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संदीप हत्याकांडः साजिशकर्ताओं को नोएडा छोड़कर रात में गोवा पहुंचा था ‘कारतूस’
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अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता हत्याकांड में पुलिस ने एक साजिशकर्ताओं का एक और मददगार जेल भेज दिया है। गोवा से पकड़कर लाया गया अनुराग उर्फ कारतूस साजिशकर्ताओं में शामिल साहिल यादव का सगा भाई है। उसने साजिशकर्ताओं में एक और नाम उजागर करते हुए स्वीकारा है कि वह घटना के बाद एक साजिशकर्ता को नोएडा अपने साथ ले गया था और उसे वहां छोड़कर गोवा भाग गया था। उसे हत्या होनी है, इस बात की पहले से जानकारी थी। इस तरह पुलिस ने इस मामले में अब तक छठवें आरोपी को जेल भेजा है। वहीं फरार साजिशकर्ताओं के गैर जमानती वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संदीप गुप्ता की 27 दिसंबर को गांधी आई तिराहा पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन शूटरों को पुलिस सरगर्मी से उसी दिन से तलाश रही है। वहीं जांच में उजागर हुआ है कि संदीप की हत्या रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल ने कराई है। घटना में अंकुश के ट्रांसपोर्टर पिता राजीव अग्रवाल, दोस्त दुष्यंत चौधरी, साहिल यादव का नाम अब तक साजिशकर्ताओं के रूप में उजागर हुआ। जिनमें से राजीव को पुलिस जेल भेज चुकी है। वहीं बाकी साजिशकर्ता फरार हैं। इनकी लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीम गोवा में डेरा डाले हुए थी, वहां साहिल यादव का भाई महुआ खेड़ा बसंत विहार का अनुराग उर्फ कारतूस मिल गया। चूंकि वह 28 दिसंबर को ही गोवा पहुंचा था। इसलिए संदेह पर पुलिस टीम उसे यहां ले आई। पूछताछ में उसने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि घटना में साजिशकर्ताओं के रूप में अंकुश, दुष्यंत व साहिल के अलावा एक अन्य रामघाट रोड रामसनेही विहार का उत्कर्ष चौधरी भी शामिल है। घटना से पहली रात साहिल व उत्कर्ष अनुराग के साथ उन्हीं के घर पर रुके थे। जहां हत्या की बात हुई। उत्कर्ष को भी साहिल की तरह शूटरों को गाइड करने का जिम्मा था। उस रात तय हुआ था कि चूंकि अनुराग की पहले से गोवा की फ्लाइट है। इसलिए घटना के बाद ये सभी को अपने साथ नोएडा ले जाएगा। किसी को शक भी नहीं होगा। मगर घटना के बाद अंकुश, दुष्यंत व साहिल दूसरी गाड़ी से चले गए, उत्कर्ष यहां रह गया। इस पर अगले दिन अनुराग अपने साथ उत्कर्ष को नोएडा ले गया और वहां उसे छोड़ दिया। इस दौरान उत्कर्ष ने खुद सोनीपत जाने की बात कही। फिर वहां से दोनों अलग हो गए। अनुराग हवाई जहाज से अपने अन्य दोस्त व महिला मित्र संग गोवा चला गया। जहां छोड़ा था, वहां दोनों एक साथ एक सीसीटीवी में कैद पाए गए। इन तथ्यों के आधार पर अनुराग को जेल भेजा गया है।
फरारों की तलाश जारी, गैरजमानती वारंट की तैयारी
इस घटना में फरार शूटरों व अब तक उजागर हुए चार साजिशकर्ताओं की तलाश में पुलिस एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। जो नाम उजागर हो गए हैं, उनके गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी शुरू कर दी है। न्यायालय में बृहस्पतिवार को आवेदन प्रक्रिया की जा सकती है। इधर, तलाश में अलीगढ़ से नोएडा, गोवा, शिमला, चंडीगढ़ आदि शहरों के सीसीटीवी, टोल नाके, होटल, ढाबे, मोटर गैराज तलाशे जा रहे हैं।
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विदेश भागने के अंदेशे पर पासपोर्ट तलाशे जा रहे
पुलिस को इनपुट मिला है कि इन साजिशकर्ताओं में से कुछ के पास पासपोर्ट भी हैं। उनका ब्योरा तलाशा जा रहा है। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं ये आरोपी पासपोर्ट की मदद से विदेश तो नहीं भाग गए। फिर उस अनुसार इनकी तलाश पर कदम उठाया जाए।
- हत्याकांड में अनुराग का नाम मददगार के रूप में उजागर हुआ है। उस आधार पर उसे जेल भेजा गया है। उसने एक अन्य साजिशकर्ता का नाम उजागर किया है। इन सभी के गैर जमानती वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
-श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय
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संदीप गुप्ता की 27 दिसंबर को गांधी आई तिराहा पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन शूटरों को पुलिस सरगर्मी से उसी दिन से तलाश रही है। वहीं जांच में उजागर हुआ है कि संदीप की हत्या रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल ने कराई है। घटना में अंकुश के ट्रांसपोर्टर पिता राजीव अग्रवाल, दोस्त दुष्यंत चौधरी, साहिल यादव का नाम अब तक साजिशकर्ताओं के रूप में उजागर हुआ। जिनमें से राजीव को पुलिस जेल भेज चुकी है। वहीं बाकी साजिशकर्ता फरार हैं। इनकी लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीम गोवा में डेरा डाले हुए थी, वहां साहिल यादव का भाई महुआ खेड़ा बसंत विहार का अनुराग उर्फ कारतूस मिल गया। चूंकि वह 28 दिसंबर को ही गोवा पहुंचा था। इसलिए संदेह पर पुलिस टीम उसे यहां ले आई। पूछताछ में उसने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि घटना में साजिशकर्ताओं के रूप में अंकुश, दुष्यंत व साहिल के अलावा एक अन्य रामघाट रोड रामसनेही विहार का उत्कर्ष चौधरी भी शामिल है। घटना से पहली रात साहिल व उत्कर्ष अनुराग के साथ उन्हीं के घर पर रुके थे। जहां हत्या की बात हुई। उत्कर्ष को भी साहिल की तरह शूटरों को गाइड करने का जिम्मा था। उस रात तय हुआ था कि चूंकि अनुराग की पहले से गोवा की फ्लाइट है। इसलिए घटना के बाद ये सभी को अपने साथ नोएडा ले जाएगा। किसी को शक भी नहीं होगा। मगर घटना के बाद अंकुश, दुष्यंत व साहिल दूसरी गाड़ी से चले गए, उत्कर्ष यहां रह गया। इस पर अगले दिन अनुराग अपने साथ उत्कर्ष को नोएडा ले गया और वहां उसे छोड़ दिया। इस दौरान उत्कर्ष ने खुद सोनीपत जाने की बात कही। फिर वहां से दोनों अलग हो गए। अनुराग हवाई जहाज से अपने अन्य दोस्त व महिला मित्र संग गोवा चला गया। जहां छोड़ा था, वहां दोनों एक साथ एक सीसीटीवी में कैद पाए गए। इन तथ्यों के आधार पर अनुराग को जेल भेजा गया है।
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फरारों की तलाश जारी, गैरजमानती वारंट की तैयारी
इस घटना में फरार शूटरों व अब तक उजागर हुए चार साजिशकर्ताओं की तलाश में पुलिस एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। जो नाम उजागर हो गए हैं, उनके गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी शुरू कर दी है। न्यायालय में बृहस्पतिवार को आवेदन प्रक्रिया की जा सकती है। इधर, तलाश में अलीगढ़ से नोएडा, गोवा, शिमला, चंडीगढ़ आदि शहरों के सीसीटीवी, टोल नाके, होटल, ढाबे, मोटर गैराज तलाशे जा रहे हैं।
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विदेश भागने के अंदेशे पर पासपोर्ट तलाशे जा रहे
पुलिस को इनपुट मिला है कि इन साजिशकर्ताओं में से कुछ के पास पासपोर्ट भी हैं। उनका ब्योरा तलाशा जा रहा है। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं ये आरोपी पासपोर्ट की मदद से विदेश तो नहीं भाग गए। फिर उस अनुसार इनकी तलाश पर कदम उठाया जाए।
- हत्याकांड में अनुराग का नाम मददगार के रूप में उजागर हुआ है। उस आधार पर उसे जेल भेजा गया है। उसने एक अन्य साजिशकर्ता का नाम उजागर किया है। इन सभी के गैर जमानती वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
-श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय