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जांच के फेर में फंसी आरटीपीसीआर जांच

Sun, 02 Jan 2022 01:09 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jan 2022 01:09 AM IST
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RTPCR probe stuck in the course of investigation
कौशल कुमार ओझा
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय स्थित लैब में बजट के अभाव में आरटीपीसीआर जांच प्रभावित हो रही है। पहले डेढ़ से दो हजार जांचों के मुकाबले पिछले दो-तीन दिन से मात्र 100 से 150 जांचें हो रही हैं, जबकि जनपद में पिछले छह दिन से प्रतिदिन कोरोना के नए केस मिल रहे हैं। दरअसल, चिकित्सालय में फिल्टर टिप्स की पुरानी खरीद की जांच चल रही है। इस वजह से बजट जारी न होने के कारण नए फिल्टर टिप्स की खरीद नहीं हो पा रही है।
महामारी रोग विशेषज्ञ इसे तीसरी लहर के संकेत के रूप में देख रहे हैं। शासन का जोर टेस्ट, ट्रैक एवं ट्रीटमेंट पर है। जबकि फंड के अभाव में पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में आरटीपीसीआर जांच न्यूनतम स्थिति में पहुंच गई है। जनपद में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा जेएन मेडिकल कॉलेज एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में है।
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दूसरी लहर के दौरान दीनदयाल चिकित्सालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरटीपीसीआर जांच के लिए लैब का ऑनलाइन शुभारंभ किया था। दरअसल, जेएन मेडिकल कॉलेज में अलीगढ़ के अतिरिक्त एटा, कासगंज, हाथरस, मैनपुरी सहित कई जनपद के नमूने जांच के लिए आते थे, जिसकी वजह से रिपोर्ट मिलने में कई-कई दिन लग जाते थे।
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वर्तमान में फिल्टर टिप्स सहित कुछ सामान की कमी के कारण दीनदयाल चिकित्सालय की लैब में आरटीपीसीआर जांच प्रभावित हो रही है। पहले यहां पर प्रतिदिन 1500 से 2000 तक जांचें हो जाती थीं। इस समय जांच संबंधी सामान की कमी के कारण मुश्किल से 100-150 जांचें हो रही हैं। दीनदयाल चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर का कहना है कि फंड की वजह से जांच प्रभावित हो रही है।
फंड के लिए तीन दिसंबर को सीएमओ के पास फाइल भेजी गई थी। 20 दिसंबर को कुछ सवालों के साथ फाइल वापस कर दी गई। दो दिन पहले प्रश्नों का जवाब देकर फाइल फिर सीएमओ आफिस भेज दी है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय का कहना है कि सीएमएस अस्पताल के स्तर से जरूरी सामान खरीद सकते हैं। फिल्टर टिप्स की पुरानी खरीद की जांच चल रही है। हम लोग जल्द ही समस्या का समाधान करा लेंगे।

ये है मामला...
तत्कालीन सीएमएस डॉ. एबी सिंह के समय में आरटीपीसीआर जांच के लिए फिल्टर टिप्स खरीदे गए थे। ऑडिट में कहा गया था कि 6-7 रुपये का फिल्टर टिप्स 17 रुपये में खरीदा गया है। इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई थी। यह खरीद कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुई थी। डॉ. एबी सिंह का स्थानांतरण दूसरे जनपद में होने के बाद डॉ. एसके उपाध्याय को पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय का सीएमएस बनाया गया। कुछ दिन बाद स्वास्थ्य कारणों से वह अवकाश पर चले गए। बाद में सीएमएस का कार्य करने से असमर्थता जताई। उसके बाद एसीएमओ डॉ. अनुपम भास्कर को सीएमएस का प्रभार सौंपा गया है।
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