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आरटीआई में सूचना न देना पड़ा महंगा
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सूचना का अधिकार अधिनियम मेें सूचना न देना ग्राम पंचायत नहल के सचिव एवं सूचना अधिकारी को भारी पड़ गया। तमाम नोटिसों का जवाब न देने और सूचना न देने के मामले में राज्य सूचना आयुक्त ने उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि चार किश्तों में उनके वेतन से वसूल करने के आदेश दिए हैं।
मामला वर्ष 2018 का है। अतरौली की ग्राम पंचायत नहल के बिंटू सिंह ने सूचना का अधिकार के तहत 18 दिसंबर 2018 को किसी मामले में जनसूचना अधिकारी कार्यालय खंड विकास अधिकारी अतरौली से सूचना मांगी थी। जन सूचना अधिकारी ने यह मामला सचिव ग्राम पंचायत नहल व जन सूचना अधिकारी नेमपाल को भेजा। सूचना न मिलने पर प्रार्थी ने आयोग के समक्ष द्वितीय अपील की गई। कई तिथियों पर सुनवाई हुई और आखिर में जन सूचना अधिकारी को नोटिस भी दिया गया, लेकिन वह आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
22 अक्तूबर 2019 को उन्हें एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने इसका भी जवाब नहीं दिया और न ही सूचना उपलब्ध करायी। इस मामले में राज्य सूचना आयुक्त राजीव कपूर ने आरोपी सचिव पर 25 हजार रुपया अधिरोपित करते हुए चार किश्तों में उनके वेतन से जुर्माने की राशि वसूल करने के आदेश जारी कर दिए।
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मामला वर्ष 2018 का है। अतरौली की ग्राम पंचायत नहल के बिंटू सिंह ने सूचना का अधिकार के तहत 18 दिसंबर 2018 को किसी मामले में जनसूचना अधिकारी कार्यालय खंड विकास अधिकारी अतरौली से सूचना मांगी थी। जन सूचना अधिकारी ने यह मामला सचिव ग्राम पंचायत नहल व जन सूचना अधिकारी नेमपाल को भेजा। सूचना न मिलने पर प्रार्थी ने आयोग के समक्ष द्वितीय अपील की गई। कई तिथियों पर सुनवाई हुई और आखिर में जन सूचना अधिकारी को नोटिस भी दिया गया, लेकिन वह आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
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22 अक्तूबर 2019 को उन्हें एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने इसका भी जवाब नहीं दिया और न ही सूचना उपलब्ध करायी। इस मामले में राज्य सूचना आयुक्त राजीव कपूर ने आरोपी सचिव पर 25 हजार रुपया अधिरोपित करते हुए चार किश्तों में उनके वेतन से जुर्माने की राशि वसूल करने के आदेश जारी कर दिए।
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