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एससी/एसटी आयोग ने बढौन लूट-मारपीट मामले की दस दिन में मांगी रिपोर्ट
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लोधा थाना क्षेत्र के गांव बढ़ौन में मार्च 2018 में वाल्मीकि समुदाय के दो परिवारों के बीच हुई मारपीट के मामले में पीड़ित की शिकायत पर एससी/एसटी आयोग ने डीएम और एसएसपी को दस दिन के भीतर रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है।
मार्च 2018 को बढ़ौन निवासी शकुंतला देवी और उनके बेटे जितेंद्र वाल्मीकि का गांव के ही मुनेश कुमार पुत्र मलखान सिंह और प्रधान पति मोहित तोमर पुत्र राजन सिंह से विवाद व मारपीट हुई थी। शकुंतला देवी ने पिता-पुत्र पर लूट, मारपीट, हमला, धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। थाना पुलिस ने विवेचना में गांव के कुछ लोगों द्वारा शपथपत्र के साथ बयान के आधार पर मोहित तोमर की घटनास्थल पर मौजूदगी न पाने पर मुकदमे से निकाल दिया था। मुकदमे में भी फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस पर पीड़ित ने कोर्ट समेत आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विपक्षी लगातार उनको धमका रहे हैं। 11 सितंबर को भी मोहित अवैध असलाह लेकर घर आया और जान से मारने की धमकी देकर गया था। पुलिस से इंसाफ न मिलने पर एससीएसटीआयोग से गुहार लगाई। एक तरफ अदालत ने पुलिस की एफआर को निरस्त कर दिया है। वहीं आयोग ने डीएम एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है।
कोर्ट के आदेश पर गवाहों के खिलाफ मुकदमा
शकुंतला की ओर से कोर्ट में दाखिल की गई अर्जी और सर्विलांस टीम की मोहित की लोकेशन संबंधी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने थाना पुलिस को गवाहों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश किया है। कोर्ट के आदेश पर थाना पुलिस ने मोहित के पक्ष में शपथपत्र देने वाले गांव के ही डा. सीडी वर्मा, तीरथ कुमार निवासी होली चौक क्वार्सी और सुभाष चंद्र निवासी भरतपुर, लोधा के खिलाफ झूठे साक्ष्य पेश करने और झूठे शपथपत्र देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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मार्च 2018 को बढ़ौन निवासी शकुंतला देवी और उनके बेटे जितेंद्र वाल्मीकि का गांव के ही मुनेश कुमार पुत्र मलखान सिंह और प्रधान पति मोहित तोमर पुत्र राजन सिंह से विवाद व मारपीट हुई थी। शकुंतला देवी ने पिता-पुत्र पर लूट, मारपीट, हमला, धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। थाना पुलिस ने विवेचना में गांव के कुछ लोगों द्वारा शपथपत्र के साथ बयान के आधार पर मोहित तोमर की घटनास्थल पर मौजूदगी न पाने पर मुकदमे से निकाल दिया था। मुकदमे में भी फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस पर पीड़ित ने कोर्ट समेत आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विपक्षी लगातार उनको धमका रहे हैं। 11 सितंबर को भी मोहित अवैध असलाह लेकर घर आया और जान से मारने की धमकी देकर गया था। पुलिस से इंसाफ न मिलने पर एससीएसटीआयोग से गुहार लगाई। एक तरफ अदालत ने पुलिस की एफआर को निरस्त कर दिया है। वहीं आयोग ने डीएम एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है।
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कोर्ट के आदेश पर गवाहों के खिलाफ मुकदमा
शकुंतला की ओर से कोर्ट में दाखिल की गई अर्जी और सर्विलांस टीम की मोहित की लोकेशन संबंधी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने थाना पुलिस को गवाहों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश किया है। कोर्ट के आदेश पर थाना पुलिस ने मोहित के पक्ष में शपथपत्र देने वाले गांव के ही डा. सीडी वर्मा, तीरथ कुमार निवासी होली चौक क्वार्सी और सुभाष चंद्र निवासी भरतपुर, लोधा के खिलाफ झूठे साक्ष्य पेश करने और झूठे शपथपत्र देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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