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अलीगढ़ : यूक्रेन में फंसे सलमान ने कहा-मिसाइलों के धमाके से बैठा जा रहा दिल, दो-तीन दिन का बचा है खाना

Thu, 24 Feb 2022 11:51 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 11:51 PM IST
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Russia Ukraine Crisis : Feeling afraid of missile blast , food is left for two-three days
यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले सलमान अली। - फोटो : CITY OFFICE
इकराम वारिस
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रूस की सैन्य कार्रवाई से यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की हालत खराब है, जबकि भारत में उनके परिजन बेहद चिंतित हैं। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे संभल जिले के गुन्नौर निवासी सलमान अली ने बताया कि मिसाइलों के धमाकों से उनका दिल बैठा जा रहा है। उन्होंने व्हाट्स एप कॉल के जरिये अमर उजाला से वहां के हालात बयां किए।
वर्ष 2018 में सलमान ने अलबरकात स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की थी। इसके बाद वह यूक्रेन चले गए थे, वहां की डिनोप्रोपेट्रोस्क मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। संभल जिले के गुन्नौर निवासी नौशे अली के बेटे सलमान के अनुसार, मेरी यूनिवर्सिटी में करीब साढ़े सात सौ भारतीय विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। कई दिनों से यूक्रेन-रूस के बीच जंग की संभावनाएं बन रही थीं, लेकिन कोई ठोस कदम उठाने के बजाय दूतावास के अधिकारी आपस में बातचीत करते रहे। इस आफत में हजारों भारतीय विद्यार्थी फंस गए हैं। अब केवल ईश्वर का ही सहारा है, वही इस आफत से निकालेगा। बृहस्पतिवार सुबह चार बजे मिसाइल के धमाके की आवाज सुनकर मेरा दिल दहल गया था। रात तीन बजे कुछ लोग कीव एयरपोर्ट के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें सेफ हाउस में ठहरा दिया गया, जो रास्ते में थे, उनसे घर वापस जाने के लिए कह दिया गया।
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सलमान ने कहा कि अब यूक्रेन के हालात काफी खराब होने लगे हैं। मेरे पास दो-तीन दिन तक खाने-पीने का सामान बचा है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो भुखमरी के शिकार हो जाएंगे। भारत सरकार को हम लोगों के बारे में सोचना चाहिए। हवाई यात्रा किराये में बेतहाशा बढ़ोत्तरी कर दी गई, जो मुनासिब नहीं है। उन्होेंने बताया कि यूनिवर्सिटी बुधवार तक पढ़ाई कराती रही। हालांकि, जहां रेड जोन था, वहां ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। पढ़ाई जारी रखने का मकसद केवल इतना था कि कई देशों के विद्यार्थी यहां पढ़ाई करते हैं। इसलिए यूक्रेन इनके सहारे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमदर्दी पाने की कोशिश कर रहा है। सलमान ने कहा कि धमाकों की आवाज से वह परेशान हो गए हैं, क्योंकि डिनोप्रोपेट्रोस्क शहर में मिसाइलें गिर रही हैं। घर वाले फोन करके पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उनसे ज्यादा घर वाले परेशान हो गए हैं। अलबरकात स्कूल के शिक्षक व शिक्षिकाएं अपने पूर्व छात्र सलमान की सलामती के लिए दुआ कर रही हैं।
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