन (जल विमान) के संचालन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। सब कुछ अनुकूल रहा तो लंबे समय से हवाई सेवा का इंतजार कर रहे अलीगढ़ को पानी से उड़ान की नई राह मिल सकती है।
कार्यालय जिलाधिकारी के नजारत अनुभाग की ओर से खैर और अतरौली के उप जिलाधिकारियों के साथ-साथ मध्य गंगा नहर के अधिशासी अभियंता और संबंधित विभागों के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। इसमें जलविमान के संचालन के लिए उपयुक्त जलक्षेत्र की उपलब्धता, उसकी लंबाई-चौड़ाई, गहराई और आसपास की परिस्थितियों समेत अन्य जरूरी बिंदुओं पर जानकारी देने के लिए कहा है।
दरअसल जलविमान सामान्य विमान की तरह रनवे से नहीं, बल्कि पानी की सतह से उड़ान भरता और उतरता है। इसके लिए जलक्षेत्र का पर्याप्त लंबा और सुरक्षित होना जरूरी है। विमान के संचालन के दौरान आसपास बिजली की लाइन, पुल, निर्माण और अन्य बाधाएं न हों, इसका भी ध्यान रखना पड़ता है।
22 महीने से बंद है हवाई सेवा
अलीगढ़ से नियमित हवाई सेवा शुरू होने के बाद लोगों को दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों तक आने-जाने में सुविधा की उम्मीद जगी थी। लेकिन करीब 22 महीने से हवाई सेवा बंद होने के कारण यात्रियों को फिर सड़क और रेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से पहले जलक्षेत्र की उपलब्धता और तकनीकी व्यवहार्यता की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसके बाद संबंधित स्तर से आगे की प्रक्रिया तय होगी।
किन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटी
प्रशासन का दावा है कि जल विमान के जरिये वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर जैसे नदी किनारे शहरों तक अलीगढ़ का संपर्क आसान होगा।
नदियों की सफाई में भी मददगार
नदियों की सतह पर सी-प्लेन के चलने से सिर्फ परिवहन ही आसान नहीं होगा, बल्कि इससे नदियों की नियमित सफाई भी हो सकेगी और वहां के जलीय जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। यानी यह प्रोजेक्ट सिर्फ सफर का नया साधन नहीं, बल्कि पूरे ईको-सिस्टम को संवारने की एक बेहतरीन कवायद है।
नदियों पर सही जगह तलाशने का काम शुरू : सिटी मजिस्ट्रेट
यह प्रस्ताव साल 2023 से विचाराधीन है जिस पर अब काम किया जा रहा है। खैर तहसील से गुजरने वाली यमुना और अतरौली तहसील से गुजरने वाली गंगा पर सही जगह की तलाश कर रहे हैं। एयरपोर्ट का मामला अलग है, लेकिन वहां भी उड़ान शुरू करवाने का प्रयास किया जा रहा है।-अतुल गुप्ता, प्रभारी, अलीगढ़ एयरपोर्ट और सिटी मजिस्ट्रेट