Aligarh: ग्रामीण अंचल छात्र-छात्राओं का दबदबा, शहरी स्कूल फिसड्डी, देहात के कॉलेजों ने दिए अधिक टॉपर
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉप-10 में कुल 35 विद्यार्थी शामिल हुए हैं। इनमें शहर के दो स्कूलों के चार विद्यार्थी हैं, बाकी टॉपर ग्रामीण अंचल के कॉलेजों से हैं।
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रिजल्ट को देखकर साफ पता चलता है कि देहात के कॉलेजों की पढ़ाई शहरी स्कूलों की तुलना में बेहतर है। तभी तो टॉपर सूची में ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने जगह बनाई है। जनपद टॉपर और प्रदेश रैंकिंग में ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राओं का दबदबा रहा है। जबकि शहरी स्कूल बेहद ही फिसड्डी साबित हुए हैं।
शहर के दो विद्यालयों को छोड़कर टॉप-10 में एक भी टॉपर शामिल नहीं हैं। राजकीय विद्यालयों ने इस बार भी निराश किया है। वह भी एक टॉपर जनपद को नहीं दे पाए। विभाग भी परिणाम को लेकर मंथन में जुट गया है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉप-10 में कुल 35 विद्यार्थी शामिल हुए हैं। इनमें शहर के दो स्कूलों के चार विद्यार्थी हैं। आगरा रोड सरस्वती विद्या मंदिर के तीन विद्यार्थी परी शर्मा, सचिन कुमार हाईस्कूल में व इंटर में अनंतिका सिंह और डोरी नगर के आदर्श ज्ञानदीप इंंटर कॉलेज का एक छात्र रोहित यादव 12वीं की परीक्षा में टॉप-10 सूची में शामिल है।
राजकीय विद्यालय भी नहीं दे सके टॉपर
अलीगढ़ जनपद में कुल 37 राजकीय कन्या और राजकीय विद्यालय भी एक टॉपर नहीं दे सके। जबकि इन राजकीय विद्यालयों में आयोग द्वारा उच्च शिक्षा प्राप्त योग्य शिक्षकों की तैनाती है। सरकार राजकीय विद्यालयों पर ज्यादा ध्यान भी दे रही है। बावजूद इनके विद्यार्थियों की स्थिति ठीक नहीं है।
शहर की तुलना में ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में ज्यादा सफलता हासिल की है। शहर के मात्र दो स्कूलों के तीन विद्यार्थी सूची में शामिल हुए। शहर के स्कूलों से टॉपरों की संख्या कम आना चिंता का विषय है। राजकीय विद्यालय भी टॉपर नहीं दे सके। विभाग इस पर मंथन करेगा। - सर्वदानंद, डीआईओएस अलीगढ़।