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गंगाघाट जाकर रूबी खान ने किया कलश व मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन
सार
रूबी ने पूरे नवरात्र उपवास रखा था।बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बजे रूबी और उनके पति आसिफ नंगे पैर अपने घर से मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर निकले। इससे पहले उन्होंने गणेश चतुर्थी पर भी अपने घर पर गणेश प्रतिमा स्थापित करके उन्हें गंगा में विसर्जित किया था, जिसका कट्टरपंथी मौलानाओं ने विरोध किया गया था। पिछले दिनों उन्हें और उनके परिवार को जिंदा जलाकर मारने की धमकी दी गई थी।
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गंगा में देवी प्रतिमा का विसर्जन करतीं रुबी आसिफ खान व उनके पति। अमर उजाला
- फोटो : CITY OFFICE
विस्तार
भाजपा नेता रूबी आसिफ खान ने नवरात्र पर अपने घर में स्थापित कलश और मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन बुधवार को नरौरा घाट जाकर विधि-विधान के साथ गंगा में किया। कलश और मूर्ति लेकर रूबी और उनके पति नंगे पांव घर से निकले। इस दौरान सुरक्षा के लिए उनके साथ दो पुलिसकर्मी भी थे। रूबी ने पूरे नवरात्र उपवास रखा था।
बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बजे रूबी और उनके पति आसिफ नंगे पैर अपने घर से मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर निकले। रूबी के साथ सना शफीक, फरहा खान और दो पुलिस कर्मी चार पहिया वाहन से नरौरा घाट के लिए रवाना हुए। सभी दोपहर करीब 12 बजे नरौरा घाट पहुंच गए। रूबी और आसिफ ने विधि विधान के साथ कलश, मां दुर्गा की प्रतिमा, चुनरी सहित अन्य सामग्री का गंगा में विसर्जन किया।
उन्होंने वहां प्रार्थना भी की। इससे पहले मंगलवार को नवमी पर रूबी ने अपने घर पर कन्या-लांगुरा जिमाए। सभी आमंत्रित कन्याओं के चरण पखारे। छह कन्याएं और तीन लांगुरा थे। सभी बच्चे मुस्लिम थे।
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रूबी ने बताया कि उनका मकसद समाज में कौमी एकता और सौहार्द को बनाए रखना का संदेश देना है। वह अपने धर्म के साथ हिंदू धर्म के पर्व भी प्रेम के साथ मनाती हैं। यही बात कुछ कट्टरपंथियों का नागवार लगती है, लेकिन उनकी धमकियों की परवाह उन्हें नहीं है। उन्हें पता है वह अच्छा काम कर रहीं हैं, जिस पर उन्हें गर्व है।
इससे पहले उन्होंने गणेश चतुर्थी पर भी अपने घर पर गणेश प्रतिमा स्थापित करके उन्हें गंगा में विसर्जित किया था, जिसका कट्टरपंथी मौलानाओं ने विरोध किया गया था। पिछले दिनों उन्हें और उनके परिवार को जिंदा जलाकर मारने की धमकी दी गई थी। धमकी भरा पोस्टर उनके घर की दीवार और गली में चस्पा किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने एक सुरक्षाकर्मी उनके घर पर तैनात कर दिया है।
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बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बजे रूबी और उनके पति आसिफ नंगे पैर अपने घर से मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर निकले। रूबी के साथ सना शफीक, फरहा खान और दो पुलिस कर्मी चार पहिया वाहन से नरौरा घाट के लिए रवाना हुए। सभी दोपहर करीब 12 बजे नरौरा घाट पहुंच गए। रूबी और आसिफ ने विधि विधान के साथ कलश, मां दुर्गा की प्रतिमा, चुनरी सहित अन्य सामग्री का गंगा में विसर्जन किया।
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उन्होंने वहां प्रार्थना भी की। इससे पहले मंगलवार को नवमी पर रूबी ने अपने घर पर कन्या-लांगुरा जिमाए। सभी आमंत्रित कन्याओं के चरण पखारे। छह कन्याएं और तीन लांगुरा थे। सभी बच्चे मुस्लिम थे।
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रूबी ने बताया कि उनका मकसद समाज में कौमी एकता और सौहार्द को बनाए रखना का संदेश देना है। वह अपने धर्म के साथ हिंदू धर्म के पर्व भी प्रेम के साथ मनाती हैं। यही बात कुछ कट्टरपंथियों का नागवार लगती है, लेकिन उनकी धमकियों की परवाह उन्हें नहीं है। उन्हें पता है वह अच्छा काम कर रहीं हैं, जिस पर उन्हें गर्व है।
इससे पहले उन्होंने गणेश चतुर्थी पर भी अपने घर पर गणेश प्रतिमा स्थापित करके उन्हें गंगा में विसर्जित किया था, जिसका कट्टरपंथी मौलानाओं ने विरोध किया गया था। पिछले दिनों उन्हें और उनके परिवार को जिंदा जलाकर मारने की धमकी दी गई थी। धमकी भरा पोस्टर उनके घर की दीवार और गली में चस्पा किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने एक सुरक्षाकर्मी उनके घर पर तैनात कर दिया है।
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