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सचिन हत्याकांड: 22 दिन पहले ही मिलने लगे थे हत्याकांड के संकेत
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पिसावा क्षेत्र के गांव नगला बिजना में सोमवार को भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य दिनेश वकील के भतीजे की हत्या के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और इस हत्याकांड से संबंधित अन्य तथ्यों की जानकारी देने जिला पंचायत सदस्य एसएसपी से मिलने पहुंचे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों से मुलाकातहुई। पुलिस ने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षा गारद उपलब्ध कराई है।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुमार एडवोकेट ने पुलिस को बताया कि घटना से करीब 22 दिन पहले मथुरा के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने 6 बदमाशों को पकड़ा था। इनमें से 3 लोग पूर्व चेयरमैन मनवीर के गनर के ठिकाने पर रुके थे और बाकी के तीन एक अन्य के घर रुके थे। इनमें से तीन फरीदाबाद के बताए जाते हैं। इन सभी बदमाशों को लूट के शक में पूछताछ की गई थी। लेकिन पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि यह लोग जिला पंचायत सदस्य के भतीजे सचिन और प्रशांत सहित दिनेश कुमार एडवोकेट की भी हत्या करने की योजना बना रहे थे। दिनेश वकील का आरोप है कि तीनों को मनवीर ने ही यहां ठहराया था।
हालांकि लूट में कोई क्लू नहीं मिला। बाद में राजनीतिक रसूख के चलते उनको 25 आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया। जिसके बाद जमानत पर यह लोग बाहर भी आ गए। इस घटना के बाद कुछ लोगों ने उनसे कहा भी कि आपके परिवार की सुरक्षा को खतरा है। आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। लेकिन उस समय इन बातों पर यह सोचकर ध्यान नहीं दिया कि अक्सर पार्टी बंदी के दौरान इस तरह की बातें कही जाती रही हैं। लेकिन अब घटना हो जाने के बाद इन सब बातों की गंभीरता का अंदाजा हो रहा है। इन्हीं बातों का संज्ञान बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुमार एडवोकेट ने पुलिस को दिया। पुलिस ने जल्द से जल्द इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया है और जिला पंचायत सदस्य परिवार को सुरक्षा गारद भी उपलब्ध कराई है। इधर, मथुरा में जो लोग पकड़े गए थे, उनमें से एक नाम ऐसा प्रकाश में आया है, वह मौके पर पहचाना गया था, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
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- यह सही है कि जट्टारी से छह लोग मथुरा एसओजी ने पकड़े थे। उन्होंने वहां क्या बताया यह मथुरा पुलिस ने हमसे साझा नहीं किया। हां, दिनेश वकील को कुछ जरूर पता चला था। अब दिनेश वकील ने जो बातें बताई हैं, उन्हें मथुरा पुलिस से मिलाया जा रहा है। बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
-संजीव दीक्षित सीओ खैर
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इस दौरान जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुमार एडवोकेट ने पुलिस को बताया कि घटना से करीब 22 दिन पहले मथुरा के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने 6 बदमाशों को पकड़ा था। इनमें से 3 लोग पूर्व चेयरमैन मनवीर के गनर के ठिकाने पर रुके थे और बाकी के तीन एक अन्य के घर रुके थे। इनमें से तीन फरीदाबाद के बताए जाते हैं। इन सभी बदमाशों को लूट के शक में पूछताछ की गई थी। लेकिन पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि यह लोग जिला पंचायत सदस्य के भतीजे सचिन और प्रशांत सहित दिनेश कुमार एडवोकेट की भी हत्या करने की योजना बना रहे थे। दिनेश वकील का आरोप है कि तीनों को मनवीर ने ही यहां ठहराया था।
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हालांकि लूट में कोई क्लू नहीं मिला। बाद में राजनीतिक रसूख के चलते उनको 25 आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया। जिसके बाद जमानत पर यह लोग बाहर भी आ गए। इस घटना के बाद कुछ लोगों ने उनसे कहा भी कि आपके परिवार की सुरक्षा को खतरा है। आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। लेकिन उस समय इन बातों पर यह सोचकर ध्यान नहीं दिया कि अक्सर पार्टी बंदी के दौरान इस तरह की बातें कही जाती रही हैं। लेकिन अब घटना हो जाने के बाद इन सब बातों की गंभीरता का अंदाजा हो रहा है। इन्हीं बातों का संज्ञान बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुमार एडवोकेट ने पुलिस को दिया। पुलिस ने जल्द से जल्द इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया है और जिला पंचायत सदस्य परिवार को सुरक्षा गारद भी उपलब्ध कराई है। इधर, मथुरा में जो लोग पकड़े गए थे, उनमें से एक नाम ऐसा प्रकाश में आया है, वह मौके पर पहचाना गया था, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
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- यह सही है कि जट्टारी से छह लोग मथुरा एसओजी ने पकड़े थे। उन्होंने वहां क्या बताया यह मथुरा पुलिस ने हमसे साझा नहीं किया। हां, दिनेश वकील को कुछ जरूर पता चला था। अब दिनेश वकील ने जो बातें बताई हैं, उन्हें मथुरा पुलिस से मिलाया जा रहा है। बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
-संजीव दीक्षित सीओ खैर