{"_id":"60ce49748ebc3e671070815a","slug":"rohingya-rafiq-amen-on-five-day-remand-city-office-news-ali2659750184","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच दिन की रिमांड पर रोहिंग्या रफीक-आमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच दिन की रिमांड पर रोहिंग्या रफीक-आमीन
विज्ञापन
फर्जी दस्तावेजों के सहारे अलीगढ़ में रहने के आरोपों में गिरफ्तार रोहिंग्या रफीक-आमीन को एटीएस ने पांच दिन के रिमांड पर लिया है। अभी उनसे उनके अलीगढ़ से लेकर पंजाब तक के कनेक्शन पर पूछताछ चल रही है। वहीं, दूसरे दिन पकड़े गए चार अन्य रोहिंग्या के रिमांड पर आने के बाद उनका आमना-सामना कराया जाएगा। इसके बाद सोना व महिला तस्करी का सच सामने आएगा। उन्हें रिमांड पर लेने के लिए एटीएस ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।
एटीएस ने अलीगढ़ यूनिट की मदद से बुधवार रात यहां के मकदूम नगर इलाके में 2012 से परिवार सहित रह रहे रफीक व आमीन को दबोचा था। उसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। शुक्रवार शाम उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। अब तक की पूछताछ में उनसे उनके अलीगढ़ से लेकर मेरठ व पंजाब तक के कनेक्शन पर पूछताछ चल रही है।
चूंकि, लॉकडाउन काल में रफीक अपने साथ नौ लोगों को लेकर काम करने पंजाब गया था। उस समय भी वह मेरठ के एजेंटों की मदद से ही पंजाब गया था। उसे पंजाब भेजने में व वहां काम दिलाने में किसने मदद की। फिर वहां से क्यों चला आया। इन तमाम विषयों पर पूछताछ हो रही है। इसके अलावा सोना व महिला तस्करी से जुड़े पहलुओं पर भी पूछताछ हो रही है।
विज्ञापन
इसके अलावा, एटीएस इस बात का भी इंतजार कर रही है कि मेरठ एटीएस द्वारा दबोचे गए चारों रोहिंग्या भी रिमांड पर आ जाएं तो दोनों ग्रुपों का आमना-सामना कराया जाएगा। ताकि सोना तस्करी व महिला तस्करी को लेकर सच सामने आ सके। सूत्रों के अनुसार अभी तक वे बहुत ज्यादा कुछ नहीं बता पाए हैं।
अलीगढ़ आता रहता था अजीजुर्रहमान
मेरठ एटीएस द्वारा बुलंदशहर, मेरठ व अलीगढ़ से शुक्रवार को चार रोहिंग्या दबोचे गए हैं। जिनमें एक अजीजुर्रहमान अलीगढ़ से पकड़ा गया। जांच में साफ हुआ कि वह अपने भाई के साथ मेरठ रहता था। मगर उसका अलीगढ़ आना जाना था। उसके अलीगढ़ आने-जाने का मकसद, यहां किन किन लोगों के अवैध दस्तावेज बनवाए, सोना व महिला तस्करी से अलीगढ़ का क्या लिंक है। इन विषयों पर उनके रिमांड पर आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
अलीगढ़ लौटी टीम, यहां खंगाले जा रहे सुराग
दोनों के रिमांड पर आने और प्रारंभिक पूछताछ के बाद अलीगढ़ एटीएस लखनऊ से यहां लौट आई है। अब वह यहां उनके कनेक्शन पर काम कर रही है। किन लोगों को अब तक उन्होंने अवैध दस्तावेजों का लाभ दिलवाया। और कितने लोग यहां अवैध दस्तावेजों की मदद से रह रहे हैं।
इन तमाम विषयों पर काम करना है। साथ में सोना व महिला तस्करी के सुराग भी निकालने हैं। इसके अलावा इनके फरार सरगना बिलाल व उसके साथ गायब लोगों के विषय में भी अलीगढ़ से ही इनपुट खंगालना है। इसके अलावा यह भी जानकारी करनी है कि वे कौन नौ लोग थे, जिन्हें रफीक अपने साथ पंजाब लेकर गया था।
विज्ञापन
एटीएस ने अलीगढ़ यूनिट की मदद से बुधवार रात यहां के मकदूम नगर इलाके में 2012 से परिवार सहित रह रहे रफीक व आमीन को दबोचा था। उसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। शुक्रवार शाम उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। अब तक की पूछताछ में उनसे उनके अलीगढ़ से लेकर मेरठ व पंजाब तक के कनेक्शन पर पूछताछ चल रही है।
विज्ञापन
चूंकि, लॉकडाउन काल में रफीक अपने साथ नौ लोगों को लेकर काम करने पंजाब गया था। उस समय भी वह मेरठ के एजेंटों की मदद से ही पंजाब गया था। उसे पंजाब भेजने में व वहां काम दिलाने में किसने मदद की। फिर वहां से क्यों चला आया। इन तमाम विषयों पर पूछताछ हो रही है। इसके अलावा सोना व महिला तस्करी से जुड़े पहलुओं पर भी पूछताछ हो रही है।
विज्ञापन
इसके अलावा, एटीएस इस बात का भी इंतजार कर रही है कि मेरठ एटीएस द्वारा दबोचे गए चारों रोहिंग्या भी रिमांड पर आ जाएं तो दोनों ग्रुपों का आमना-सामना कराया जाएगा। ताकि सोना तस्करी व महिला तस्करी को लेकर सच सामने आ सके। सूत्रों के अनुसार अभी तक वे बहुत ज्यादा कुछ नहीं बता पाए हैं।
अलीगढ़ आता रहता था अजीजुर्रहमान
मेरठ एटीएस द्वारा बुलंदशहर, मेरठ व अलीगढ़ से शुक्रवार को चार रोहिंग्या दबोचे गए हैं। जिनमें एक अजीजुर्रहमान अलीगढ़ से पकड़ा गया। जांच में साफ हुआ कि वह अपने भाई के साथ मेरठ रहता था। मगर उसका अलीगढ़ आना जाना था। उसके अलीगढ़ आने-जाने का मकसद, यहां किन किन लोगों के अवैध दस्तावेज बनवाए, सोना व महिला तस्करी से अलीगढ़ का क्या लिंक है। इन विषयों पर उनके रिमांड पर आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
अलीगढ़ लौटी टीम, यहां खंगाले जा रहे सुराग
दोनों के रिमांड पर आने और प्रारंभिक पूछताछ के बाद अलीगढ़ एटीएस लखनऊ से यहां लौट आई है। अब वह यहां उनके कनेक्शन पर काम कर रही है। किन लोगों को अब तक उन्होंने अवैध दस्तावेजों का लाभ दिलवाया। और कितने लोग यहां अवैध दस्तावेजों की मदद से रह रहे हैं।
इन तमाम विषयों पर काम करना है। साथ में सोना व महिला तस्करी के सुराग भी निकालने हैं। इसके अलावा इनके फरार सरगना बिलाल व उसके साथ गायब लोगों के विषय में भी अलीगढ़ से ही इनपुट खंगालना है। इसके अलावा यह भी जानकारी करनी है कि वे कौन नौ लोग थे, जिन्हें रफीक अपने साथ पंजाब लेकर गया था।