Akhilesh Yadav: अलीगढ़ में अखिलेश ने लगाया आरोप, संभल में सरकार और प्रशासन ने कराया झगड़ा
अखिलेश यादव देर से अलीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पर सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर आदि ने स्वागत किया। अखिलेश यादव सपा के पूर्व विधायक जफर आलम के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने जफर आलम और उनके परिवार से कुशलक्षेम पूछी।
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खैर उपचुनाव में जनसभा को संबोधित करने के बाद 15 दिन के अंदर सपा प्रमुख अखिलेश यादव दोबारा अलीगढ़ आए। सपा के वरिष्ठ नेता मुजाहिद किदवई के एएमयू सर्किल स्थित बरगद हाउस पर पहुंच कर उनके बेटे आरिज और बहू सबा को उन्होंने आशीर्वाद दिया। वह पूर्व विधायक जफर आलम और जमीर उल्लाह खां के हाथी डूबा स्थित आवास पर जाकर मिले।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचने को लेकर पार्टी के तमाम नेता स्वागत करने के लिए पहुंचे। वहीं अखिलेश यादव के आगमन से पहले हवाई अड्डे में एंट्री करने को लेकर पुलिस और सपा नेताओं के बीच कहासुनी हो गई। पुलिस ने केवल उन्हीं नेताओं को अंदर जाने दिया, जिनके नाम एंट्री लिस्ट में थे। जिससे कुछ कार्यकर्ता मायूस होकर हवाई अड्डे से वापस लौट गए।
अखिलेश यादव देर से अलीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पर सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर आदि ने स्वागत किया। अखिलेश यादव सपा के पूर्व विधायक जफर आलम के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने जफर आलम और उनके परिवार से कुशलक्षेम पूछी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि संभल में सरकार और प्रशासन ने मिलकर झगड़ा कराया है। देश-प्रदेश में भाजपा शांति नहीं चाहती है, जबकि सपा शांति खुशहाली और समृद्धि के पक्ष में है। सपा के पूर्व विधायक जफर आलम के आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि संभल में जब एक बार जामा मस्जिद का सर्वे हो गया है, तो इतनी जल्दी दूसरी बार सर्वे की क्या जरूरत थी। जब दूसरी बार सर्वे की टीम गई, तो उसमें भाजपाई शामिल थे। इसका सीधा मतलब है कि संभल में सरकार और प्रशासन ने मिलकर झगड़ा कराया और उसे नफरत की आग में झोंका गया है।
उन्होंने कहा कि 15 सदस्यीय सपा प्रतिनिधि मंडल संभल में पीड़ितों से मिलने के लिए जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने उसे मुरादाबाद के मुंडापांडे पर रोक दिया गया, जबकि मुरादाबाद की सांसद रुचिवीरा को उनके आवास से बाहर निकलने नहीं दिया। यह सब क्या है? आखिर कब तक लोगों और पार्टी प्रतिनिधिमंडल को पीड़ितों से मिलने से रोका जाएगा। एक न एक दिन उनसे भेंट हो ही जाएगी। अगर इतनी तेजी सर्वे के दौरान उपजे विवाद से पहले प्रशासन दिखाई होती, तो पांच लोग नहीं मारे जाते। संभल के हालात नहीं बिगड़ते। स्कूल-कॉलेज बंद नहीं होते। कारोबार-व्यापार चौपट नहीं होता, लेकिन इससे भाजपा सरकार को कोई सरोकार नहीं है। अखिलेश ने कहा कि जिस तरह लखनऊ में एक हादसे के बाद प्रशासन ने टिन लगवा दिए थे, उसी तरह संभल में टिन लगाने की कवायद की जा रही है।