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अलीगढ़: फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, एक ही अनुबंध और दो फर्में, दोनों फर्मों पर एफआईआर दर्ज
Tue, 15 Sep 2026 03:38 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Tue, 15 Sep 2026 03:38 PM IST
सार
जांच शुरू हुई तो पता चला कि लखनऊ की दो नामी फर्में हरिओम इन्टरप्राइजेज गोमती नगर और डीपकाउन मैनपावर सर्विसेज इन्द्रा नगर ने शातिर तरीके से फर्जीवाड़े की इबारत लिखी थी। हैरानी की बात यह है कि दोनों ही अलग-अलग फर्मों के प्रमाण पत्रों पर अनुबंध संख्या एक ही पाई गई।
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पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिक्षा के मंदिर में जब भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की दीमक लगती है, तो उसका हश्र ऐसा ही होता है। अलीगढ़ जनपद में परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों के लिए आने वाली डैस्क-बेंच (फर्नीचर) की आपूर्ति के नाम पर एक ऐसा खेल पकड़ा गया है, जिसने शातिर जालसाजों की पोल खोलकर रख दी है।
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मामला तब गरमाया जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह की टेबल पर दो अलग-अलग कंपनियों के अनुभव प्रमाण पत्र पहुंचे। कागजों की जांच शुरू हुई तो पता चला कि लखनऊ की दो नामी फर्में हरिओम इन्टरप्राइजेज गोमती नगर और डीपकाउन मैनपावर सर्विसेज इन्द्रा नगर ने शातिर तरीके से फर्जीवाड़े की इबारत लिखी थी। हैरानी की बात यह है कि दोनों ही अलग-अलग फर्मों के प्रमाण पत्रों पर अनुबंध संख्या एक ही पाई गई।
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जांच के दौरान जब कार्यालय के दस्तावेजों और डिस्पैच रजिस्टर को खंगाला गया, तो पता चला कि बीएसए दफ्तर से ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी ही नहीं हुआ था। इतना ही नहीं, एक प्रमाण पत्र पर तो ऐसे अधिकारी के हस्ताक्षर छाप दिए गए जो उस जिले में कभी तैनात ही नहीं रहे थे! यानी कुल मिलाकर साहब के फर्जी हस्ताक्षर और कॉप-पेस्ट तकनीक का इस्तेमाल कर सरकारी तंत्र को धोखा देने की बड़ी साजिश रची गई थी।
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अब शिक्षा विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है। बीएसए के कड़े निर्देशों के बाद थाना बन्नादेवी में दोनों फर्जी फर्मों और उनके संचालकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ धनंजय कुमार के मुताबिक पुलिस अब यह टटोलने में लगी है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे और कौन-कौन से चेहरे छिपे हैं। साफ है कि बच्चों के हक पर डाका डालने वाले इन शातिर जालसाजों की अब खैर नहीं।